रिपोर्ट: शैलेश सिंह
घाटकुड़ी गांव के सम्मानित सामाजिक व्यक्ति और गांव के मुंडा बिरसा चांपिया (65 वर्ष) का 11 मार्च की सुबह लगभग 10 बजे निधन हो गया। उनके निधन की खबर फैलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
बताया जाता है कि वे पिछले कई दिनों से बीमार चल रहे थे और उनका इलाज भी कराया जा रहा था, लेकिन स्वास्थ्य में सुधार नहीं होने के कारण उन्होंने अंतिम सांस ली।

उसी दिन शाम लगभग 5 बजे गांव के लोगों और परिजनों की उपस्थिति में पारंपरिक आदिवासी रीति-रिवाजों के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
ग्रामीणों के अनुसार बिरसा चांपिया एक सरल, मिलनसार और समाजहित में सक्रिय रहने वाले व्यक्ति थे। गांव के विकास और सामाजिक कार्यों में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही। उनके निधन से घाटकुड़ी गांव ने एक सजग और जिम्मेदार सामाजिक व्यक्तित्व को खो दिया है।











