छात्रों में ईमानदारी, पारदर्शिता और जिम्मेदार नागरिकता पर विशेष जोर
गुवा संवाददाता। सतर्कता जागरूकता सप्ताह के तहत केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) गुवा यूनिट द्वारा सोमवार को कैलाश नगर स्कूल में एक विशेष जागरूकता कक्षा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों में भ्रष्टाचार-विरोधी सोच, सतर्कता और नैतिक मूल्यों को मजबूत करना था।

सतर्कता सिर्फ दफ्तरों तक सीमित नहीं — जीवन का हिस्सा है
कक्षा के दौरान अधिकारियों ने छात्रों को समझाया कि सतर्कता केवल सरकारी विभागों या कार्यालयों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन की रोजमर्रा की गतिविधियों में भी उतनी ही आवश्यक है।
सही और गलत का भेद समझना, अनैतिक कार्यों से दूरी बनाना, तथा समाज हित में सोच विकसित करना—एक जिम्मेदार नागरिक की पहचान है।
असिस्टेंट कमांडेंट प्रशांत डी बने मुख्य वक्ता
कार्यक्रम में गुवा यूनिट के असिस्टेंट कमांडेंट प्रशांत डी मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।
उन्होंने छात्रों को जीवन में सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता और ईमानदारी को आधार बनाने की प्रेरणा दी।
उन्होंने कहा—
“सतर्कता कोई वार्षिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि यह जीवन भर साथ निभाने वाली आदत होनी चाहिए।”
भ्रष्टाचार के दुष्परिणामों पर विस्तृत चर्चा
कंपनी कमांडर पी. के. सिंह ने छात्रों को बताया कि भ्रष्टाचार केवल आर्थिक हानि नहीं पहुँचाता, बल्कि यह समाजिक संतुलन, विश्वास और विकास को भी नुकसान पहुंचाता है।
उन्होंने उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि एक छोटी सी लापरवाही किस तरह एक बड़ी समस्या का कारण बन सकती है।
विजिलेंस इंचार्ज सत्यब्रत बेहेरा ने बताया—सतर्कता सप्ताह का उद्देश्य
कार्यक्रम के दौरान विजिलेंस इंचार्ज सत्यब्रत बेहेरा ने सतर्कता सप्ताह की पृष्ठभूमि, इतिहास और महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने बताया कि यह अभियान सरकारी संस्थानों से लेकर समाज के हर वर्ग को नैतिकता, ईमानदारी और पारदर्शिता के मार्ग पर आगे बढ़ाने के उद्देश्य से मनाया जाता है।

सीआईएसएफ टीम ने दिए प्रेरक उदाहरण
सीआईएसएफ के अन्य जवानों ने भी छात्रों को रोजमर्रा की परिस्थितियों में सतर्क रहने के व्यवहारिक उदाहरण दिए।
उन्होंने बताया कि
- छोटी-छोटी गलतियों को भी गंभीरता से लेना चाहिए,
- गलत गतिविधियों की जानकारी तुरंत जिम्मेदार लोगों को देनी चाहिए,
- और समाज के हित में सजग रहना हर नागरिक का कर्तव्य है।
छात्रों ने पूछे सवाल, समझ बढ़ी
कक्षा के दौरान छात्रों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
उन्होंने अधिकारियों से कई सवाल पूछे—
जैसे कि भ्रष्टाचार की पहचान कैसे करें, गलत कार्यों की शिकायत कहाँ करें, और अपने आस-पास सतर्कता कैसे अपनाएं।
अधिकारियों ने उनके हर सवाल का सरल और व्यवहारिक भाषा में उत्तर दिया।
स्कूल प्रशासन ने की पहल की सराहना
स्कूल प्रशासन ने सीआईएसएफ गुवा यूनिट के इस प्रयास की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्रों के
- व्यक्तित्व निर्माण,
- चरित्र विकास, और
- नैतिक मूल्यों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
क्षेत्र में सतर्कता अभियान को मिली नई ऊर्जा
स्थानीय स्तर पर इस कार्यक्रम को अत्यंत सकारात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि समाज में सतर्कता और ईमानदारी की भावना तभी विकसित हो सकती है जब ऐसी पहलें स्कूल स्तर से शुरू हों।













