रिपोर्ट: शैलेश सिंह
पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित सभागार में आज जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री चंदन कुमार की अध्यक्षता एवं पुलिस अधीक्षक श्री अमित रेनू की मौजूदगी में जिला स्तरीय अनुकंपा/अनुग्रह अनुदान (उग्रवादी हिंसा) समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जानकारी दी गई कि चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान उग्रवादी हिंसा से प्रभावित 7 व्यक्तियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति एवं अनुग्रह अनुदान का लाभ प्रदान किया जा चुका है। यह कदम प्रभावित परिवारों को राहत देने की दिशा में प्रशासन की सक्रियता को दर्शाता है।

4 नए मामलों पर हुई सुनवाई, 3 को मिली अनुशंसा
बैठक के दौरान समिति के समक्ष कुल 4 नए मामले प्रस्तुत किए गए। इनमें से 3 मामलों को अनुकंपा नियुक्ति/अनुग्रह अनुदान तथा 1 मामले को केवल अनुग्रह अनुदान से संबंधित पाया गया।
वरीय पदाधिकारियों ने सभी आवेदनों में संलग्न दस्तावेजों की बारीकी से क्रमवार समीक्षा की और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए उन्हें अग्रेतर कार्रवाई हेतु अनुशंसित किया।
14 मामलों की समीक्षा, दस्तावेजों की कमी बनी बड़ी बाधा
बैठक के उपरांत अधिकारियों ने बताया कि समिति द्वारा कुल 14 मामलों (पूर्व के 10 एवं आज के 4) की विस्तृत जांच निर्धारित मानकों के आधार पर की गई।
हालांकि, 10 मामलों में आवश्यक दस्तावेजों की कमी सामने आई, जिसके कारण प्रक्रिया बाधित हुई। इस पर उपायुक्त ने संबंधित अंचल अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को सख्त निर्देश दिया कि वे जल्द से जल्द सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराएं, ताकि पीड़ित परिवारों को समय पर सहायता मिल सके।
24 नए मामलों के लिए विशेष शिविर लगाने का निर्देश
उग्रवादी हिंसा से जुड़े 24 नए मामलों को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि तय समयसीमा के भीतर विशेष शिविर आयोजित कर दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया पूरी की जाए। इसके बाद सभी मामलों को समिति के समक्ष प्रस्तुत करने को कहा गया, ताकि राहत प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।
वरिष्ठ अधिकारियों की रही मौजूदगी
इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर उपायुक्त श्री प्रवीण केरकट्टा, सामान्य शाखा प्रभारी श्री देवेंद्र कुमार, सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी श्री बहामन टुटी, स्थापना शाखा प्रभारी श्री कुमार हर्ष, गोईलकेरा अंचलाधिकारी श्री विवेक कुमार, बंदगांव अंचलाधिकारी सहित कई अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
पीड़ित परिवारों को राहत देने की दिशा में प्रशासन सक्रिय
बैठक से यह स्पष्ट हुआ कि जिला प्रशासन उग्रवादी हिंसा से प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए गंभीर है। हालांकि, दस्तावेजों की कमी जैसी बाधाओं को दूर करना अभी भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
प्रशासन द्वारा शिविर आयोजित कर दस्तावेजीकरण प्रक्रिया को तेज करने का निर्णय निश्चित रूप से पीड़ित परिवारों के लिए राहत भरा साबित हो सकता है।













