सोनाराम सिंकु और जोबा मांझी ने चाईबासा प्रमंडल में रिक्त पद पर नियुक्ति की मांग की
रिपोर्ट: शैलेश सिंह
चाईबासा ग्रामीण कार्य विभाग की स्थिति अब केवल आम जनता की चिंता का विषय नहीं रही, बल्कि सत्तारूढ़ दल के विधायक और संसद ने भी इस ओर ध्यान आकृष्ट कराया है। उप मुख्य सचेतक (सत्तारूढ़ दल) एवं झारखंड विधानसभा के सदस्य विधायक सोनाराम सिंकु ने प्रधान सचिव, ग्रामीण कार्य विभाग, झारखंड सरकार को पत्र लिखकर तथा सांसद जोबा मांझी ने चाईबासा प्रमंडल में दो माह से रिक्त पड़े कार्यपालक अभियंता के पद पर शीघ्र पदस्थापन या प्रभारी नियुक्त करने का अनुरोध किया है।
यह पत्र और फोन विभागीय व्यवस्था पर प्रश्न खड़े करता है। जब सांसद जोबा मांझी ने विभागीय सचिव के श्रीनिवासन से फोन पर जिला के विकास हित में जिला में पदस्थापित कार्यपालक अभियंता को प्रभारी नियुक्त करने की मांग करती है। वहीं सत्तारूढ़ दल के मुख्य सचेतक सोनाराम सिंकु ने विभागीय सचिव के श्रीनिवासन को पत्र लिखकर शीघ्र पदस्थापन अथवा प्रभारी नियुक्त करने की अनुशंसा की है, तो इससे स्थिति की गंभीरता का अनुमान लगाया जा सकता है।

दो माह से रिक्त चाईबासा प्रमंडल
राधेश्याम मांझी के बाद नहीं हुई नई नियुक्ति
विधायक सोनाराम सिंकु ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि पश्चिमी सिंहभूम जिले में दो प्रमंडल हैं और चाईबासा प्रमंडल में पिछले दो माह से कार्यपालक अभियंता का पद रिक्त है।
तत्कालीन कार्यपालक अभियंता राधे श्याम मांझी के सेवानिवृत्त होने के बाद से अब तक न किसी नए अधिकारी की पोस्टिंग हुई है और न ही किसी को प्रभारी बनाया गया है।
इस स्थिति के कारण प्रमंडल में प्रशासनिक कार्यों के संचालन में कठिनाइयाँ उत्पन्न हो रही हैं। न तो निर्णय प्रक्रिया सुचारु रूप से चल पा रही है और न ही योजनाओं से संबंधित कार्य समय पर आगे बढ़ पा रहे हैं।

सड़क योजनाओं पर असर
विकास कार्यों की गति हुई धीमी
चाईबासा और जगन्नाथपुर अनुमंडल के अंतर्गत आने वाले सभी प्रखंडों में सड़क निर्माण कार्य प्रभावित हुए हैं।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY), राज्य संपोषित योजनाएं तथा अन्य सड़क परियोजनाओं का क्रियान्वयन अपेक्षित गति से नहीं हो पा रहा है।
लगभग 400 करोड़ रुपये की योजनाएं फिलहाल प्रशासनिक प्रक्रियाओं में अटकी हुई हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में नई सड़कों का निर्माण और पुरानी सड़कों की मरम्मत कार्य प्रभावित हो रहा है, जिससे आम नागरिकों को आवागमन में कठिनाई हो रही है।
विधायक की अपील। “तत्काल किसी योग्य अभियंता को नियुक्त किया जाए”
विधायक सोनाराम सिंकु ने अपने पत्र में स्पष्ट रूप से लिखा है—
“जिला के ग्रामीण क्षेत्रों के विकास हित में यथाशीघ्र किसी भी योग्य अभियंता की पोस्टिंग करने अथवा तात्कालिक एवं कार्यकारी व्यवस्था के तहत जिला में पदस्थापित कार्यपालक अभियंता को प्रभारी नियुक्त करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।”
उन्होंने इस बात पर जोर दिया है कि पदस्थापन अथवा प्रभारी व्यवस्था होने से विभागीय कार्यों को गति मिलेगी और विकास योजनाएं समय पर पूरी हो सकेंगी।

