रिपोर्ट: शैलेश सिंह
आज दिनांक 07 जनवरी 2026 को श्री राजीव रंजन, कमाण्डेन्ट 26वीं वाहिनी केरि०पु०बल के दिशा-निर्देशन में डी/26वीं वाहिनी सीआरपीएफ द्वारा न्यू कैम्प एरिया, किरीबुरु में सिविक एक्शन प्रोग्राम के तहत एक निःशुल्क चिकित्सा शिविर का सफल आयोजन किया गया।

चार क्षेत्रों की जनता ने उठाया लाभ
इस चिकित्सा शिविर में मालंग टोली, मुर्गापाड़ा, बकल हाटिंग एवं किरीबुरु क्षेत्र के ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। शिविर में पहुंचे लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य जांच, चिकित्सकीय परामर्श एवं आवश्यक दवाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई गईं, जिससे खासकर गरीब एवं जरूरतमंद वर्ग को बड़ी राहत मिली।
डॉ. ऋषभ शेखर के नेतृत्व में चिकित्सकीय सेवा
चिकित्सा सहायता टीम का नेतृत्व डा० ऋषभ शेखर (वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी), 26वीं वाहिनी ने किया। टीम द्वारा सामान्य रोगों की जांच, मौसमी बीमारियों का उपचार, स्वास्थ्य परामर्श तथा दवाओं का वितरण किया गया। ग्रामीणों ने चिकित्सकों की सेवाओं की सराहना की।

शिविर का उद्देश्य: गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा
इस निःशुल्क चिकित्सा शिविर का मुख्य उद्देश्य स्थानीय निवासियों, गरीब एवं जरूरतमंद लोगों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना था, ताकि उन्हें समय पर प्राथमिक जांच, परामर्श और दवाएं मिल सकें। दुर्गम क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए यह शिविर विशेष रूप से उपयोगी सिद्ध हुआ।
अधिकारी व जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में कई वरिष्ठ अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से—
- श्री राजीव रंजन, कमाण्डेन्ट, 26वीं वाहिनी
- श्री अरविंद कुमार रजक, एड्ज्युटेन्ट (सहायक कमाण्डेन्ट)
- श्री महेश्वर कुमार चौरसिया, समवाय अधिकारी डी/26वीं वाहिनी (सहायक कमाण्डेन्ट)
- निरीक्षक सिद्धनाथ पांडे
- उपनिरीक्षक रोहित कुमार, थाना प्रभारी, किरीबुरु
- श्रीमती पार्वती किडो, मुखिया, किरीबुरु पंचायत
- श्रीमती सुमन मुंडो, उपमुखिया, किरीबुरु पंचायत
शामिल थे।
जनसेवा के प्रति सीआरपीएफ की प्रतिबद्धता
इस अवसर पर अधिकारियों ने कहा कि सीआरपीएफ न केवल सुरक्षा व्यवस्था में, बल्कि सामाजिक दायित्वों के निर्वहन में भी अग्रणी भूमिका निभा रही है। सिविक एक्शन प्रोग्राम के तहत ऐसे आयोजन भविष्य में भी जारी रहेंगे, जिससे स्थानीय जनता के साथ विश्वास और सहयोग और मजबूत हो सके।
यह निःशुल्क चिकित्सा शिविर सीआरपीएफ और स्थानीय समुदाय के बीच बेहतर समन्वय एवं मानवीय संवेदना का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया।













