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कुमिरता गांव में भारी वाहनों के परिचालन के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध

On: March 16, 2026 7:03 PM
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सड़क टूटने और दुर्घटना की आशंका से ग्रामीण परेशान, पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने किया समर्थन

रिपोर्ट: शैलेश सिंह

नोवामुंडी प्रखंड अंतर्गत कुमिरता गांव में ग्रामीण सड़क पर गुन्डीजोड़ा क्रेशर से जुड़े भारी वाहनों के लगातार परिचालन के खिलाफ ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि भारी वाहनों की आवाजाही से गांव की संकरी सड़क तेजी से टूट रही है और इससे ग्रामीणों के दैनिक जीवन के साथ-साथ उनकी सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई है। इस समस्या को लेकर ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और स्थानीय प्रशासन को लिखित शिकायत भी दी है।

संकरी सड़क पर भारी वाहनों से बढ़ा खतरा

ग्रामीणों का कहना है कि कुमिरता गांव की सड़क पहले से ही संकरी है, ऐसे में उस पर लगातार बड़े-बड़े ट्रकों और डंपरों का परिचालन हो रहा है। इससे सड़क बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो रही है और किसी भी समय गंभीर दुर्घटना होने की आशंका बनी हुई है।
ग्रामीणों के अनुसार गांव के बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं इसी सड़क से रोजाना आवागमन करते हैं, लेकिन भारी वाहनों की वजह से अब यह सड़क उनके लिए खतरे का कारण बनती जा रही है।

भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगाने की मांग

गांव के लोगों ने एकजुट होकर निर्णय लिया है कि ग्रामीण सड़क पर भारी वाहनों के परिचालन को बंद किया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक वैकल्पिक मार्ग नहीं बनाया जाता, तब तक गांव की सड़क से क्रेशर से जुड़े ट्रकों का परिचालन बंद होना चाहिए।

प्रशासन पर ग्रामीणों को डराने का आरोप

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने सड़क पर भारी वाहनों के परिचालन का विरोध किया तो प्रशासन की ओर से उन्हें डराया-धमकाया जा रहा है। इतना ही नहीं, कुछ ग्रामीणों को कथित तौर पर झूठे मुकदमों में फंसाने की भी कोशिश की जा रही है। इसको लेकर गांव में नाराजगी का माहौल बना हुआ है।

ग्रामीणों से मिलने पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा

ग्रामीणों के अनुरोध पर गांव की वास्तविक स्थिति का जायजा लेने और लोगों की समस्याएं सुनने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा कुमिरता गांव पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों के साथ बैठक कर उनकी समस्याओं को विस्तार से सुना और मौके पर सड़क की स्थिति का भी अवलोकन किया।

ग्रामीणों को धमकाने पर जताया रोष

इस दौरान मधु कोड़ा ने ग्रामीणों को धमकाने और उन पर झूठे मुकदमे दर्ज करने के आरोपों पर कड़ा रोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यदि ग्रामीण अपने अधिकारों और सुरक्षा की मांग कर रहे हैं तो इसमें कोई गलत बात नहीं है।

झूठे मुकदमों को वापस लेने की मांग

पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रशासन से मांग की कि ग्रामीणों के खिलाफ दर्ज किए गए कथित झूठे मुकदमों को तुरंत वापस लिया जाए। उन्होंने कहा कि गांव के भोले-भाले लोगों को परेशान करना किसी भी सूरत में उचित नहीं है।

जरूरत पड़ी तो होगा आंदोलन

मधु कोड़ा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ग्रामीणों के साथ अन्याय किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीणों के साथ मिलकर जोरदार आंदोलन किया जाएगा।
उन्होंने कहा,
“गांव के लोगों के हक और अधिकार को किसी भी कीमत पर कुचलने नहीं दिया जाएगा। ग्रामीणों की सुरक्षा और उनकी सुविधा सबसे महत्वपूर्ण है।”

समाधान की आस में ग्रामीण

ग्रामीणों को उम्मीद है कि उनकी समस्या को प्रशासन गंभीरता से लेगा और जल्द ही इस मामले में ठोस कदम उठाए जाएंगे, ताकि गांव की सड़क सुरक्षित रह सके और लोगों को राहत मिल

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सिंहभूम हलचल न्यूज़ एक स्थानीय समाचार मंच है, जो पश्चिमी सिंहभूम, झारखंड से सटीक और समय पर समाचार प्रदान करने के लिए समर्पित है। यह राजनीति, अपराध, मौसम, संस्कृति और सामुदायिक मुद्दों को हिंदी में कवर करता है।

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