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गुवा, किरीबुरू, बड़ाजामदा में सूर्य उपासना का महापर्व छठ श्रद्धा व उल्लास के साथ संपन्न

On: October 28, 2025 10:54 AM
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उदीयमान सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर पूर्ण हुआ लोकआस्था का पर्व, घाटों पर गूंजे छठ गीत

गुवा/किरीबुरू संवाददाता।
गुवा, बड़ाजामदा, किरीबुरू और आसपास के क्षेत्रों में सूर्य उपासना का महापर्व छठ मंगलवार की अहले सुबह श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। व्रतियों ने उदीयमान भास्कर को अर्घ्य अर्पित कर लोकआस्था के इस चार दिवसीय पर्व का समापन किया।


36 घंटे के निर्जला उपवास के बाद अर्पित हुआ अर्घ्य

अर्घ्य के साथ ही व्रतियों का 36 घंटे का कठिन निर्जला उपवास पूर्ण हुआ। सूर्योदय के समय घाटों पर ‘उठे सूरज देव’ के जयघोष गूंज उठे। पूजा के उपरांत व्रतियों ने शर्बत ग्रहण कर उपवास तोड़ा, वहीं उपस्थित महिला श्रद्धालुओं ने आंचल में प्रसाद लेकर व्रतियों का आशीर्वाद प्राप्त किया।


छठ घाटों पर उमड़ी भक्ति और आस्था की भीड़

गुवा के कारो नदी घाट, बड़ा जामदा घाट, किरीबुरू तालाब सहित सभी प्रमुख छठ घाटों पर हजारों श्रद्धालु एकत्रित हुए। वातावरण पूरी तरह भक्तिमय था।
स्थानीय कलाकारों द्वारा छठ गीतों की प्रस्तुति ने माहौल को और भी अधिक आस्था से भर दिया —

“केलवा के पात पर उगले सूरज देव”
जैसे गीतों से घाट गूंज उठे।


गंगा आरती का भव्य आयोजन बना आकर्षण का केंद्र

गुवा के समाजसेवियों की पहल पर इस वर्ष पहली बार गंगा आरती का भव्य आयोजन किया गया। इसे बनारस से आए विद्वान पंडितों ने संपन्न कराया। दीपों की लौ और मंत्रोच्चारण से पूरा घाट परिसर एक पवित्र ऊर्जा से आलोकित हो उठा। श्रद्धालुओं ने इस आयोजन को “गुवा की नई सांस्कृतिक पहचान” बताया।


बड़ाजामदा और किरीबुरू में भी छठ की धूम

बड़ाजामदा के नालदा घाट और बाजार स्थित पोखरा घाट पर भी श्रद्धालुओं की अपार भीड़ उमड़ी। सभी ने उदीयमान सूर्य को अर्घ्य अर्पित करते हुए अपने परिवार, समाज और देश की सुख-शांति तथा समृद्धि की कामना की।


अस्ताचलगामी सूर्य को दिया गया पहला अर्घ्य

सोमवार की शाम अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने के दौरान भी घाटों पर श्रद्धालुओं की अपार भीड़ रही। महिलाएं पीले और नारंगी वस्त्रों में पारंपरिक बांस की सूप में ठेकुआ, केला, गन्ना और नारियल सजाकर सूर्य देव को अर्पित करती दिखीं।


कारो नदी घाट पर उत्सव जैसा माहौल

गुवा के कारो नदी घाट पर छठ पूजा एक पर्व से बढ़कर उत्सव का रूप ले चुकी थी। दीपों की कतार, छठ गीतों की गूंज और लोगों की आस्था ने वातावरण को अद्भुत बना दिया।


सुरक्षा व्यवस्था में जुटे रहे पुलिस अधिकारी

पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की कमान गुवा थाना प्रभारी नीतीश कुमार ने संभाली। वे स्वयं घाटों का निरीक्षण करते रहे और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था नहीं होने दी। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने उनके नेतृत्व में हुई शांतिपूर्ण व्यवस्था की सराहना की।


लोकआस्था और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक पर्व

छठ सिर्फ धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि लोकसंस्कृति का जीवंत प्रतीक है — जहां लोग सूर्य देव से केवल व्यक्तिगत नहीं, सामूहिक कल्याण की भी कामना करते हैं। गुवा से लेकर बड़ाजामदा तक इस वर्ष का छठ पर्व भक्ति, अनुशासन और सामुदायिक एकता का अद्भुत उदाहरण बन गया।


“सूर्यदेव के आशीर्वाद से हर घर में सुख-समृद्धि आए” — व्रतियों की कामना

अर्घ्य अर्पण के बाद व्रतियों ने एक स्वर में कहा —

“हम सबकी यही प्रार्थना है कि सूर्यदेव की कृपा से हर घर में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहे।”

SINGHBHUMHALCHAL NEWS

सिंहभूम हलचल न्यूज़ एक स्थानीय समाचार मंच है, जो पश्चिमी सिंहभूम, झारखंड से सटीक और समय पर समाचार प्रदान करने के लिए समर्पित है। यह राजनीति, अपराध, मौसम, संस्कृति और सामुदायिक मुद्दों को हिंदी में कवर करता है।

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