बंदगांव थाना क्षेत्र में 5 एकड़ से अधिक अफीम की खेती ध्वस्त, एक तस्कर गिरफ्तार, कई की तलाश जारी
रिपोर्ट: शैलेश सिंह
पश्चिमी सिंहभूम जिला एक बार फिर नशे के कारोबार के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई का गवाह बना। बंदगांव थाना कांड संख्या 02/26, दिनांक 19.02.2026, धारा 8(b)/18 NDPS एक्ट के तहत पुलिस ने बड़े पैमाने पर अवैध पोस्ता (अफीम) की खेती का भंडाफोड़ करते हुए उसे पूरी तरह विनष्ट कर दिया।
दिनांक 19 फरवरी 2026 को पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि ग्राम इटी विरदा, केराबासा एवं जलमय के आसपास के घने जंगल क्षेत्रों में अवैध रूप से पोस्ता की खेती की जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस महकमा हरकत में आया और नशे के इस काले कारोबार पर करारा प्रहार करने की रणनीति बनाई गई।

एसपी के आदेश पर गठित हुई विशेष छापामारी टीम
सूचना के सत्यापन एवं त्वरित कार्रवाई हेतु चाईबासा स्थित पुलिस अधीक्षक के आदेशानुसार एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सदर (प्रभार चक्रधरपुर) के निर्देश पर सभी SOP का पालन करते हुए एक विशेष छापामारी दल का गठन किया गया।
छापामारी दल ने जंगलों में सघन अभियान चलाकर तीन गांवों में फैली अवैध खेती को चिन्हित किया और मौके पर ही उसे नष्ट कर दिया।
कहां-कहां कितनी खेती नष्ट की गई
छापामारी के दौरान पुलिस ने निम्नलिखित क्षेत्रों में अवैध अफीम की खेती को ध्वस्त किया—
ग्राम इटी विरदा – करीब 02 एकड़ भूमि में पोस्ता की खेती
ग्राम केराबासा – करीब 15 डिसमिल भूमि में पोस्ता की खेती
ग्राम जलमय – करीब 03 एकड़ भूमि में पोस्ता की खेती
इस प्रकार कुल मिलाकर 5 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैली नशे की फसल को जड़ से उखाड़ फेंका गया।
यह कार्रवाई नक्सल प्रभावित एवं दुर्गम जंगल क्षेत्र में की गई, जो अपने आप में बड़ी प्रशासनिक सफलता मानी जा रही है।
एक नामजद आरोपी गिरफ्तार, जेल भेजा गया
पुलिस ने कांड में त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद प्राथमिकी अभियुक्त—
जिठुवा कोंगाड़ी, उम्र करीब 55 वर्ष
पिता – स्व. दंदु कोंगाड़ी
निवासी – ग्राम जलमय टोला जुगी जलमय, थाना बंदगांव, जिला पश्चिमी सिंहभूम
को दिनांक 21.02.2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है।
पुलिस का कहना है कि अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापामारी अभियान जारी है और शीघ्र ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।
नशे की खेती = समाज को बर्बाद करने की साजिश
पोस्ता की खेती केवल कानून अपराध नहीं, बल्कि यह पूरे समाज को नशे की आग में झोंकने की साजिश है।
ग्रामीण इलाकों में इस तरह की खेती—
युवाओं को नशे की दलदल में धकेलती है
संगठित अपराध को बढ़ावा देती है
नक्सल और माफिया नेटवर्क को आर्थिक ताकत देती है
पुलिस की यह कार्रवाई केवल खेत नष्ट करने तक सीमित नहीं, बल्कि नशे के पूरे नेटवर्क पर सीधा वार है।
पुलिस की सख्त चेतावनी
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि—
“अफीम या किसी भी प्रकार की अवैध खेती करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। जंगल और खेत अब अपराधियों के सुरक्षित ठिकाने नहीं रहेंगे।”
आने वाले दिनों में बंदगांव, कराईकेला, आनंदपुर और सीमावर्ती जंगल क्षेत्रों में लगातार विशेष अभियान चलाया जाएगा।
छापामारी टीम में शामिल अधिकारी
इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने वाली विशेष छापामारी टीम में शामिल थे—
पु०अ०नि० मनीष कुमार – थाना प्रभारी, बंदगांव थाना
पु०अ०नि० हरिश्चंद्र प्रसाद – बंदगांव थाना (अनुसंधानकर्ता)
स०अ०नि० योगेश चन्द्र बोइपाई – बंदगांव थाना
सैट-55 बंदगांव थाना के सशस्त्र बल
इन अधिकारियों एवं जवानों ने दुर्गम जंगलों में जोखिम उठाकर अभियान को सफल बनाया।














