नक्सल आत्मसमर्पण नीति, साइबर फ्रॉड और डायन प्रथा पर ग्रामीणों को किया गया जागरूक
रिपोर्ट: शैलेश सिंह
पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार किरीबुरू थाना प्रभारी रोहित कुमार के नेतृत्व में शनिवार 31 जनवरी 2026 को थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम करमपदा में कम्युनिटी पुलिसिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में भनगांव, नवागांव, करमपदा, कादोडीह, जमाईबुरू एवं धरनाधरी गांव के ग्रामीणों, मानकी एवं मुंडा की सक्रिय भागीदारी रही।
इस अवसर पर पुलिस टीम द्वारा ग्रामीणों को नक्सल आत्मसमर्पण नीति, डायन बिसाही प्रतिषेध अधिनियम, साइबर फ्रॉड से बचाव, अफीम पोस्ता की अवैध खेती तथा 100 डायल सेवा के उपयोग की विस्तृत जानकारी दी गई।

नक्सल आत्मसमर्पण नीति की दी गई जानकारी
कार्यक्रम के दौरान थाना प्रभारी रोहित कुमार ने ग्रामीणों को नक्सल आत्मसमर्पण नीति के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि जो लोग किसी कारणवश नक्सली गतिविधियों से जुड़े हैं, वे सरकार की आत्मसमर्पण नीति के तहत मुख्यधारा में लौट सकते हैं। इस नीति के अंतर्गत उन्हें आर्थिक सहायता, पुनर्वास, आवास, शिक्षा एवं रोजगार से जुड़ी सुविधाएं दी जाती हैं।
उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे नक्सली गतिविधियों से दूर रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें ताकि क्षेत्र में शांति और विकास कायम रखा जा सके।
डायन बिसाही प्रतिषेध अधिनियम पर जोर
पुलिस अधिकारियों ने डायन बिसाही प्रतिषेध अधिनियम के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि किसी महिला को डायन बताकर प्रताड़ित करना गंभीर अपराध है और इसके लिए कठोर कानूनी सजा का प्रावधान है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि अंधविश्वास और कुरीतियों से दूर रहें तथा किसी भी तरह की हिंसा या उत्पीड़न की स्थिति में पुलिस को सूचित करें।
इस विषय पर महिलाओं और बुजुर्गों को विशेष रूप से जागरूक किया गया ताकि समाज में व्याप्त डर और भ्रम को खत्म किया जा सके।

साइबर फ्रॉड से बचाव के उपाय बताए
कम्युनिटी पुलिसिंग कार्यक्रम में साइबर अपराध के बढ़ते मामलों को देखते हुए साइबर फ्रॉड से बचाव की जानकारी भी दी गई। ग्रामीणों को बताया गया कि किसी भी अनजान कॉल, लिंक या ओटीपी को साझा न करें। बैंक से संबंधित जानकारी किसी को भी न दें और यदि किसी प्रकार की ठगी होती है तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन या 100 डायल पर सूचना दें।
पुलिस टीम ने ग्रामीणों को मोबाइल के सुरक्षित उपयोग और सोशल मीडिया पर सतर्कता बरतने की सलाह दी।
अफीम पोस्ता की खेती पर सख्त चेतावनी
पुलिस अधिकारियों ने अवैध अफीम पोस्ता की खेती के दुष्परिणामों के बारे में भी ग्रामीणों को बताया। उन्होंने कहा कि यह कानूनन अपराध है और इसमें संलिप्त पाए जाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाती है। ग्रामीणों से अपील की गई कि वे ऐसी खेती से दूर रहें और अपने गांव में इस तरह की गतिविधि होने पर तुरंत प्रशासन को सूचना दें।

100 डायल सेवा की उपयोगिता पर प्रकाश
कार्यक्रम में 100 डायल सेवा के महत्व पर भी जोर दिया गया। ग्रामीणों को बताया गया कि किसी भी आपात स्थिति में 100 डायल पर कॉल कर तुरंत पुलिस सहायता प्राप्त की जा सकती है। पुलिस की टीम कुछ ही समय में मौके पर पहुंचकर सहायता करती है।
कंबल, मच्छरदानी और बच्चों को शिक्षण सामग्री का वितरण
जनजागरूकता कार्यक्रम के बाद पुलिस टीम द्वारा ग्रामीणों के बीच कंबल, मच्छरदानी, चादर एवं बच्चों के लिए कॉपी, पेंसिल और बिस्कुट का वितरण किया गया। इस मानवीय पहल से ग्रामीणों में खुशी का माहौल देखा गया।
ग्रामीणों ने पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम से पुलिस और जनता के बीच विश्वास और सहयोग की भावना मजबूत होती है।

पुलिस और जनता के बीच मजबूत होगा भरोसा
थाना प्रभारी रोहित कुमार ने कहा कि कम्युनिटी पुलिसिंग का मुख्य उद्देश्य पुलिस और जनता के बीच दूरी को खत्म करना और आपसी विश्वास को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज को जागरूक करने और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए भी लगातार कार्य कर रही है।
ग्रामीणों ने जताया आभार
कार्यक्रम में उपस्थित मानकी, मुंडा एवं ग्रामीणों ने पुलिस टीम का आभार प्रकट किया और भविष्य में भी इस तरह के जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की।
कम्युनिटी पुलिसिंग के इस प्रयास से क्षेत्र में सकारात्मक संदेश गया है कि पुलिस सिर्फ सख्ती नहीं, बल्कि सामाजिक सरोकारों के साथ जनता के बीच खड़ी है।














