एक सप्ताह का अल्टीमेटम
रिपोर्ट: शैलेश सिंह
गरीबों का हक डकारने वालों पर आखिरकार प्रशासन की लाठी चल ही गई। वर्षों से अपात्र होकर भी सरकारी अनाज पर डाका डाल रहे तथाकथित “गरीब” परिवारों के खिलाफ पीरो अनुमंडल प्रशासन ने सीधा मोर्चा खोल दिया है। अनुमंडल पदाधिकारी, पीरो ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत एक गृहस्थी को नोटिस जारी कर सख्त चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर जवाब नहीं दिया गया, तो राशन कार्ड रद्द कर कानूनी कार्रवाई ठोकी जाएगी।
यह नोटिस 17 दिसंबर 2025 को ज्ञापांक 2473/आ० के तहत जारी किया गया है। प्रशासन ने साफ शब्दों में कहा है कि अपात्र होते हुए भी राशन कार्ड बनवाना और जन वितरण प्रणाली से अनुदानित खाद्यान्न उठाना सीधा अपराध है।

गरीबों के हिस्से का अनाज हड़पने वालों पर प्रहार
अनुमंडल प्रशासन के अनुसार संबंधित कार्डधारी न केवल अपात्र श्रेणी में आता है, बल्कि वर्षों से बिना स्व-घोषणा दिए सरकारी राशन का उठाव कर रहा है। यह कृत्य राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम की खुली अवहेलना है।
अधिकारियों का कहना है कि अब ऐसे लोगों को बख्शा नहीं जाएगा, जिन्होंने मोटर गाड़ी, पक्का मकान और अच्छी आमदनी होने के बावजूद खुद को गरीब बताकर सरकारी अनाज हजम कर लिया।
ये लोग हैं सरकारी अनाज के असली लुटेरे
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निम्न श्रेणी के लोग पात्र नहीं माने जाएंगे—
मोटर चालित तीन या चार पहिया वाहन रखने वाले।
मशीन चालित कृषि उपकरणों के मालिक।
गैर-कृषि उद्योग चलाने वाले।
जिनकी मासिक आय 10 हजार रुपये से अधिक है।
आयकर और व्यवसायिक कर देने वाले।
तीन या उससे अधिक कमरों वाले पक्के मकान में रहने वाले।
25 एकड़ या उससे अधिक सिंचित भूमि रखने वाले।
सरकारी नौकरी करने वाले परिवार।
स्थानीय निकाय या स्वशासी संस्थाओं में नियमित वेतन पाने वाले कर्मी।
इन सभी को प्रशासन ने सीधे तौर पर “अपात्र” घोषित किया है।
एक सप्ताह में जवाब नहीं तो सीधी कार्रवाई
अनुमंडल पदाधिकारी ने नोटिस में कहा है कि संबंधित परिवार को एक सप्ताह के भीतर साक्ष्य सहित अपना पक्ष रखना होगा। यदि तय समय में जवाब नहीं दिया गया, तो यह माना जाएगा कि आरोपी के पास कोई सफाई नहीं है। इसके बाद उसका राशन कार्ड रद्द कर उसके खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि यह केवल शुरुआत है। आने वाले दिनों में पीरो अनुमंडल क्षेत्र के सैकड़ों राशन कार्डों की जांच की जाएगी और फर्जी कार्डधारियों की सूची तैयार कर उन्हें एक-एक कर बाहर किया जाएगा।
प्रशासन का कड़ा संदेश – अब नहीं चलेगी लूट
अनुमंडल प्रशासन ने दो टूक कहा है कि गरीबों की थाली से निवाला छीनने वालों को अब किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। सरकारी अनुदान का गलत इस्तेमाल करने वालों पर कानून का डंडा चलेगा।
एक अधिकारी ने साफ शब्दों में कहा,
“जो लोग अपात्र होते हुए भी राशन कार्ड बनवाकर वर्षों से अनाज उठा रहे हैं, वे गरीब नहीं बल्कि सरकारी योजनाओं के दुश्मन हैं।”
गांवों में मचा हड़कंप, फर्जी कार्डधारियों में डर
इस कार्रवाई के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में खलबली मच गई है। कई परिवारों में भय का माहौल है कि कहीं उनका नाम भी जांच सूची में न आ जाए। वहीं, आम ग्रामीणों का कहना है कि यह कार्रवाई बहुत पहले हो जानी चाहिए थी, क्योंकि वर्षों से कुछ संपन्न लोग गरीबों का हक मारते आ रहे हैं।
बड़ा अभियान बनने के संकेत
सूत्रों की मानें तो पीरो अनुमंडल में जल्द ही विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा। इसमें बीडीओ, आपूर्ति पदाधिकारी और पंचायत स्तर के कर्मियों की संयुक्त टीम बनाई जाएगी, जो घर-घर जाकर सत्यापन करेगी। जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ प्राथमिकी तक दर्ज की जा सकती है।














