एक वर्ष में पांच पुरस्कार जीतकर लिजा शमीम ने बढ़ाया क्षेत्र का मान
रिपोर्ट: शैलेश सिंह
झारखंड-ओडिशा सीमा से सटे छोटे से कस्बे जैंतगढ़ की बेटियों ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा किसी बड़े शहर की मोहताज नहीं होती। सीमित संसाधनों के बावजूद यहां की बेटियां शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। इसी कड़ी में जैंतगढ़ निवासी शम्मा बानो और एन. अहमद की सुपुत्री लिजा शमीम ने अपनी अद्भुत उपलब्धियों से पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है।

एक साल, पांच बड़ी उपलब्धियां
केरला इंग्लिश मीडियम स्कूल, चंपुआ की कक्षा सातवीं की छात्रा लिजा शमीम ने अकादमिक वर्ष 2026-27 में एक नहीं बल्कि पूरे पांच पुरस्कार अपने नाम कर यह दिखा दिया कि मेहनत और लगन से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
कक्षा छह में पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए लगातार सफलता हासिल की, जो उनके उज्ज्वल भविष्य का संकेत है।
वर्ल्ड बिगेस्ट ओलंपियाड में चमकी लिजा
लिजा ने वर्ल्ड बिगेस्ट ओलंपियाड के अंतर्गत आयोजित एसओएफ (SOF) आईसीएसओ परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए
* क्लास टॉपर
* और पूरे स्कूल में थर्ड टॉपर बनने का गौरव हासिल किया।
इस उपलब्धि पर उन्हें संस्था की ओर से मेडल और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। यह सफलता न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे जैंतगढ़ क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बन गई है।
भाषण से लेकर विज्ञान तक हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन
लिजा शमीम की प्रतिभा सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में अपनी क्षमता का लोहा मनवाया है—
* 🇮🇳 स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के अवसर पर इंग्लिश स्पीच प्रतियोगिता में अनुमंडल स्तर पर तृतीय स्थान
* 🧠 यूएसओ नेशनल ओलंपियाड में टॉपर
* 🌱 ग्रीन ओलंपियाड में सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन
* 🔬 एनएसओ (विज्ञान ओलंपियाड) में शानदार उपलब्धि
इन सभी प्रतियोगिताओं में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें प्रमाण पत्र और सम्मान प्रदान किया गया।
अनुशासन और मेहनत है सफलता का मंत्र
अपनी सफलता के पीछे का राज बताते हुए लिजा शमीम कहती हैं—
“मैं नियमित और अनुशासित अध्ययन में विश्वास करती हूं। मेरे शिक्षक, माता-पिता और भाई का पूरा सहयोग मुझे लगातार आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।”
जैंतगढ़ की बेटियों के जज्बे को सलाम
लिजा शमीम की यह सफलता जैंतगढ़ जैसे छोटे कस्बे के लिए एक बड़ी प्रेरणा है। यह साबित करती है कि अगर लगन सच्ची हो तो छोटे स्थान से भी बड़े सपने पूरे किए जा सकते हैं।
आज लिजा शमीम न सिर्फ अपने परिवार का बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन कर रही हैं। उनकी उपलब्धियां आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेंगी।












