रिपोर्ट — शैलेश सिंह
जगन्नाथपुर अनुमंडल अंतर्गत सोसोपी गांव क्षेत्र में एक हाथी की संदिग्ध मौत ने इलाके में हड़कंप मचा दिया है। ग्रामीणों और स्थानीय संगठनों ने इस घटना को गंभीर माना है, क्योंकि पिछले कुछ महीनों में सारंडा और आसपास के इलाकों में कई हाथियों की मौत हो चुकी है। इस मौत ने एक बार फिर वन विभाग की निगरानी और संरक्षण व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

लगातार हो रही मौतें, सिस्टम पर सवाल
सिर्फ इस वर्ष ही सारंडा और उसके आसपास के जंगलों में कई हाथियों की मौत की घटनाएँ सामने आई हैं।
- कहीं बिजली के करंट में हाथियों की जान गई,
- नक्सलियों के आइईडी ब्लास्ट में मौत,
- कहीं अवैध शिकारी सक्रिय पाए गए,
- तो कहीं वन विभाग की लापरवाही उजागर हुई।
इस ताजा मौत ने इस पूरे मामले को और भी गंभीर बना दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर वन विभाग समय पर चौकसी रखता, तो इतनी बार मौतें नहीं होतीं।
हाथियों का आतंक: कई ग्रामीणों की जान गई, दर्जनों घायल
सारंडा, जगन्नाथपुर और आसपास के इलाकों में हाथियों का आतंक पिछले कई वर्षों से बढ़ता जा रहा है।
- अब तक दर्जनों ग्रामीणों की मौत हाथियों के हमले में हो चुकी है।
- कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
- कई घरों को हाथियों ने तोड़कर मलबे में बदल दिया।
- संपत्ति का लाखों में नुकसान ग्रामीण लगातार झेल रहे हैं।
ग्रामीणों का दर्द है कि वन विभाग न तो सुरक्षा का उपाय कर पा रहा है और न ही मुआवजा समय पर मिलता है।
क्या यह मौत प्राकृतिक या मानवजनित? जांच की मांग तेज
सोसोपी में मिले हाथी के शव से कई तरह की आशंकाएँ उठ रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि मौत संदिग्ध लगती है और इसमें
- जहर,
- शिकारियों की हरकत,
- या मानव-elephant conflict
जैसी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
स्थानीय समाजसेवियों और पंचायत प्रतिनिधियों ने उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
वन विभाग फिर सवालों के घेरे में
सारंडा जैसे एशिया के सबसे बड़े सल वृक्षों के जंगल में हाथियों की लगातार मौत और ग्रामीणों के बढ़ते नुकसान ने वन विभाग की कार्यशैली पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
लोग सवाल उठा रहे हैं कि—
- क्या वन विभाग मॉनिटरिंग में विफल है?
- क्या अवैध शिकार रोकने में प्रशासन निष्क्रिय है?
- क्या हाथियों के मूवमेंट को ट्रैक करने के लिए तकनीकी संसाधन पर्याप्त नहीं?
अब इस ताजा घटना ने वन विभाग को फिर कठघरे में खड़ा कर दिया है।
ग्रामीणों में दहशत, सरकार से कार्रवाई की मांग
हाथी की मौत के बाद आसपास के गांवों में दहशत फैल गई है। लोग प्रशासन और वन विभाग से मांग कर रहे हैं कि
- हाथियों के मूवमेंट पर निगरानी बढ़ाई जाए,
- ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए,
- और मृत हाथी की मौत की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए।
सोसोपी गांव की यह घटना केवल एक मौत नहीं, बल्कि एक चेतावनी है कि सारंडा क्षेत्र में वन्यजीव प्रबंधन और सुरक्षा की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर अब भी प्रशासन नहीं जागा, तो आने वाले दिनों में और गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं।















