जातिसूचक गाली, मारपीट और धमकी के मामले में थी तलाश, सीमावर्ती इलाके में दबंगई की चर्चा
रिपोर्ट: शैलेश सिंह
झारखंड–ओडिशा सीमावर्ती जैंतगढ़ क्षेत्र में लंबे समय से विवाद और दहशत का पर्याय बने कविश राजा को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। गुरुवार दोपहर जगन्नाथपुर पुलिस ने विशेष रणनीति बनाकर जाल बिछाया और उसे पकड़ लिया।
कविश राजा के खिलाफ जगन्नाथपुर थाना में कांड संख्या 85/25 दर्ज है, जिसमें उस पर जातिसूचक गाली देने, मारपीट करने और धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी, लेकिन वह बार-बार पुलिस को चकमा देकर बच निकल रहा था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार हाल ही में इस मामले के गवाह पर हुए जानलेवा हमले के बाद पुलिस ने इसे गंभीर चुनौती के रूप में लिया और अभियान तेज कर दिया। अंततः गुरुवार को उसे जैंतगढ़ क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया।

गवाह पर हमले के बाद बढ़ी कार्रवाई
मामले के गवाह अमर गिरी पर गुरुवार को ही हमला किए जाने का आरोप सामने आया है। बताया जा रहा है कि कविश राजा के इशारे पर उसके सहयोगी दिलीप नायक और नदीम अहमद ने अमर गिरी पर हमला कर दिया।
हमले में अमर गिरी गंभीर रूप से घायल हो गया और उसका माथा फट गया। घटना के बाद इस संबंध में थाना में शिकायत भी दर्ज कराई गई।
सूत्रों के अनुसार गवाह पर हमले की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई। इसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कविश राजा को पकड़ने के लिए विशेष टीम गठित की और कुछ ही घंटों में उसे गिरफ्तार कर लिया।

कौन है कविश राजा
कविश राजा जैंतगढ़ निवासी हम्माद आलम का पुत्र बताया जाता है। वह कपड़ों के कारोबार से जुड़ा हुआ है और सीमावर्ती क्षेत्रों में उसका व्यापार चलता है।
जानकारी के अनुसार ओडिशा के चंपुआ में कपड़ा बाजार में उसका व्यवसाय है। इसके अलावा जैंतगढ़ में वह “स्टाइल बाजार” नाम से दुकान संचालित करता है और कपड़ों का होलसेल व्यापार भी करता है।
हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि व्यवसाय के साथ-साथ वह अक्सर विवादों में भी घिरा रहता था।

ग्रामीणों ने पहले भी की थी शिकायत
स्थानीय स्तर पर कई लोगों का आरोप रहा है कि कविश राजा अपने प्रभाव और धन के बल पर इलाके में दबाव बनाने की कोशिश करता था। ग्रामीणों द्वारा उसके खिलाफ प्रशासन को कई बार शिकायतें भी दी गई थीं।
ग्रामीणों का कहना है कि वह अक्सर लोगों के साथ गाली-गलौज करता था और विवाद की स्थिति पैदा कर देता था। हालांकि कई मामलों में आपसी समझौते के कारण मामला आगे नहीं बढ़ पाया था।
लेकिन जातिसूचक गाली और मारपीट के मामले में दर्ज प्राथमिकी के बाद पुलिस ने उसे आरोपी बनाया और उसकी तलाश शुरू की।
काफिला निकालकर शक्ति प्रदर्शन भी रहा चर्चा में
कविश राजा इससे पहले भी अपने शक्ति प्रदर्शन को लेकर चर्चा में रहा है। कुछ समय पहले उसने दर्जनों छोटे वाहनों के साथ जैंतगढ़ क्षेत्र में काफिला निकाला था।
इस दौरान कथित रूप से हथियारों का प्रदर्शन किया गया और खुलेआम रुपये उड़ाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस घटना के बाद इलाके में उसकी गतिविधियों को लेकर काफी चर्चा हुई थी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के प्रदर्शन से क्षेत्र में भय और असंतोष का माहौल बन गया था।

महाकाल ग्रुप से संबंधों की भी चर्चा
पुलिस सूत्रों के अनुसार कविश राजा के तार कथित रूप से महाकाल ग्रुप से जुड़े होने की भी संभावना जताई जा रही है।
बताया जाता है कि ओडिशा के चंपुआ थाना क्षेत्र सहित झारखंड-ओडिशा सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय कुख्यात अपराधी विश्वजीत गिरी उर्फ गणेश गिरी से भी उसके संपर्क की चर्चा रही है।
हालांकि पुलिस ने अभी तक इन संबंधों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन गिरफ्तारी के बाद इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
पुलिस की सख्ती से इलाके में चर्चा
कविश राजा की गिरफ्तारी के बाद जैंतगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में यह घटना चर्चा का विषय बन गई है। लोगों का कहना है कि लंबे समय से विवादों में घिरे व्यक्ति की गिरफ्तारी से क्षेत्र में कानून व्यवस्था को लेकर सख्त संदेश गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। किसी भी तरह की दबंगई या आपराधिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
फिलहाल पुलिस कविश राजा से पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े अन्य आरोपियों तथा संभावित आपराधिक नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।













