कुलापू बुरू के जंगल में नक्सलियों के साथ घंटों चली मुठभेड़, दो लैपटॉप, एफएम रेडियो, विस्फोटक और आईईडी सहित कई घातक सामान मिले
रिपोर्ट शैलेश सिंह।
सारंडा के घने जंगल एक बार फिर गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठे। पश्चिम सिंहभूम जिले के जराईकेला थाना क्षेत्र अंतर्गत कुलापू बुरू, सारंडा वन क्षेत्र में 06 नवम्बर 2025 को झारखण्ड पुलिस और 209 कोबरा बटालियन के बीच चले संयुक्त अभियान के दौरान नक्सलियों के साथ भीषण मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ के बाद तलाशी अभियान में भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद, विस्फोटक और नक्सली साहित्य बरामद किया गया है।

🔥 घंटों चली मुठभेड़, जंगल में धमाकों की गूंज
सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा बलों को क्षेत्र में नक्सलियों की गतिविधियों की गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस और कोबरा बटालियन की संयुक्त टीम ने सघन सर्च ऑपरेशन शुरू किया। कुलापू बुरू के पहाड़ी इलाके में घात लगाकर बैठे नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद दोनों ओर से घंटों तक गोलाबारी चलती रही।
सुरक्षा बलों ने पूरी रणनीति के साथ जवाबी कार्रवाई की और नक्सलियों को भागने पर मजबूर कर दिया। मुठभेड़ स्थल से नक्सलियों के ठिकाने से बड़ी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद हुए।
💣 बरामद हथियार और विस्फोटक सामग्री
तलाशी अभियान के दौरान जो सामग्री बरामद की गई, उसका विवरण निम्नलिखित है —
- एस.एल.आर. राइफल – 2
- .303 राइफल – 1
- ए.के.-47 के जीवित कारतूस – 37
- एस.एल.आर. के कारतूस – 78
- .303 के कारतूस – 130
- 7.62 एम.एम. मैगजीन – 1
- एस.एल.आर. मैगजीन – 2
- .303 मैगजीन – 1
- जिलेटिन पैकेट – 6 (कुल 16.68 किग्रा)
- डिटोनेटर सहित तैयार जिलेटिन आईईडी – 13
- इलेक्ट्रिक डिटोनेटर – 10
- नॉन-इलेक्ट्रिक डिटोनेटर – 5
- रेडियो सेट – 5
- इंटरसेप्टर – 2
- सिरिंज – 24
- आईईडी हेतु प्लास्टिक पाइप (6″) – 20
- लैपटॉप (ASUS) – 1
- लैपटॉप (Lenovo) – 1
- एफ.एम. रेडियो – 11
- अन्य नक्सली साहित्य और उपकरण
🧨 बड़ी साजिश के संकेत
बरामद सामग्री यह संकेत देती है कि नक्सली इस क्षेत्र में आईईडी विस्फोट जैसी बड़ी साजिश रचने की फिराक में थे। जिलेटिन, डिटोनेटर, रेडियो सेट और प्लास्टिक पाइप की बरामदगी यह दर्शाती है कि नक्सली दल सुरक्षाबलों को निशाना बनाने की योजना बना रहे थे।
🚔 अभियान जारी, नक्सलियों की तलाश तेज
झारखण्ड पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इलाके में अभी भी सघन सर्च ऑपरेशन जारी है। पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम जंगल के अंदरूनी हिस्सों में लगातार तलाशी अभियान चला रही है ताकि किसी भी शेष नक्सली तत्व को पकड़ा जा सके।
अधिकारी ने कहा, “हमारा लक्ष्य सारंडा क्षेत्र से नक्सलियों का पूर्ण उन्मूलन करना है। इलाके में उनकी पुनः सक्रियता की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी जाएगी।”
🌲 सारंडा बना फिर से सुरक्षाबलों का फोकस
हाल के महीनों में सारंडा के जंगलों में नक्सलियों की गतिविधि में फिर से बढ़ोतरी देखी जा रही थी। कुछ गुप्त ठिकानों के सक्रिय होने की सूचना के बाद सुरक्षाबलों ने कई इलाकों में ऑपरेशन तेज कर दिया है। कुलापू बुरू, जो पहाड़ी और घने जंगलों से घिरा क्षेत्र है, लंबे समय से नक्सलियों के छिपने का अड्डा रहा है।
⚙️ आधुनिक तकनीक से निगरानी
सुरक्षा एजेंसियां अब ड्रोन, जीपीएस ट्रैकर और सैटेलाइट इमेजरी का उपयोग कर जंगल के दुर्गम हिस्सों में निगरानी रख रही हैं। बरामद दो लैपटॉप और इंटरसेप्टर से यह भी संभावना जताई जा रही है कि नक्सली तकनीकी माध्यमों से सुरक्षा बलों की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे।
🧭 पुलिस की अपील : ग्रामीण दें सहयोग
पुलिस ने सारंडा और आसपास के गांवों के लोगों से अपील की है कि वे क्षेत्र में किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत दें। अधिकारी ने कहा कि स्थानीय सहयोग से ही नक्सल उन्मूलन अभियान सफल होगा।
🔰 “सारंडा को नक्सल-मुक्त बनाना प्राथमिक लक्ष्य”
राज्य पुलिस मुख्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह ऑपरेशन झारखण्ड पुलिस की दीर्घकालिक योजना का हिस्सा है, जिसके तहत सारंडा को पूर्णतः नक्सल-मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। आने वाले दिनों में भी सर्च ऑपरेशन और तेज़ किया जाएगा।
📢 निष्कर्ष
सारंडा क्षेत्र में हुई यह कार्रवाई झारखण्ड पुलिस और सीआरपीएफ के समन्वय और रणनीतिक कुशलता का परिणाम है। भारी मात्रा में बरामद हथियार और विस्फोटक यह साबित करते हैं कि नक्सल संगठन अभी भी सक्रिय हैं, परंतु सुरक्षाबलों की मुस्तैदी से उनके मंसूबे नाकाम हो रहे हैं।
झारखण्ड पुलिस ने स्पष्ट कहा है — यह अभियान जारी रहेगा जब तक जंगलों से नक्सलवाद का नामोनिशान मिट नहीं जाता।















