गांधी-शास्त्री जयंती पर दौड़ के माध्यम से दिया सत्य, अहिंसा और स्वास्थ्य का संदेश
गुवा संवाददाता।
नोवामुंडी स्थित टाटा डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल में गांधी जयंती एवं लाल बहादुर शास्त्री जयंती के उपलक्ष्य में सोमवार को “रन फॉर डी.ए.वी.” मिनी मैराथन का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर देशभक्ति और उत्साह से गूंज उठा।

विद्यार्थियों और शिक्षकों ने दिखाया उत्साह
करीब 200 विद्यार्थियों, शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मचारियों ने इस मैराथन में बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य था—समाज में गांधी जी के सत्य और अहिंसा के संदेश को फैलाना तथा स्वस्थ समाज के निर्माण की परिकल्पना को साकार करना।
प्रतियोगिताओं की श्रृंखला से बढ़ा कार्यक्रम का महत्व
सी.सी.ए प्रभारी देवेंद्र देव ने बताया कि इस विशेष अवसर को यादगार बनाने के लिए विद्यालय में बीते सप्ताह के दौरान चित्रांकन, पोस्टर मेकिंग, स्लोगन लेखन, निबंध लेखन और कूट प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। बच्चों ने इन प्रतियोगिताओं में भी शानदार प्रदर्शन कर गांधीवादी विचारों को रचनात्मक रूप में प्रस्तुत किया।
प्राचार्य ने दिखाई हरी झंडी
विद्यालय के प्राचार्य प्रशांत कुमार भूयान ने हरी झंडी दिखाकर मिनी मैराथन की शुरुआत की। इस दौरान विद्यार्थियों में उत्साह देखते ही बनता था।
यह दौड़ विद्यालय प्रांगण से शुरू होकर न्यू टाउनशिप के हवा महल तक गई और पुनः विद्यालय प्रांगण में समाप्त हुई।

अभिभावकों की भागीदारी ने बढ़ाया आकर्षण
इस मैराथन की सबसे खास बात रही कि इसमें न सिर्फ कक्षा 6 से 12 तक के छात्र-छात्राओं ने, बल्कि कई अभिभावकों ने भी हिस्सा लिया। दौड़ के दौरान ‘रन फॉर हेल्थ, रन फॉर नेशन’ जैसे नारों से पूरा इलाका गूंज उठा।
राष्ट्रव्यापी आयोजन का हिस्सा
प्राचार्य भूयान ने बताया कि यह आयोजन केवल नोवामुंडी तक सीमित नहीं है। बल्कि देश और विदेश में संचालित लगभग 950 डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल, 74 पीजी कॉलेज, मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेज तथा डी.ए.वी. विश्वविद्यालय, जालंधर—सभी में डी.ए.वी. कॉलेज मैनेजिंग कमेटी, नई दिल्ली के निर्देशन में यह ‘रन फॉर डी.ए.वी.’ मैराथन आयोजित की जा रही है।
यह कार्यक्रम एक पखवाड़े तक चलेगा, जिसका उद्देश्य छात्रों में शारीरिक चेतना, सामाजिक जागरूकता और राष्ट्रीय एकता की भावना को प्रोत्साहित करना है।
गांधी और शास्त्री के आदर्शों को जीने का संदेश
प्राचार्य भूयान ने अपने संबोधन में कहा—
“महात्मा गांधी हमारे राष्ट्रपिता थे। उन्होंने न केवल सत्य और अहिंसा का संदेश दिया बल्कि स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मन की संकल्पना को भी विद्यालयी शिक्षा का हिस्सा माना। दौड़ना केवल शरीर को नहीं, बल्कि मस्तिष्क को भी सशक्त करता है।”
उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे आयोजनों से छात्र-छात्राओं में प्रतिस्पर्धा, अनुशासन और सहयोग की भावना पनपती है, जो जीवन के हर क्षेत्र में सफलता का आधार होती है।

अनुशासन और सहयोग की सराहना
मैराथन के सफल संचालन में क्रीड़ा शिक्षक हर्ष धनवार, शिक्षक पवित्र शंकर पात्र, मानस रंजन मिश्र, आदित्य देवगन, अंतरा चौधरी आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी शिक्षकों ने बच्चों को मार्गदर्शन और सुरक्षा प्रदान की।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ
कार्यक्रम का समापन शांति पाठ और राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस अवसर पर राजेश राम ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। उन्होंने कहा कि विद्यालय परिवार इस आयोजन के माध्यम से गांधी और शास्त्री जी की प्रेरणाओं को आगे बढ़ा रहा है।













