24 घंटे में पुलिस का एक्शन, चोरी का राज बेनकाब
रिपोर्ट: शैलेश सिंह / संदीप गुप्ता
पश्चिम सिंहभूम जिले के बड़ाजामदा बाजार में दो मोबाइल दुकानों में हुई चोरी की घटना का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर सफल खुलासा कर दिया। इस त्वरित कार्रवाई ने एक बार फिर स्थानीय पुलिस की सक्रियता और तत्परता को साबित कर दिया है।

गुप्त सूचना पर जंगल से दबोचे गए आरोपी
बड़ाजामदा थाना प्रभारी बालेश्वर उरांव ने प्रेस वार्ता में बताया कि 11 अप्रैल 2026 को दर्ज मामले में पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी करते हुए तीन नाबालिग आरोपियों को गिरफ्तार किया।
तीनों आरोपी बड़ाजामदा थाना क्षेत्र के बोकना गांव के निवासी हैं और इन्हें गांव के समीप जंगल से पकड़ा गया।
चोरी के मोबाइल बरामद, आरोपियों ने कबूला जुर्म
पुलिस की सख्ती और पूछताछ के दौरान तीनों नाबालिगों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने चोरी किए गए कुल छह मोबाइल फोन बरामद कर लिए हैं।
कांड संख्या 15/26 दर्ज, जांच जारी
इस मामले में बड़ाजामदा थाना में कांड संख्या 15/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया गया है। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों और चोरी के बाकी मोबाइलों की तलाश में जुटी हुई है।
बाल सुधार गृह भेजे गए आरोपी
कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद तीनों नाबालिगों को हिरासत में लेकर चाईबासा स्थित बाल सुधार गृह भेज दिया गया है।
आधी रात को टूटा था दुकानों का ताला
गौरतलब है कि 10 अप्रैल की मध्य रात्रि को अज्ञात चोरों ने बड़ाजामदा बाजार स्थित दो मोबाइल दुकानों का ताला तोड़कर करीब 10 मोबाइल फोन चोरी कर लिए थे।
11 अप्रैल को दुकानदारों द्वारा थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी।
पुलिस की तेजी से लोगों में भरोसा कायम
घटना के तुरंत बाद की गई कार्रवाई और मामले के त्वरित खुलासे से स्थानीय दुकानदारों और आम लोगों में राहत की भावना देखी जा रही है।
लोगों ने पुलिस की सक्रियता की सराहना करते हुए कहा कि इससे क्षेत्र में अपराधियों के मनोबल पर निश्चित रूप से असर पड़ेगा।
सवाल भी बरकरार
हालांकि इस खुलासे के बाद भी कुछ सवाल खड़े हो रहे हैं—
* बाकी चोरी गए मोबाइल कहां हैं?
* क्या इस गिरोह में और लोग भी शामिल हैं?
* नाबालिगों का अपराध की ओर झुकाव किन कारणों से बढ़ रहा है?
पुलिस इन सभी पहलुओं पर गहन जांच में जुटी हुई है।
बड़ाजामदा मोबाइल चोरी कांड का खुलासा पुलिस की तत्परता का उदाहरण है, लेकिन यह घटना समाज में बढ़ते किशोर अपराध की ओर भी इशारा करती है, जिस पर गंभीर चिंतन की आवश्यकता है।













