अन्याय और शोषण अब बर्दाश्त नहीं, खदान प्रबंधन को दी चेतावनी – मांगें पूरी करो या आंदोलन तेज होगा
रिपोर्ट: शैलेश सिंह।
सेल की मेघाहातुबुरू खदान प्रबंधन की मनमानी और लापरवाही के खिलाफ मजदूर अब सड़कों पर उतर आए हैं। झारखंड मजदूर संघर्ष संघ की मेघाहातुबुरू इकाई ने 19 सितंबर को जोरदार प्रदर्शन कर प्रबंधन को कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि अगर मजदूरों की मांगें तत्काल पूरी नहीं की गईं, तो आंदोलन और उग्र होगा।

मजदूरों ने रखीं अपनी ठोस मांगें
प्रदर्शन के दौरान मजदूरों ने साफ कहा कि अब छलावा नहीं चलेगा। उनकी मांगें बिल्कुल स्पष्ट और जायज हैं:
- PRP के आधार पर मजदूरों को बोनस दिया जाए।
- मेघाहातुबुरू क्लीनिक में स्थायी डॉक्टर की नियुक्ति की जाए। डॉ. मनोज मेघाहातुबुरू हेड में हैं। उन्हें यहां लाया जाए। यहां के मरीजों को भगवान भरोसे छोड़ना बर्दाश्त नहीं।
- ठेका मजदूरों को भी बोनस का लाभ मिले।
- आवासीय कॉलोनी में अनावश्यक बिजली कटौती बंद हो और बिजली व्यवस्था दुरुस्त की जाए।
- एक्जीक्यूटिव की तरह मजदूरों को भी विशेष CL (CL Encashment) की सुविधा मिले।
- सिविल विभाग की लचर व्यवस्था को तुरंत ठीक किया जाए, अन्यथा उसका घेराव होगा।
- ठेका मजदूरों से दबाव बनाकर जबरन काम करवाने की प्रथा तत्काल रोकी जाए।
“अब और सहन नहीं होगा अन्याय”
प्रदर्शन कर रहे मजदूर नेताओं ने कहा कि प्रबंधन वर्षों से उनकी समस्याओं को नजरअंदाज कर रहा है। खदान के अधिकारी मजदूरों के खून-पसीने से खेल रहे हैं। ठेका मजदूरों के साथ लगातार शोषण हो रहा है और स्थायी मजदूरों की भी सुविधाएं छीनी जा रही हैं। यह सीधा अन्याय है और अब मजदूर चुप नहीं बैठेंगे।
आंदोलन की चेतावनी
संघ के नेताओं ने ऐलान किया कि अगर प्रबंधन ने तुरंत ठोस कदम नहीं उठाए तो आंदोलन का दायरा और बड़ा होगा। सिविल विभाग के खिलाफ घेराव से लेकर खदान बंदी तक की रणनीति बनाई जाएगी। उन्होंने साफ कहा – “मजदूरों को उनका हक दिलाकर रहेंगे, चाहे इसके लिए हमें किसी भी हद तक क्यों न जाना पड़े।”

प्रदर्शन में रहे कई मजदूर नेता मौजूद
इस प्रदर्शन में संघ के प्रमुख नेता अफताब आलम, इंतखाब आलम, दयानंद कुमार, अमित राउत और सोमनाथ साहू, आलम अंसारी, कुलदीप सिंह, अमरनाथ यादव, कामता प्रसाद, राजेश बनर्जी, अजीत गोप, राम हेस्सा, शैलेश बारी, अमर ज्योति, राज नारायण शर्मा, शशि नाग, नसीम, बिलारमन कंडुलना, आदि बहुत संख्या में मजदूर शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में कहा कि जब तक प्रबंधन मजदूरों की समस्याओं का समाधान नहीं करता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।














