ग्रामीणों की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया निर्णय, पूजा-अर्चना और पारंपरिक कार्यक्रम होंगे आयोजित
गुवा संवाददाता।
गुवा थाना क्षेत्र अंतर्गत रोवाम गांव में आगामी 12 और 13 मार्च को आदिवासी समाज का प्रमुख पारंपरिक त्योहार मागे पर्व पूरे हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा। इस संबंध में गांव के मुंडा, दियूरी तथा ग्रामीणों की एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें सर्वसम्मति से पर्व को सामूहिक रूप से मनाने का निर्णय लिया गया।

मुंडा और दियूरी की अध्यक्षता में हुई बैठक
बैठक की अध्यक्षता रोवाम गांव के मुंडा बुधराम सिद्धू एवं गांव के दियूरी मेघराम सिद्धू ने संयुक्त रूप से की। बैठक के दौरान ग्रामीणों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार मागे पर्व मनाने को लेकर विस्तार से चर्चा की।
तैयारियों और जिम्मेदारियों पर हुई चर्चा
बैठक में पर्व के आयोजन को लेकर विभिन्न तैयारियों पर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही पूजा-अर्चना, पारंपरिक अनुष्ठानों तथा सामुदायिक कार्यक्रमों के सफल संचालन के लिए ग्रामीणों के बीच अलग-अलग जिम्मेदारियां तय करने पर भी सहमति बनी।

आदिवासी समाज का महत्वपूर्ण पारंपरिक पर्व
इस अवसर पर मुंडा बुधराम सिद्धू ने कहा कि मागे पर्व आदिवासी समाज का एक महत्वपूर्ण पारंपरिक त्योहार है। इसे गांव में हर वर्ष सामूहिक रूप से मनाया जाता है। इस पर्व के दौरान पूजा-अर्चना के साथ-साथ पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन किया जाता है, जिसमें गांव के सभी लोग उत्साहपूर्वक भाग लेते हैं।
सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे आयोजित
ग्रामीणों ने बताया कि पर्व के अवसर पर गांव में पारंपरिक पूजा-पाठ के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि नई पीढ़ी अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ सके।

ग्रामीणों ने लिया सफल आयोजन का संकल्प
बैठक में धनू सिद्धू, चुम्बूरु सिद्धू, चुबमरू पूर्ती सहित कई ग्रामीण उपस्थित थे। सभी ग्रामीणों ने एकजुट होकर इस पारंपरिक पर्व को सफलतापूर्वक मनाने का संकल्प लिया।














