न्यूनतम मजदूरी से वंचित कर्मियों के लिए 21 अप्रैल को होगी अहम बैठक
गुवा संवाददाता।
गुवा अयस्क खान में कार्यरत मजदूरों के शोषण का गंभीर मामला सामने आया है। झारखंड मजदूर संघर्ष संघ यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष रामा पांडे ने सहायक श्रम आयुक्त (एएलसी) को पत्र लिखकर खान क्षेत्र में काम कर रहे श्रमिकों के साथ हो रहे कथित अन्याय और श्रम कानूनों के उल्लंघन का आरोप लगाया है।

वर्षों से एक ही संस्था के भरोसे महत्वपूर्ण कार्य
अपने पत्र में रामा पांडे ने बताया कि गुवा अयस्क खान के वित्त व लेखा विभाग सहित अन्य महत्वपूर्ण कंप्यूटरीकृत कार्यों की जिम्मेदारी वर्षों से मेसर्स जे.बी.टी संस्था को सौंपी गई है। इस संस्था के अधीन कई कर्मी लगातार कार्य कर रहे हैं और खान के संचालन में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
मेहनत पूरी, लेकिन वेतन अधूरा
यूनियन का आरोप है कि इन कर्मियों द्वारा पूरी निष्ठा, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के बावजूद उन्हें उनके कार्य के अनुरूप उचित पारिश्रमिक नहीं मिल रहा है। कर्मचारियों को न तो संतोषजनक वेतन दिया जा रहा है और न ही उनके श्रम का सही मूल्यांकन किया जा रहा है।
न्यूनतम मजदूरी कानून का उल्लंघन
रामा पांडे ने स्पष्ट आरोप लगाया कि मेसर्स जे.बी.टी संस्था द्वारा मजदूरों को भारत सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी के अनुरूप भुगतान नहीं किया जा रहा है। यह सीधा-सीधा श्रम कानूनों का उल्लंघन है, जिससे मजदूर आर्थिक शोषण का शिकार हो रहे हैं।
यूनियन ने उठाई निष्पक्ष जांच की मांग
मामले की गंभीरता को देखते हुए यूनियन ने एएलसी पदाधिकारी से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही दोषी संस्था के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और मजदूरों को उनका वैधानिक अधिकार दिलाने की अपील की गई है।
21 अप्रैल को निर्णायक बैठक
इस पूरे मामले को संज्ञान में लेते हुए एएलसी पदाधिकारी ने 21 अप्रैल को एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। इस बैठक में संबंधित संस्था, यूनियन प्रतिनिधि और अन्य पक्षों को उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है, ताकि मजदूरों की समस्याओं का ठोस समाधान निकाला जा सके।
मजदूरों की नजर अब प्रशासन पर
अब गुवा के मजदूरों की नजर एएलसी द्वारा बुलाई गई इस बैठक पर टिकी है। उम्मीद की जा रही है कि इस बैठक में न सिर्फ सच्चाई सामने आएगी, बल्कि वर्षों से चले आ रहे कथित शोषण पर भी लगाम लगेगी।














