दो साल से फाइलों में दबी सड़क, मंत्री से जवाब तलब—“आखिर जनता कब तक झेलेगी बदहाली?”
रिपोर्ट: शैलेश सिंह
विधानसभा सत्र के अंतिम दिन जगन्नाथपुर क्षेत्र के विधायक सोनाराम सिंकु ने अपने ही सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया। ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए उन्होंने कोटगढ़ फॉरेस्ट डाक बंगला से जटिया बाजार होते हुए जटिया मोड़ NH मुख्य सड़क के पुनर्निर्माण का मुद्दा उठाते हुए विभागीय मंत्री दीपिका पांडेय सिंह से तीखा जवाब मांगा।
सिंकु ने सदन में साफ शब्दों में कहा कि यह सड़क तीन विधानसभा और चार प्रखंडों को जोड़ने वाली एकमात्र लाइफलाइन है, लेकिन आज भी बदहाल स्थिति में पड़ी है।

“2023 में DPR बनी, फिर काम क्यों नहीं?”—सदन में सीधा सवाल
विधायक ने सदन में सरकार को घेरते हुए कहा—
“वर्ष 2023 में मेरी अनुशंसा पर विभाग के निर्देश पर मुख्य अभियंता ने प्रशासनिक स्वीकृति के लिए DPR भेजा था, लेकिन आज तक काम शुरू नहीं हुआ। आखिर यह देरी क्यों?”
उन्होंने आरोप लगाया कि फाइलें आगे बढ़ीं, कागजों पर योजनाएं बनीं, लेकिन जमीन पर एक इंच काम नहीं हुआ।
50 से अधिक गांव के लोग झेल रहे हैं परेशानी
सिंकु ने बताया कि इस सड़क के निर्माण नहीं होने से 50 से अधिक गांवों के लोग सीधे प्रभावित हो रहे हैं।
* मरीज समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पा रहे
* छात्रों को स्कूल-कॉलेज जाने में दिक्कत
* किसानों और व्यापारियों का आवागमन बाधित
* बरसात में सड़क पूरी तरह दलदल बन जाती है
उन्होंने कहा कि यह सिर्फ सड़क नहीं, बल्कि जनजीवन की धड़कन है, जिसे सरकार नजरअंदाज कर रही है।
अपने ही मंत्री को सदन में घेरा
सबसे खास बात यह रही कि विधायक ने अपनी ही पार्टी की मंत्री को सदन में जवाब देने पर मजबूर कर दिया।
सिंकु ने खुलासा किया कि उन्होंने इस मुद्दे को लेकर
* पूर्व मंत्री इरफान अंसारी
* वर्तमान मंत्री दीपिका पांडेय सिंह
को कई बार पत्र लिखकर अवगत कराया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि
“अगर बार-बार पत्राचार के बावजूद काम नहीं होता, तो जनता की आवाज सदन में उठाना ही पड़ेगा।”

मंत्री का जवाब—“जल्द शुरू होगा काम”
विधायक के तीखे सवालों के बाद मंत्री दीपिका पांडेय सिंह को सदन में जवाब देना पड़ा।
मंत्री ने आश्वासन दिया कि
* सड़क निर्माण कार्य जल्द शुरू कराया जाएगा
* आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में इसे शामिल कर कार्य प्रारंभ किया जाएगा
हालांकि, यह आश्वासन भी कई सवाल खड़े करता है, क्योंकि पिछले दो वर्षों से सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है, काम नहीं।
जनता में गुस्सा, लेकिन उम्मीद भी जगी
जटिया–कोटगढ़ क्षेत्र के लोगों में इस मुद्दे को लेकर लंबे समय से नाराजगी थी।
लेकिन अब जब विधायक ने इसे विधानसभा में जोरदार तरीके से उठाया, तो लोगों में उम्मीद जगी है कि
अब शायद फाइलों से निकलकर सड़क जमीन पर भी दिखेगी।
“जनप्रतिनिधि का असली काम”—सिंकु की सक्रियता
विधायक सोनाराम सिंकु ने यह साबित कर दिया है कि
जनप्रतिनिधि का काम सिर्फ आश्वासन देना नहीं, बल्कि सरकार से जवाब लेना भी है।
उन्होंने जिस आक्रामक अंदाज में इस मुद्दे को उठाया, उससे साफ है कि वे अपने क्षेत्र की सबसे महत्वपूर्ण सड़क को लेकर पूरी तरह गंभीर हैं।

अब नजर सरकार पर—वादा पूरा या फिर एक और छलावा?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है—
* क्या सरकार इस बार वादा पूरा करेगी?
* या फिर यह मुद्दा भी फाइलों और आश्वासनों में ही दबकर रह जाएगा?
क्योंकि जनता अब और इंतजार के मूड में नहीं है।
अगर जल्द काम शुरू नहीं हुआ, तो यह मुद्दा
सड़क से उठकर आंदोलन तक पहुंच सकता है। 🔥












