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  गंगदा पंचायत में गांधी-शास्त्री जयंती पर सरकारी कर्मियों की गैरहाजिरी से भड़का ग्रामीणों का आक्रोश

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निमंत्रण के बावजूद अधिकांश शिक्षक, सेविका-सहायिका व अन्य कर्मी नहीं पहुंचे; ग्रामीणों ने ग्रामसभा में प्रस्ताव पारित कर कार्रवाई की चेतावनी दी

रिपोर्ट: शैलेश सिंह

गंगदा/सारंडा। सारंडा के गंगदा पंचायत अंतर्गत दुईया स्थित पंचायत भवन कार्यालय प्रांगण में 2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं देश के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। मुखिया सुखराम उर्फ राजू सांडिल के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में पंचायत के जनप्रतिनिधियों, गणमान्य ग्रामीणों एवं महिलाओं ने दोनों महापुरुषों की तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

निमंत्रण के बावजूद अधिकांश कर्मी रहे अनुपस्थित

कार्यक्रम में पंचायत क्षेत्र के सभी स्कूलों के शिक्षक-शिक्षिकाओं, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका, एएनएम, जल सहिया सहित अन्य संबंधित कर्मियों को आमंत्रित किया गया था। ग्रामीणों के अनुसार, इसके बावजूद कार्यक्रम में कोई शिक्षक अथवा सेविका शामिल नहीं हुईं। केवल कुछ सहायिका, दो एएनएम और एक जल सहिया की मौजूदगी रही।

राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर पंचायत भवन में आयोजित कार्यक्रम में संबंधित कर्मियों की बड़ी संख्या में अनुपस्थिति को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखी गई।

‘जब बुलाया गया था, फिर भी नहीं आए तो सवाल उठना स्वाभाविक’

ग्रामीणों का कहना था कि पंचायत में शिक्षा, स्वास्थ्य, आंगनबाड़ी और ग्रामीण सुविधाओं से जुड़े कार्यों में संबंधित कर्मियों की सक्रिय भागीदारी बेहद जरूरी है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुछ कर्मी पहले से ही अपने दायित्वों के निर्वहन में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाते हैं, जिससे पंचायत के बच्चों, स्वास्थ्य सेवाओं पर निर्भर ग्रामीणों, आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों और गर्भवती महिलाओं से जुड़ी समस्याओं का समय पर समाधान नहीं हो पाता।

ग्रामीणों ने कहा कि 2 अक्टूबर जैसे राष्ट्रीय महत्व के अवसर पर सभी संबंधित लोगों को बाकायदा आमंत्रित किए जाने के बावजूद उनकी अनुपस्थिति ने मामले को और गंभीर बना दिया है।

हर गांव में ग्रामसभा कराने की तैयारी

ग्रामीणों ने कहा कि अब पंचायत के प्रत्येक गांव में ग्रामसभा आयोजित कर शिक्षा, स्वास्थ्य और बाल विकास से जुड़े कार्यों में कथित रूप से निष्क्रिय रहने वाले कर्मियों की कार्यप्रणाली पर चर्चा की जाएगी। ग्रामीणों के अनुसार, यदि ग्रामसभा में ऐसे कर्मियों के खिलाफ प्रस्ताव पारित होता है तो उसे सरकार एवं प्रशासन के संबंधित अधिकारियों को भेजकर कार्रवाई की मांग की जाएगी।

कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी

ग्रामीणों ने कहा कि ग्रामसभा के माध्यम से संबंधित विभागों एवं प्रशासन को स्थिति से अवगत कराया जाएगा। इसके बावजूद यदि कथित तौर पर लापरवाह या निष्क्रिय कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती है, तो ग्रामीणों की ओर से बड़े आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।

ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी कर्मचारी को व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाना नहीं, बल्कि पंचायत में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और जनसेवा से जुड़ी सरकारी व्यवस्थाओं को प्रभावी एवं जवाबदेह बनाना है।

कार्यक्रम में ये रहे मौजूद

गांधी-शास्त्री जयंती कार्यक्रम में मुखिया राजू सांडिल, उप मुखिया साधो चांपिया, पंचायत समिति सदस्य रामेश्वर चांपिया, वार्ड सदस्य कुदा चांपिया, भानु चांपिया, मरियम चांपिया, जीरेन बरवा, मुंडा जानुम सिंह चेरोवा, पंचायत सचिव बसंत कुमार पान, रोजगार सेवक मांगता बोदरा, सहिया सुनीता सोरेन, जल सहिया बसंती कुई, दुईया की एएनएम जगरानी केरकेट्टा, रोआम की एएनएम स्वाती कुमारी, एस्पायर संस्था के लखन सुरीन, फिया फाउंडेशन के जितेंद्र चांपिया, मदन सुरीन, बागी चांपिया, रामो सिद्धू, बिरंची चांपिया सहित ग्रामीण मौजूद रहे।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के आदर्शों को याद करते हुए पंचायत के विकास, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनसेवा के क्षेत्र में सामूहिक भागीदारी का संकल्प लिया।

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