रिपोर्ट शैलेश सिंह।
ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (AIDSO) झारखंड इकाई की ऑर्गेनाइजेशनल एक्टिविस्ट मीटिंग में राज्य की शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चर्चा हुई और आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया गया। यह जानकारी AIDSO पश्चिमी सिंहभूम के जिला सचिव सत्येन महतो ने दी।

संगठन को मजबूत करने पर सहमति
बैठक में संगठन को मजबूत करने और राज्यभर में व्यापक सदस्यता अभियान चलाने पर सहमति बनी। सभी जिलों में छात्रों को जोड़कर संगठनात्मक ढांचे को और सशक्त करने का निर्णय लिया गया।
केंद्रीय व प्रदेश नेतृत्व रहा मौजूद
बैठक में केंद्रीय परिषद अध्यक्ष सौरभ घोष, केंद्रीय कोषाध्यक्ष समसुल आलम, वर्किंग कमिटी सदस्य विश्वजीत राय व निरुपमा बेहरा, प्रदेश अध्यक्ष समर महतो और प्रदेश सचिव सोहन महतो उपस्थित रहे।
शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
प्रदेश सचिव सोहन महतो ने कहा कि झारखंड की शिक्षा व्यवस्था बदहाल है। छात्रवृत्ति समय पर नहीं मिल रही, अपग्रेड +2 स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं बनी हुई हैं।
सदस्यता अभियान होगा तेज
उन्होंने बताया कि राज्य के विभिन्न शिक्षण संस्थानों, गांवों, शहरों और मोहल्लों में छात्रों के बीच व्यापक सदस्यता अभियान चलाया जाएगा। इसके माध्यम से छात्रों को संगठित कर आंदोलन को धार दी जाएगी।
“शिक्षा, संस्कृति और मानवता बचाओ आंदोलन”
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि “शिक्षा, संस्कृति और मानवता बचाओ आंदोलन” को राज्यव्यापी स्तर पर तेज किया जाएगा और शैक्षणिक समस्याओं के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।

पश्चिमी सिंहभूम से आए सुझाव
बैठक में पश्चिमी सिंहभूम जिला कमेटी के महत्वपूर्ण सुझाव रखे गए। जिला अध्यक्ष सगुन हांसदा, जिला सचिव सत्येन महतो सहित विभिन्न जिलों के कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को साझा किया।
आंदोलन को मिलेगी नई दिशा
सत्येन महतो ने कहा कि संगठन का लक्ष्य शिक्षा व्यवस्था में सुधार, छात्रवृत्ति की नियमित व्यवस्था, शिक्षकों की बहाली और छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित कराने के लिए राज्य सरकार पर दबाव बनाना है। इसके लिए जल्द ही राज्यव्यापी आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी।













