सात अधीक्षण अभियंताओं को मुख्य अभियंता पद पर प्रोन्नति, नई पदस्थापनाएँ जारी
रिपोर्ट: शैलेश सिंह
झारखण्ड सरकार के जल संसाधन विभाग ने इंजीनियरिंग कैडर में लंबे समय से लंबित प्रोन्नति प्रक्रिया को पूरा करते हुए सात अधीक्षण अभियंताओं को मुख्य अभियंता (वेतनमान मैट्रिक्स लेवल-13ए) के पद पर प्रोन्नत कर दिया है। इस संबंध में विभागीय अधिसूचना संख्या 01/स्था.(प्रो.)-10-02/2020-6341 से 6347 जारी की गई है।
यह निर्णय न केवल विभागीय संरचना को मजबूती देगा, बल्कि जल परियोजनाओं, लघु सिंचाई, योजना मॉनिटरिंग और औद्योगिक/ग्रामीण कार्यों से जुड़ी योजनाओं में गति लाने वाला माना जा रहा है।
किसे मिला प्रमोशन, कहां हुई पदस्थापना

श्री ललन कुमार बने मुख्य अभियंता
ID-3919, वरीयता क्रमांक-764/2013
उद्योग विभाग में वर्तमान में मुख्य अभियंता (चालू प्रभार) के रूप में कार्यरत श्री ललन कुमार को मुख्य अभियंता पद पर प्रोन्नत करते हुए उद्योग विभाग में ही सेवा सौंपी गई है।
श्री मनोहर प्रसाद को लघु सिंचाई की कमान
ID-4051, वरीयता क्रमांक-817/2013
लघु सिंचाई, रांची में कार्यरत श्री मनोहर प्रसाद को प्रोन्नत कर मुख्य अभियंता, लघु सिंचाई, रांची के पद पर पदस्थापित किया गया है।
श्री अवधेश कुमार ग्रामीण कार्य विभाग में
ID-4373, वरीयता क्रमांक-835/2013
ग्रामीण कार्य विभाग में कार्यरत श्री अवधेश कुमार को मुख्य अभियंता पद पर प्रोन्नत कर वहीं सेवा प्रदान की गई है।
नगर विकास से योजना मॉनिटरिंग तक श्री भीम कुमार
ID-4401, वरीयता क्रमांक-846/2013
नगर विकास एवं आवास विभाग से सेवा वापस लेते हुए श्री भीम कुमार को मुख्य अभियंता, योजना मॉनिटरिंग एवं आयोजन, रांची के पद पर पदस्थापित किया गया है।
श्री सुनील चन्द्र नाथ को अग्रिम योजना की जिम्मेदारी
ID-4402, वरीयता क्रमांक-847/2013
ग्रामीण कार्य विभाग से सेवा वापसी के बाद उन्हें मुख्य अभियंता, अग्रिम योजना, रांची बनाया गया है।
सुवर्णरेखा परियोजना को स्थायी नेतृत्व
ID-4428, वरीयता क्रमांक-864/2013
श्री राम निवास प्रसाद को मुख्य अभियंता, सुवर्णरेखा परियोजना, चांडिल परिक्षेत्र के पद पर प्रोन्नत कर पदस्थापित किया गया है।
हजारीबाग को मिला नया मुख्य अभियंता
ID-4453, वरीयता क्रमांक-876/2013
श्री विजय कुमार भगत को मुख्य अभियंता, जल संसाधन विभाग, हजारीबाग के रूप में नियुक्त किया गया है।
मुहरबंद लिफाफा नीति पर भी स्पष्ट निर्देश
अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी अधिकारी के विरुद्ध लंबित अनुशासनिक या आपराधिक मामले का निष्पादन हो जाता है और वह पूर्णतः दोषमुक्त पाया जाता है, तो कार्मिक प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग के संकल्प संख्या-6227 (दिनांक 20.11.2008) के प्रावधान लागू होंगे और मुहरबंद लिफाफा खोला जाएगा।
वित्तीय लाभ कब से मिलेगा?
प्रोन्नत पद का वास्तविक वित्तीय लाभ पदभार ग्रहण की तिथि से देय होगा। यह लाभ झारखण्ड सेवा संहिता नियम-58 एवं झारखण्ड वित्त नियमावली नियम-74 के तहत प्रदान किया जाएगा।
राज्यपाल के आदेश से जारी अधिसूचना
यह अधिसूचना झारखण्ड राज्यपाल के आदेश से सरकार के अवर सचिव राकेश रंजन द्वारा जारी की गई है।










