स्थानीय लोगों में उबाल, कहा – भुगतान के बिना नहीं चलेगा निर्माण कार्य
गुवा संवाददाता।
गुवा में रेलवे स्टाफ क्वार्टर निर्माण कार्य को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। दिवाकर इंजीनियर वर्क्स के तहत चल रहे इस निर्माण कार्य में ठेकेदार ज्योति कुमार दिवाकर पर स्थानीय सहयोगियों का बकाया भुगतान रोकने का आरोप लगा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बार-बार मांग करने के बावजूद ठेकेदार ने उन्हें न केवल पैसा नहीं दिया, बल्कि झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी तक दी है।

“हमने ईंट उठाई, मिट्टी ढोई, अब हक मांगने पर धमकी मिल रही”
भुगतान से वंचित स्थानीय मजदूरों और सहयोगियों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है।
गुवा के एक मजदूर उदय सिंह ने कहा —
“हमने दिन-रात काम किया, खुद की जेब से मजदूरों को खाना खिलाया। अब जब पैसा मांगते हैं तो ठेकेदार धमकी देता है कि केस में फंसा दूँगा।”
इसी तरह बालेश्वर गोप और राकेश झा ने बताया कि ठेकेदार के रवैये से सभी लोग परेशान हैं। उनका कहना है कि अगर अब भी भुगतान नहीं हुआ तो वे निर्माण कार्य पूरी तरह ठप कर देंगे।
ठेकेदार पर बकाया भुगतान का गंभीर आरोप
जानकारी के अनुसार, निर्माण कार्य में मदद करने वाले दर्जनों स्थानीय लोगों का लाखों रुपये का भुगतान लंबित है।
नामित लोगों में उदय सिंह, राकेश झा, बालेश्वर गोप, बालकृष्ण गोड़, राजेश रंजन, अभिषेक सिंह, विनय प्रसाद, शत्रुघ्न साहू, वीरेंद्र शर्मा और जय किसान गुप्ता शामिल हैं।
इन सभी का आरोप है कि ठेकेदार ज्योति कुमार दिवाकर ने भुगतान का वादा तो किया, पर अब तक न तो रकम दी गई और न ही कोई स्पष्टीकरण दिया। उल्टे उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश की जा रही है।
जनप्रतिनिधियों ने संभाली कमान – आंदोलन की चेतावनी
स्थानीय विवाद के बढ़ते तनाव को देखते हुए जनप्रतिनिधियों ने हस्तक्षेप किया।
नोवामुंडी भाग एक जिला परिषद सदस्य सुश्री देवकी कुमारी, गुवा पश्चिमी पंचायत मुखिया पद्मिनी लागूरी और झामुमो के संगठन सचिव वृंदावन गोप ने संयुक्त रूप से ठेकेदार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया।
तीनों जनप्रतिनिधियों ने एक सुर में कहा –
“जब तक बकाया भुगतान नहीं किया जाता, तब तक रेलवे क्वार्टर का काम नहीं चलेगा। यह स्थानीय लोगों के सम्मान और अधिकार का सवाल है।”
उन्होंने ठेकेदार से साफ चेतावनी दी कि यदि जल्द भुगतान नहीं किया गया तो प्रशासनिक शिकायत और सड़क आंदोलन दोनों एक साथ चलाए जाएंगे।
स्थानीयों का आरोप – बाहरी ठेकेदार कर रहे शोषण
गुवा के लोगों का कहना है कि इस इलाके में बाहरी ठेकेदार आते हैं, स्थानीय मजदूरों से काम लेते हैं, लेकिन भुगतान के वक्त मनमानी और लापरवाही करते हैं।
“यह पहली बार नहीं है,” एक स्थानीय ठेके मजदूर ने कहा,
“हर बार कोई बाहरी ठेकेदार आता है, काम पूरा होने के बाद पैसे मार जाता है। प्रशासन को ऐसे ठेकेदारों की सूची बनाकर ब्लैकलिस्ट करना चाहिए।”
लोगों ने कहा कि अगर इस बार भी प्रशासन चुप रहा, तो रेलवे क्वार्टर का गेट बंद कर धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
ठेकेदार की दबंगई पर भड़के ग्रामीण
स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि भुगतान मांगने वाले मजदूरों को ठेकेदार ज्योति कुमार दिवाकर की ओर से धमकियाँ दी जा रही हैं।
“तुम्हें झूठे केस में फंसा दूँगा, पुलिस से पकड़वा दूँगा” जैसी बातें सुनकर कई लोग डरे हुए हैं।
मगर इस बार मामला गंभीर है — ग्रामीणों ने तय किया है कि अब वे पीछे नहीं हटेंगे।
जनप्रतिनिधियों ने कहा – गरीब मजदूरों का हक़ नहीं दबने देंगे
जिला परिषद सदस्य देवकी कुमारी ने कहा कि मजदूरों का पसीना बेकार नहीं जाएगा।
“अगर मजदूरों को उनका मेहनताना नहीं मिला, तो हम खुद काम रोक देंगे। प्रशासन से भी लिखित शिकायत की जाएगी।”
मुखिया पद्मिनी लागूरी ने कहा कि ठेकेदार का रवैया अस्वीकार्य है।
“स्थानीय लोगों को नज़रअंदाज कर बाहरी लोगों से काम लेना और फिर भुगतान न करना, यह सीधा शोषण है। हम इस अन्याय को बर्दाश्त नहीं करेंगे।”
झामुमो नेता वृंदावन गोप बोले – अब आर-पार की लड़ाई होगी
झामुमो संगठन सचिव वृंदावन गोप ने कहा कि मजदूरों की आवाज दबाई नहीं जा सकती।
“अगर ठेकेदार सोचता है कि धमकी से मामला शांत हो जाएगा, तो यह उसकी भूल है। जब तक एक-एक मजदूर को उसका हक़ नहीं मिलेगा, झामुमो सड़क पर उतरेगा।”
उन्होंने कहा कि यह मामला केवल भुगतान का नहीं, बल्कि स्थानीय सम्मान और अस्तित्व की लड़ाई है।
रेलवे प्रोजेक्ट पर रोक का एलान
तीनों प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि जब तक भुगतान नहीं किया जाता, तब तक रेलवे क्वार्टर निर्माण कार्य पूर्णतः बंद रहेगा।
उन्होंने निर्माण स्थल पर जाकर मजदूरों को भी स्थिति समझाई और ठेकेदार को स्पष्ट संदेश दिया –
“अगर बिना भुगतान जबरन काम शुरू किया गया तो प्रशासनिक और जन आंदोलन दोनों का सामना करना पड़ेगा।”
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि वे मामले की जांच करें और ठेकेदार को भुगतान के लिए बाध्य करें।
लोगों ने कहा कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे एसडीओ कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करेंगे और शिकायत को लिखित रूप में मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचाएंगे।
गुवा में ठेकेदार-मजदूर विवाद का बढ़ता दायरा
गुवा और आसपास के क्षेत्रों में पिछले कुछ वर्षों में ऐसे विवाद लगातार बढ़ रहे हैं।
स्थानीय ठेके मजदूरों का कहना है कि “प्रबंधन और प्रशासन दोनों की चुप्पी से ठेकेदारों के हौसले बुलंद हैं।”
कई बार पंचायत स्तर पर सुलह की कोशिशें की गईं, लेकिन अधिकांश मामलों में ठेकेदार पैसे दिए बिना क्षेत्र छोड़ देते हैं।













