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डिपासाई में विस्थापितों का उबाल

On: March 29, 2026 6:37 PM
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ग्राम सभा की अनदेखी पर सेल प्रबंधन के खिलाफ एकजुट हुए ग्रामीण, आंदोलन तेज करने का ऐलान

गुवा संवाददाता।
गुवा बाजार स्थित डिपासाई में शनिवार देर शाम विस्थापितों की एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें सेल प्रबंधन की कार्रवाई के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज किया गया। बैठक की अध्यक्षता गुवासाई के मुंडा मंगल पूर्ती ने की। बड़ी संख्या में विस्थापित परिवारों के लोग इसमें शामिल हुए और अपने अधिकारों को लेकर एकजुटता दिखाई।

“ग्राम सभा की अनुमति के बिना नहीं चलेगा कोई प्रोजेक्ट”

बैठक को संबोधित करते हुए मुंडा मंगल पूर्ती ने साफ शब्दों में कहा कि गुवा क्षेत्र में सेल प्रबंधन द्वारा नए प्रोजेक्ट की तैयारी की जा रही है, लेकिन किसी भी योजना को लागू करने या विस्थापितों को हटाने से पहले ग्राम सभा की अनुमति लेना अनिवार्य है।
उन्होंने कहा कि झारखंड में पेसा कानून लागू है, जिसके तहत ग्राम सभा और मुंडा समिति की सहमति के बिना कोई भी विकास कार्य नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद सेल प्रबंधन लगातार इस कानून की अनदेखी कर रहा है, जो आदिवासी अधिकारों का सीधा उल्लंघन है।

सोमवार को उपायुक्त के समक्ष करेंगे विरोध प्रदर्शन

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सभी विस्थापित सोमवार को उपायुक्त के समक्ष अपनी समस्याओं और विरोध को मजबूती से रखेंगे। ग्रामीणों ने कहा कि यदि उनकी बात नहीं सुनी गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

“पहले बसाया, अब उजाड़ा जा रहा”

ग्रामीणों ने बैठक में यह भी आरोप लगाया कि पहले कंपनी द्वारा ही उन्हें इस क्षेत्र में बसाया गया था, लेकिन वर्ष 2000 में सेल द्वारा गुवा खदान को लीज पर लेने के बाद से लगातार विस्थापन की प्रक्रिया जारी है।
लोगों का कहना है कि वर्षों से बसे परिवारों को अब बिना उचित पुनर्वास के हटाया जा रहा है, जिससे उनका जीवन संकट में पड़ गया है।

पुनर्वास पर बड़ा सवाल: 500 के बदले सिर्फ 184 घर

नोवामुंडी भाग-एक की जिला परिषद सदस्य सुश्री देवकी कुमारी ने बैठक में कहा कि सेल प्रबंधन द्वारा विस्थापितों के लिए मात्र 184 घर बनाए गए हैं, जबकि लगभग 500 लोगों को हटाया जा रहा है।
उन्होंने सवाल उठाया कि बाकी लोगों का क्या होगा? यह स्पष्ट करता है कि पुनर्वास की योजना अधूरी और असंतुलित है। उन्होंने मांग की कि नए सिरे से सर्वे कर सभी प्रभावित परिवारों को उचित तरीके से बसाया जाए।

संघर्ष का संकल्प: “अधिकार नहीं छोड़ेंगे”

बैठक के अंत में सभी विस्थापितों ने एकजुट होकर अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक ग्राम सभा की सहमति और पूर्ण पुनर्वास सुनिश्चित नहीं होता, तब तक वे किसी भी कार्रवाई का विरोध करते रहेंगे।

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