पिता बना हैवान, 6 साल की मासूम से दुष्कर्म का आरोप
रिपोर्ट: शैलेश सिंह
बड़ाजामदा ओपी क्षेत्र से सामने आया यह मामला सिर्फ अपराध नहीं, बल्कि मानवता पर सीधा हमला है। एक 6 वर्षीय मासूम बच्ची ने अपने ही पिता पर बलात्कार का सनसनीखेज आरोप लगाया है। जिस रिश्ते को सुरक्षा और भरोसे की सबसे मजबूत दीवार माना जाता है, उसी रिश्ते को इस दरिंदे पिता ने तार-तार कर दिया।

मासूम की जुबान से खुला दरिंदगी का राज
पीड़ित बच्ची ने साहस दिखाते हए खुद यह आरोप लगाया, जिसके बाद पूरे इलाके में हाहाकार मच गया। बच्ची का बयान सुनकर हर किसी की रूह कांप उठी। जिस उम्र में बच्चा खिलौनों से खेलता है उस उम्र में इस मासूम को दरिंदगी का शिकार होना पड़ा – यह समाज के लिए सबसे बड़ा कलंक है।
आरोपी पिता हिरासत में, पुलिस की सख्त पूछताछ जारी
बच्ची के बयान के बाद बड़ाजामदा ओपी पुलिस तुरंत हरकत में आई और आरोपी पिता को हिरासत में ले लिया गया है। उससे लगातार पूछताछ की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, मामले में गंभीर धाराओं के तहत किरीबुरू महिला थाना, नवामुंडी में केस दर्ज कर लिया गया है और मेडिकल जांच भी कराई जा रही है। बताया जा रहा है कि आरोपी पिता इस घटना से इंकार कर रहा है।
पुलिस सूत्रों का स्पष्ट कहना है कि
“दोषी को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा, कानून के तहत कड़ी से कड़ी कार्रवाई होगी।”
सूत्रों के अनुसार, बच्ची का बयान दर्ज कर लिया गया है और चिकित्सीय जांच की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। आरोपी पिता को हिरासत में लेकर उससे लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना कितने समय से चल रही थी और इसमें किसी अन्य की संलिप्तता या साजिश तो नहीं है।
रिश्तों पर लगा खून का दाग
जिस पिता को बेटी की ढाल बनना था, वही उसका भक्षक बन गया। अब सवाल यह है। क्या मासूम बच्चियां अपने ही घर में सुरक्षित नहीं हैं?
इलाके में आक्रोश, दरिंदे को कड़ी सजा की मांग
घटना सामने आते ही स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोग आरोपी को कठोर से कठोर सजा देने की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि ऐसे दरिंदों के लिए समाज में कोई जगह नहीं होनी चाहिए। इन्हें ऐसी सजा मिले कि दोबारा कोई इंसान इस तरह की सोच भी न कर सके।
यह सिर्फ खबर नहीं, चेतावनी है
यह मामला एक बार फिर बताता है कि अपराधी बाहर नहीं, घर के अंदर भी हो सकता है मासूम बच्चियों की सुरक्षा । सिर्फ कानून की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
रिश्तों को रौंदने वाला अपराध
यह घटना सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी है। जिस पिता को बेटी का रक्षक होना चाहिए था, वही उसका भक्षक बन बैठा। अब सवाल उठता है-क्या मासूम बच्चियां अपने ही घर में सुरक्षित नहीं हैं?
इलाके में उबाल, कड़ी सजा की मांग
घटना सामने आते ही स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया है। लोग आरोपी को कठोर से कठोर सजा देने की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि ऐसे दरिंदों के लिए समाज में कोई स्थान नहीं होनी चाहिए और कानून को अपनी कार्रवाई करनी चाहिए।
यह सिर्फ खबर नहीं, समाज के लिए चेतावनी है
यह मामला बताता है कि अपराधी केवल बाहर नहीं, बल्कि रिश्तों का नकाब पहनकर घर के अंदर भी हो सकता है। मासूमों की सुरक्षा सिर्फ कानून की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
बड़ाजामदा की यह घटना मानवता पर एक काला धब्बा है। एक मासूम का बचपन छीन लिया गया, उसकी दुनिया अंधेरे में धकेल दी गई। अब वक्त है कि ऐसे दरिंदों पर कानून का सबसे कठोर प्रहार हो, ताकि कोई और मासूम इस हैवानियत का शिकार न बने। यह अपराध नहीं – इंसानियत की हत्या है।












