रिपोर्ट: शैलेश सिंह
पश्चिमी सिंहभूम जिले के सुदूरवर्ती और संवेदनशील ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा के साथ-साथ विकास और जनकल्याण के उद्देश्य को साकार करते हुए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) द्वारा एक सराहनीय पहल की गई। दिनांक 01 जनवरी 2026 को 26वीं बटालियन सीआरपीएफ के कमांडेंट श्री राजीव रंजन के दिशा-निर्देशानुसार ग्राम गुण्डीजोरा, तोयबो एवं मिर्चीगुदेर में सिविक एक्शन प्रोग्राम के तहत व्यापक जनकल्याण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम का नेतृत्व श्री सुबीर कुमार मंडल (सहायक कमांडेंट), समवाय अधिकारी ई/26 बटालियन ने किया। कार्यक्रम के दौरान गोवर्धन उरांव, सहायक उपनिरीक्षक (सिविल पुलिस) तथा क्षेत्र के पारंपरिक नेतृत्व का प्रतिनिधित्व करते हुए गंगा राम हनहागा (मुण्डा) की गरिमामयी उपस्थिति रही। स्थानीय प्रशासन, सुरक्षा बल और ग्रामीण नेतृत्व की संयुक्त सहभागिता ने कार्यक्रम को विश्वास और सहयोग का मजबूत आधार प्रदान किया।

स्कूली बच्चों को शिक्षा की नई उड़ान
सिविक एक्शन प्रोग्राम के तहत गांवों के स्कूली बच्चों को शैक्षणिक सामग्री का वितरण किया गया। बच्चों को पेन, पेंसिल, रबर, नोटबुक, स्टूडेंट बॉक्स, स्कूल बैग जैसे आवश्यक शिक्षण उपकरण प्रदान किए गए। इन सामग्रियों को पाकर बच्चों के चेहरे पर उत्साह और आत्मविश्वास साफ झलक रहा था। ग्रामीण क्षेत्र के कई बच्चों के लिए यह सामग्री पढ़ाई को निरंतर बनाए रखने में सहायक सिद्ध होगी।

खेल सामग्री से निखरेगा ग्रामीण प्रतिभा का भविष्य
कार्यक्रम में शिक्षा के साथ-साथ खेल को भी समान महत्व दिया गया। बच्चों और युवाओं को क्रिकेट बैट, क्रिकेट बॉल, वॉलीबॉल, वॉलीबॉल नेट, फुटबॉल एवं फुटबॉल नेट वितरित किए गए। इससे न केवल शारीरिक विकास को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि खेलों के माध्यम से अनुशासन, टीम भावना और नेतृत्व कौशल का भी विकास होगा। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि इस पहल से गांवों में खेल संस्कृति मजबूत होगी और छिपी प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

ग्रामीणों के लिए उपयोगी दैनिक सामग्री
कार्यक्रम के दौरान केवल बच्चों ही नहीं, बल्कि गांव के आम नागरिकों को भी दैनिक जीवन में उपयोग आने वाली सामग्रियों का वितरण किया गया। ग्रामीणों को छाता, सोलर लाइट, बर्तन, कंबल जैसी आवश्यक वस्तुएं प्रदान की गईं। विशेष रूप से किसानों के लिए बीज का वितरण किया गया, जिससे उनकी कृषि गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में सहयोग मिलेगा।

सुरक्षा के साथ विश्वास का सेतु
इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों ने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और भरोसा दिलाया कि सीआरपीएफ केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं, बल्कि विकास और जनहित में भी निरंतर कार्यरत है। ग्रामीणों ने भी इस पहल के लिए सीआरपीएफ के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से सुरक्षा बलों और आम जनता के बीच विश्वास और सहयोग की भावना मजबूत होती है।

सकारात्मक बदलाव की ओर कदम
सिविक एक्शन प्रोग्राम के माध्यम से सीआरपीएफ ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि शिक्षा, खेल और मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति ही स्थायी शांति और विकास का आधार है। ग्राम गुण्डीजोरा, तोयबो और मिर्चीगुदेर में आयोजित यह कार्यक्रम न केवल तत्काल सहायता का माध्यम बना, बल्कि भविष्य के लिए उम्मीद और सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हुआ।
कुल मिलाकर, यह आयोजन सुरक्षा बलों के मानवीय दृष्टिकोण का जीवंत उदाहरण है, जो ग्रामीण अंचलों में भरोसा, विकास और सामाजिक समरसता को मजबूती प्रदान कर रहा है।













