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गुवा डाकघर में 50 लाख की फर्जी निकासी का पर्दाफाश, उप डाकपाल गिरफ्तार

On: October 8, 2025 1:03 PM
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ऑनलाइन जुए और कसीनो ऐप में उड़ाई जनता की जमा पूंजी, आरोपी ने कबूला अपराध

गुवा संवाददाता।
झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले के गुवा रेलवे मार्केट स्थित डाकघर में बड़ा घोटाला सामने आया है। यहां पदस्थापित तत्कालीन उप डाकपाल विकास चंद्र कुईला (46 वर्ष) को पुलिस ने 50 लाख से अधिक की फर्जी निकासी के मामले में गिरफ्तार किया है। आरोपी ने डाकघर की विभिन्न बचत योजनाओं के खाताधारकों के पैसे को ऑनलाइन जुए और कसीनो ऐप में उड़ा दिया


दो साल तक चला घोटाला, खुलासा हुआ 50 लाख 56 हजार रुपये की गड़बड़ी का

पुलिस जांच में सामने आया है कि यह घोटाला 1 फरवरी 2023 से 19 जून 2025 के बीच हुआ। इस अवधि में आरोपी विकास कुईला ने ₹50,56,473/- (पचास लाख छप्पन हजार चार सौ तिहत्तर रुपये) की राशि की फर्जी निकासी की।
यह रकम डाकघर की रिकरिंग, सावधि जमा, मासिक आय योजना और बचत खातों से खाताधारकों की नकली हस्ताक्षर और पासबुक एंट्री के जरिए निकाली गई थी।


डाक निरीक्षक ने की शिकायत, दर्ज हुआ मामला

इस मामले की शिकायत डाक निरीक्षक सुमन कुमार सांमता ने गुवा थाना में की। उनके आवेदन के आधार पर गुवा थाना कांड संख्या 34/2025 दर्ज किया गया।
शिकायत में बताया गया कि उप डाकपाल विकास कुईला ने डाकघर के सिस्टम का गलत उपयोग कर कई खातों से अनधिकृत निकासी की और राशि अपने व्यक्तिगत बैंक खाते व ई-वॉलेट्स में ट्रांसफर कर दी।


‘Delta Exchange’ और ‘Dhoom 999 Casino’ ऐप में उड़ाई रकम

पुलिस जांच के दौरान जब आरोपी के बैंक खातों और डाकघर से जुड़े लेनदेन की पड़ताल की गई तो चौंकाने वाले खुलासे हुए।
विकास कुईला ने निकाली गई राशि से ऑनलाइन जुए के ऐप — Delta Exchange और Dhoom 999 Casino पर लाखों रुपये गंवाए।
इतना ही नहीं, वह स्थानीय जुआ स्थलों जैसे मुर्गा पाड़ा हब्बा डब्बा में भी नियमित रूप से हार-जीत का खेल खेलता था।
जांचकर्ताओं ने पाया कि आरोपी ने अपनी लत को पूरा करने के लिए सरकारी फंड को निजी जुए में झोंक दिया।


एसपी के निर्देश पर हुई छापेमारी, आरोपी घर से गिरफ्तार

पश्चिम सिंहभूम के पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (किरीबुरू) अजय केरकेट्टा के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई।
टीम ने टुंगरी स्थित आरोपी के आवास पर छापेमारी कर उसे गिरफ्तार किया।
छापेमारी के दौरान आरोपी की पत्नी और दो स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में कार्रवाई की गई।
पुलिस ने मौके से आरोपी का OPPO कंपनी का एंड्रॉयड मोबाइल फोन जब्त किया है, जिसमें ऑनलाइन जुए और कसीनो ऐप्स से संबंधित डिजिटल साक्ष्य मिलने की संभावना है।


पूछताछ में आरोपी ने किया अपराध स्वीकार

पुलिस पूछताछ में विकास कुईला ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए कहा कि उसने “जुए की लत और तेज़ी से पैसा कमाने की चाह” में यह कदम उठाया।
उसने माना कि वह धीरे-धीरे ऑनलाइन जुए के चक्कर में फंस गया और खाताधारकों के पैसे को निवेश की तरह इस्तेमाल करने लगा, लेकिन सबकुछ हार गया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपी मानसिक रूप से तनावग्रस्त था और गिरफ्तारी के वक्त रो पड़ा।


डाक विभाग की साख पर धब्बा, जांच होगी व्यापक

इस घटना के बाद डाक विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी और उसके सभी लेनदेन की ऑडिट जांच होगी।
संभावना जताई जा रही है कि घोटाले में अन्य कर्मचारियों की भी संलिप्तता हो सकती है।
डाक निरीक्षक सुमन कुमार सांमता ने कहा कि “जनता की मेहनत की कमाई से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग सख्त कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है।”


फर्जी निकासी से डरे खाताधारक, जांच की मांग तेज

गुवा, मेघाहातुबुरू और आस-पास के क्षेत्रों के डाक खाताधारकों में भय और आक्रोश का माहौल है।
लोगों ने मांग की है कि डाकघर के सभी पुराने खातों की संपूर्ण जांच कराई जाए ताकि किसी और की जमा राशि पर भी हाथ न साफ किया गया हो।
स्थानीय सामाजिक संगठनों ने कहा कि “यह सिर्फ भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि जनता के भरोसे की हत्या है।


जुए की लत ने तबाह किया सरकारी अधिकारी का करियर

एक समय पर ईमानदार माने जाने वाले विकास कुईला की जुए की लत ने उसका जीवन और करियर दोनों बर्बाद कर दिए।
पुलिस का कहना है कि आरोपी ने जुए के लिए कई ऑनलाइन ऐप्स पर ID बनाई और रोजाना बड़ी रकम हारता गया।
आखिरकार जब उसके खातों की ऑडिट ट्रेल सामने आई, तो सारा राज़ खुल गया।


आगे की कार्रवाई: संपत्ति जब्ती और डिजिटल फॉरेंसिक जांच

पुलिस ने बताया कि अब आरोपी के बैंक खातों, मोबाइल डेटा और डाकघर के रिकॉर्ड की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी।
साथ ही, आरोपी द्वारा अवैध रूप से अर्जित संपत्ति की कुर्की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।
मामले की जांच डीएसपी अजय केरकेट्टा की निगरानी में जारी है।


जनता की गाढ़ी कमाई का जुआघर में अंत

गुवा का यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति का अपराध नहीं, बल्कि सिस्टम की नाकामी और निगरानी की कमजोरी का प्रतीक है।
सरकारी संस्थान में बैठे लोग जब जनता के विश्वास को दांव पर लगाते हैं, तो सवाल सिर्फ एक व्यक्ति पर नहीं, पूरे तंत्र पर उठता है।
गुवा डाकघर घोटाला अब इस बात की चेतावनी है कि डिजिटल सिस्टम के युग में भी पारदर्शिता और ईमानदारी की निगरानी जरूरी है।

SINGHBHUMHALCHAL NEWS

सिंहभूम हलचल न्यूज़ एक स्थानीय समाचार मंच है, जो पश्चिमी सिंहभूम, झारखंड से सटीक और समय पर समाचार प्रदान करने के लिए समर्पित है। यह राजनीति, अपराध, मौसम, संस्कृति और सामुदायिक मुद्दों को हिंदी में कवर करता है।

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