भ्रष्टाचार नक्सल खदान
अपराध राजनीति खेल समस्या स्वास्थ्य कार्यक्रम शिक्षा दुर्घटना सांस्कृतिक मनोरंजन मौसम कृषि ज्योतिष काम

----Advertisement----

 

गुवा रेलवे साइडिंग बनी हादसों की पटरी। फिर बेपटरी हुई मालगाड़ी, मजदूर संगठन ने सीबीआई जांच की मांग उठाई।

On: October 28, 2025 10:43 AM
Follow Us:
---Advertisement---

दो दिनों में दूसरी बड़ी रेल दुर्घटना, सेल प्रबंधन की लापरवाही पर उठे सवाल

गुवा संवाददाता।
गुवा रेलवे साइडिंग एक बार फिर हादसे की चपेट में आ गया। रविवार की आधी रात एक मालगाड़ी का डिब्बा पटरी से उतर गया, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। राहत और मरम्मत कार्य के लिए देर रात ही तकनीकी टीम मौके पर पहुंची।


लगातार दो दिनों में दो हादसे

यह हादसा उस समय हुआ जब शनिवार की रात को ही सेल के बंकर के पास मालगाड़ी के चार डिब्बे बेपटरी हुए थे। लगातार दो दिनों में हुई इन घटनाओं ने गुवा साइडिंग की सुरक्षा व्यवस्था और रेल लाइन की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


पुरानी ट्रैक प्रणाली बनी खतरा

स्थानीय लोगों और मजदूर संगठनों ने बताया कि गुवा रेलवे साइडिंग की ट्रैक व्यवस्था बेहद जर्जर है। यह लाइन ब्रिटिश काल की पुरानी संरचना पर टिकी है, जिसकी न तो नियमित देखरेख होती है और न ही तकनीकी निरीक्षण। परिणामस्वरूप, हर कुछ महीनों में यहां हादसे होते रहते हैं।


“सेल प्रबंधन में गहराई तक भ्रष्टाचार” — रामा पांडे

झारखंड मजदूर संघर्ष संघ के केंद्रीय अध्यक्ष रामा पांडे ने कहा,

“सेल के अधिकारी आपसी मिलीभगत से भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। गुवा साइडिंग और बंकर क्षेत्र में जो रेल पटरी बिछाई गई है, वह अब भी ब्रिटिश काल की पुरानी लाइन है। जब तक रेल लाइन और तकनीकी ढांचे में सुधार नहीं होगा, इस तरह की घटनाएं जारी रहेंगी।”


सीबीआई जांच की मांग और आंदोलन की चेतावनी

रामा पांडे ने केंद्र सरकार से गुवा साइडिंग में हुई दुर्घटनाओं की निष्पक्ष सीबीआई जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार में शामिल अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जरूरी है।
उन्होंने चेतावनी दी —

“यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो मजदूर संगठन आंदोलन की राह अपनाएगा।”


प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल

लगातार हो रहे हादसों से रेल प्रशासन और सेल प्रबंधन की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से इस साइडिंग की मरम्मत के नाम पर सिर्फ कागजी खानापूरी होती रही है।


सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही

रेलवे सुरक्षा मानकों के अनुसार किसी भी औद्योगिक साइडिंग की समय-समय पर तकनीकी जांच जरूरी होती है, मगर गुवा साइडिंग में यह प्रक्रिया पूरी तरह उपेक्षित है। यही कारण है कि मामूली कंपन या दबाव में डिब्बे बेपटरी हो रहे हैं।


स्थानीय जनप्रतिनिधियों की चुप्पी भी सवालों में

स्थानीय जनप्रतिनिधियों की चुप्पी ने भी लोगों को नाराज़ किया है। ग्रामीणों का कहना है कि जब मजदूर रोजाना इसी साइडिंग से गुजरते हैं, तो उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना जनप्रतिनिधियों और प्रशासन दोनों की जिम्मेदारी है।


भ्रष्टाचार के खिलाफ जनआक्रोश

इन घटनाओं ने मजदूरों और स्थानीय लोगों के बीच गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है। सोशल मीडिया पर भी लोग सेल प्रबंधन की आलोचना कर रहे हैं और पारदर्शी जांच की मांग उठा रहे हैं।


अंतिम सवाल – आखिर जिम्मेदारी किसकी?

लगातार दो दिनों में दो रेल हादसे होने के बावजूद न तो किसी अधिकारी को निलंबित किया गया और न ही कोई ठोस बयान जारी हुआ। सवाल अब यही है —
क्या गुवा साइडिंग में चल रही यह लापरवाही किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रही है?

SINGHBHUMHALCHAL NEWS

सिंहभूम हलचल न्यूज़ एक स्थानीय समाचार मंच है, जो पश्चिमी सिंहभूम, झारखंड से सटीक और समय पर समाचार प्रदान करने के लिए समर्पित है। यह राजनीति, अपराध, मौसम, संस्कृति और सामुदायिक मुद्दों को हिंदी में कवर करता है।

Join WhatsApp

Join Now

Leave a Comment