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रोजगार का झांसा या मानव तस्करी?

On: March 8, 2026 8:10 PM
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नोवामुंडी की चार बच्चियों को तमिलनाडु ले जाकर बंधक बनाने का आरोप, ग्रामीणों ने विधायक से लगाई गुहार

रिपोर्ट: शैलेश सिंह

पश्चिम सिंहभूम जिले के नोवामुंडी प्रखंड से एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है, जिसने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। नोवामुंडी क्षेत्र के ग्रामीणों ने जगन्नाथपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक सोनाराम सिंकु से मिलकर आरोप लगाया कि क्षेत्र की चार नाबालिग/किशोरियों को रोजगार दिलाने के नाम पर तमिलनाडु ले जाया गया, जहां उन्हें कथित रूप से बंधक बनाकर रखा गया है।
ग्रामीणों और परिजनों का कहना है कि बच्चियां अपने घर लौटना चाहती हैं, लेकिन उन्हें वापस आने नहीं दिया जा रहा है। इस सूचना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश और चिंता दोनों बढ़ गई है। परिवारों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर बच्चियों को सुरक्षित वापस लाने की मांग की है।

बंगला डीपा गांव की चार बच्चियां लापता

मिली जानकारी के अनुसार ये चारों बच्चियां पश्चिम सिंहभूम जिला अंतर्गत नोवामुंडी प्रखंड के महुदी पंचायत के बंगला डीपा गांव की निवासी हैं। जिन बच्चियों के नाम सामने आए हैं, उनमें—
* सुखमती लागुरी (पिता – मंगल लागुरी)
* सोनिवारी बरजो (पिता – स्व. विरा बरजो)
* सपनी बरजो (पिता – गंगा राम बरजो)
* सुखमती बरजो (पिता – देवा बरजो)
बताया जा रहा है कि इन चारों को बेहतर रोजगार और अच्छी कमाई का लालच देकर दक्षिण भारत के तमिलनाडु ले जाया गया। परिजनों का आरोप है कि वहां पहुंचने के बाद बच्चियों को स्वतंत्र रूप से घर लौटने की अनुमति नहीं दी जा रही है और उन्हें जबरन रोके रखा गया है।

परिजनों में भय और बेचैनी

बच्चियों के परिवार इस घटना के बाद से बेहद परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि शुरुआत में उन्हें बताया गया था कि बच्चियों को अच्छी नौकरी दिलाई जाएगी और कुछ ही समय में वे घर लौट सकेंगी।
लेकिन अब जब बच्चियों की वापसी नहीं हो रही है और उनसे संपर्क भी सीमित हो गया है, तो परिवारों की चिंता बढ़ गई है। परिजनों का आरोप है कि बच्चियां फोन पर भी खुलकर बात नहीं कर पा रही हैं, जिससे आशंका और गहरी हो गई है कि उन्हें बंधक बनाकर रखा गया है।

विधायक ने लिया तत्काल संज्ञान

मामले की गंभीरता को देखते हुए विधायक सोनाराम सिंकु ने तुरंत संज्ञान लिया। ग्रामीणों की शिकायत सुनने के बाद उन्होंने मौके पर ही क्षेत्र के डीएसपी को फोन कर पूरे मामले की जानकारी दी।
विधायक ने पुलिस प्रशासन को निर्देश दिया कि मामले की त्वरित जांच की जाए और बच्चियों को सुरक्षित वापस लाने के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएं।
उन्होंने कहा कि यदि यह मामला मानव तस्करी या बंधक बनाने से जुड़ा पाया गया, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

“बेटियों की सुरक्षा सर्वोपरि” – विधायक

इस मामले पर विधायक सोनाराम सिंकु ने कहा कि क्षेत्र की बेटियों की सुरक्षा और सम्मान सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों की बच्चियों को रोजगार के नाम पर बहला-फुसलाकर बाहर ले जाना गंभीर अपराध है।
उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि इस मामले में तेजी से कार्रवाई की जाए, बच्चियों का सही लोकेशन पता लगाया जाए और उन्हें जल्द से जल्द सकुशल उनके परिवारों तक पहुंचाया जाए।

ग्रामीणों ने की सख्त कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों का कहना है कि अगर इस तरह के मामलों पर समय रहते रोक नहीं लगाई गई, तो क्षेत्र की अन्य गरीब परिवारों की बेटियां भी इसी तरह के जाल में फंस सकती हैं।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर यह पता लगाया जाए कि बच्चियों को किस एजेंट या दलाल के माध्यम से बाहर ले जाया गया। साथ ही ऐसे नेटवर्क पर भी कार्रवाई की जाए जो रोजगार के नाम पर ग्रामीण क्षेत्रों से लड़कियों को बाहर ले जाते हैं।

जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता रहे मौजूद

विधायक से मुलाकात के दौरान कई स्थानीय जनप्रतिनिधि और कांग्रेस कार्यकर्ता भी मौजूद थे। इनमें मुख्य रूप से कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष ललित कुमार दोराईबुरु, रंजीत गगराई, नोवामुंडी युवा कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष मामूर अंसारी, प्रखंड उपाध्यक्ष सूरज चंपिया, प्रखंड महासचिव प्रदीप प्रधान, प्रखंड महासचिव रोशन पान, प्रखंड महासचिव दानिश हुसैन, मोरान सिंह कराई, गुलजार अंसारी और सूरज मुखी सहित कई ग्रामीण उपस्थित थे।

बढ़ती मानव तस्करी पर भी उठे सवाल

इस घटना ने एक बार फिर आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों से रोजगार के नाम पर युवतियों को बाहर ले जाने वाले संदिग्ध नेटवर्क पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि पश्चिम सिंहभूम और आसपास के इलाकों से इस तरह के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं।
ऐसे में जरूरत है कि प्रशासन गांव स्तर पर जागरूकता अभियान चलाए, संदिग्ध एजेंटों की पहचान करे और रोजगार के नाम पर होने वाली संभावित मानव तस्करी पर कड़ी निगरानी रखे।
अब पूरे क्षेत्र की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। ग्रामीणों और परिजनों को उम्मीद है कि पुलिस जल्द ही इस मामले का खुलासा करेगी और चारों बच्चियों को सुरक्षित उनके घर वापस लाया जाएगा।

SINGHBHUMHALCHAL NEWS

सिंहभूम हलचल न्यूज़ एक स्थानीय समाचार मंच है, जो पश्चिमी सिंहभूम, झारखंड से सटीक और समय पर समाचार प्रदान करने के लिए समर्पित है। यह राजनीति, अपराध, मौसम, संस्कृति और सामुदायिक मुद्दों को हिंदी में कवर करता है।

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