विभागीय समन्वय की आवश्यकता
पदस्थापन में विलंब से बढ़ी समस्याएं
सूत्रों के अनुसार ग्रामीण कार्य विभाग में पदस्थापन को लेकर विभागीय स्तर पर समन्वय की आवश्यकता है।
इसी कारण चाईबासा प्रमंडल में न तो स्थायी पदस्थापन हो पा रहा है और न ही प्रभारी नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी हो सकी है।
इसका प्रत्यक्ष प्रभाव ग्रामीण विकास योजनाओं पर पड़ रहा है। अधिकारी के अभाव में कई प्रशासनिक निर्णय लंबित हैं।
भुगतान प्रक्रिया पर भी असर
संवेदकों ने कार्य धीमा किया
PMGSY और राज्य संपोषित योजनाओं के तहत कार्य कर रहे संवेदकों का भुगतान समय पर नहीं हो पा रहा है।
कार्यपालक अभियंता के अभाव में बिलों की स्वीकृति प्रक्रिया प्रभावित हुई है।
इस कारण कई स्थानों पर निर्माण कार्य धीमा हो गया है और कुछ कार्य अस्थायी रूप से रोक दिए गए हैं।
अधूरी सड़कें और अपूर्ण निर्माण कार्य विभागीय चुनौतियों को दर्शाते हैं।
जिला प्रशासन की भूमिका
विभागीय पत्राचार की प्रतीक्षा
यह भी देखा जा रहा है कि जिला प्रशासन स्तर पर अब तक इस विषय में कोई व्यापक पत्राचार सामने नहीं आया है।
इससे यह प्रश्न उठता है कि विभागीय समन्वय को और अधिक सक्रिय करने की आवश्यकता है, ताकि समस्या का समाधान शीघ्र हो सके।

विधायक का पत्र और सरकार की जिम्मेदारी
आंतरिक स्थिति की जानकारी सामने आई
विधायक सोनाराम सिंकु का पत्र इस बात का संकेत है कि सरकार के भीतर भी विभागीय स्थिति को लेकर चिंता व्यक्त की जा रही है।
जब सत्तारूढ़ दल का उप मुख्य सचेतक इस मुद्दे को उठाता है, तो यह प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा सकता है।
यह पत्र सरकार के लिए एक अवसर भी है कि वह शीघ्र निर्णय लेकर व्यवस्था को सुचारु करे।
जनप्रतिनिधियों की चिंता। समाधान की अपेक्षा
जिले के अन्य जनप्रतिनिधि भी विभागीय स्थिति को लेकर चिंता व्यक्त कर रहे हैं, हालांकि अभी तक किसी व्यापक पहल की जानकारी सामने नहीं आई है।
जनप्रतिनिधियों को उम्मीद है कि सरकार इस विषय पर शीघ्र सकारात्मक कदम उठाएगी।
ग्रामीण कार्य विभाग की स्थिति
विकास योजनाओं को गति देने की आवश्यकता
राज्य सरकार द्वारा विकास योजनाओं के क्रियान्वयन पर निरंतर बल दिया जाता रहा है, लेकिन चाईबासा प्रमंडल की वर्तमान स्थिति यह दर्शाती है कि प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता है।
ग्रामीण कार्य विभाग में अधिकारी की नियुक्ति होने से योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सकेगा और जनता को इसका लाभ मिलेगा।
प्रमुख प्रश्न- जिन पर सरकार को निर्णय लेना होगा
चाईबासा प्रमंडल में कार्यपालक अभियंता की नियुक्ति कब होगी?
लंबित सड़क योजनाओं को गति कैसे दी जाएगी?
भुगतान प्रक्रिया को सुचारु करने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे?
विभागीय समन्वय को बेहतर बनाने की क्या योजना है?
समाधान की दिशा में कदम जरूरी
विधायक सोनाराम सिंकु का पत्र केवल औपचारिक पत्राचार नहीं, बल्कि चाईबासा ग्रामीण कार्य विभाग की वर्तमान स्थिति को सामने लाने का माध्यम है।
यह पत्र यह संकेत देता है कि प्रमंडल में प्रशासनिक व्यवस्था को शीघ्र मजबूत करने की आवश्यकता है।
अब यह सरकार और ग्रामीण कार्य विभाग पर निर्भर करता है कि वे इस पत्र को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र कार्यपालक अभियंता की नियुक्ति या प्रभारी व्यवस्था सुनिश्चित करें, ताकि चाईबासा प्रमंडल में रुके हुए विकास कार्यों को दोबारा गति मिल सके।












