चाईबासा परिसदन में विधायकों से मिले विस्थापित, “पहले पुनर्वास, फिर हटाव” पर बनी सहमति
✍️ रिपोर्ट: शैलेश सिंह
डीपासाई–जाटा हाटिंग में जारी अतिक्रमण हटाओ अभियान
गुवा बाजार स्थित डीपासाई एवं जाटा हाटिंग क्षेत्र में सेल प्रबंधन द्वारा नए प्रोजेक्ट के लिए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी है। इस बीच विस्थापित परिवारों की स्थिति को लेकर प्रशासन ने महत्वपूर्ण स्पष्टता दी है।

“पहले चाबी, फिर खाली होगा घर”
जिला परिषद सदस्या देवकी कुमारी अनुसार उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा—
👉 जिन परिवारों को नए आवास की चाबी मिल चुकी है, उन्हें पुराने घर खाली करना होगा।
👉 जिनको अब तक चाबी नहीं मिली है, उन्हें फिलहाल घर खाली करने की जरूरत नहीं है।
184 घर बनाम 500 परिवार, बढ़ा असंतोष
जानकारी के अनुसार, सेल प्रबंधन ने पुनर्वास के लिए 184 नए घर बनाए हैं, जबकि करीब 500 परिवारों के विस्थापन की बात सामने आ रही है।
इस असंतुलन के कारण विस्थापितों में नाराजगी देखी जा रही है और लोग पुनर्वास को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
बुलडोजर कार्रवाई पर फूटा था आक्रोश
बीते शनिवार को अतिक्रमण हटाने के दौरान बुलडोजर चलाए जाने पर सैकड़ों लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया था। हालात को देखते हुए प्रशासन ने कार्रवाई पर रोक लगाते हुए दो दिनों का समय दिया था।
चाईबासा परिसदन में विधायकों से मिले विस्थापित
विस्थापित परिवारों ने अपनी समस्याओं को लेकर चाईबासा परिसदन में माननीय विधायक जगन्नाथपुर सह उप मुख्य सचेतक (सत्तारूढ़ दल) श्री सोनाराम सिंकु से मुलाकात की।
उनके नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त, चाईबासा से मिला और गुवा के विस्थापितों की समस्याओं से अवगत कराया।
इस दौरान—
* माननीय विधायक मझगांव श्री निरल पूर्ति
* माननीय विधायक खरसावां श्री दशरथ गगराई
* माननीय विधायक मनोहरपुर श्री जगत मांझी
भी मौजूद रहे और विस्थापितों की मांगों का समर्थन किया।
प्रशासन के साथ हुई अहम वार्ता
विधायकों और विस्थापितों के प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त चंदन कुमार से मिलकर पुनर्वास, मुआवजा और वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा की।

बिना पुनर्वास नहीं होगा विस्थापन
उपायुक्त ने भरोसा दिलाया कि—
👉 किसी भी परिवार को बिना वैकल्पिक व्यवस्था के नहीं हटाया जाएगा
👉 सभी पात्र परिवारों के पुनर्वास की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाएगी
विस्थापितों को मिली राहत
उपायुक्त के इस स्पष्ट रुख के बाद विस्थापितों में कुछ राहत देखी गई। लोगों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की पहल का स्वागत किया।














