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‘कहानी से कलम तक’ पहल से बदलेगी बच्चों की भाषा सीखने की तस्वीर- डॉ आशीष कुमार

On: April 8, 2026 8:31 PM
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केन्द्रीय विद्यालय संगठन, रांची क्षेत्र में 100-दिवसीय मास्टर प्लान से बच्चों को बनाया जाएगा आत्मविश्वासी वक्ता और लेखक

रिपोर्ट: शैलेश सिंह

केन्द्रीय विद्यालय संगठन (KVS), रांची प्रक्षेत्र के अंतर्गत केंद्रीय विद्यालय, मेघाहातुबुरु में भी एक अभिनव शैक्षणिक पहल “कहानी से कलम तक” की शुरुआत की गई है, जिसका उद्देश्य प्राथमिक स्तर के बच्चों को सुनने से लिखने तक की संपूर्ण भाषा यात्रा में दक्ष बनाना है। यह बाल वाटिका 3 से 5 और कक्षा 1 और 2 के विद्यार्थियों पर अलग अलग केंद्रित है। उक्त जानकारी केन्द्रीय विद्यालय मेघाहातुबुरु के प्राचार्य डॉ. आशीष कुमार ने देते हुए बताया कि, यह पहल बच्चों के भीतर छिपे संवाद कौशल और लेखन क्षमता को विकसित करने के लिए कहानी आधारित शिक्षण पद्धति को मुख्य आधार बनाती है।

सुनने से लिखने तक का सफर: समस्या और समाधान

बच्चे सुनने में तेज, लिखने में कमजोर—कहानी बनी पुल

वर्तमान स्थिति में देखा गया है कि अधिकांश बच्चे कहानियां सुनने में रुचि रखते हैं और उन्हें आसानी से समझ भी लेते हैं, लेकिन जब बात आती है पढ़ने और लिखने की, तो वे हिचकिचाते हैं।
इसी अंतर को पाटने के लिए “कहानी से कलम तक” परियोजना तैयार की गई है, जहां कहानियों को ही भाषा सीखने का आधार बनाया गया है।

100 दिनों का खास प्लान: 42 विद्यालयों में लागू होगी योजना

1 अप्रैल से 30 अगस्त तक चलेगा विशेष अभियान

इस परियोजना को रांची क्षेत्र के 42 केन्द्रीय विद्यालयों में लागू किया जा रहा है।
* अवधि: 100 दिन (1 अप्रैल से 30 अगस्त 2026)
* लक्ष्य समूह: बाल वाटिका 3, 4 और 5
* सामग्री: प्रत्येक कक्षा के लिए 6 कहानियां (3 हिंदी, 3 अंग्रेजी)
* हर 15 दिन में एक कहानी पूरी की जाएगी

नई शिक्षा नीति से जुड़ा है प्रोजेक्ट

NEP 2020 और NCF-SE 2023 के अनुरूप तैयार

यह परियोजना पूरी तरह से राष्ट्रीय शिक्षा नीतियों के अनुरूप है—
* NEP 2020 के अनुभवात्मक और खेल आधारित शिक्षण को अपनाया गया
* NCF-SE 2023 के पाठ्यक्रम लक्ष्यों से सीधा जुड़ाव
* NIPUN भारत मिशन के तहत बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक कौशल पर फोकस

चार स्तंभों पर आधारित है पूरी रणनीति

सुनना, पढ़ना, लिखना और सोच—चारों का संतुलित विकास

पहला स्तंभ: सक्रिय सुनना और समझ
* द्विभाषी कहानी सत्र (हिंदी और अंग्रेजी)
* बच्चों में ध्यान और भागीदारी की आदत विकसित करना
दूसरा स्तंभ: धाराप्रवाह और अभिव्यक्तिपूर्ण पढ़ाई
* लक्ष्य: बाल वाटिका 3 के लिए 60 शब्द प्रति मिनट (WCPM)
* 76% बच्चे पहले से इस स्तर पर, 24% को विशेष सहायता
* तकनीक:
० रिपीटेड रीडिंग
० कोरल रीडिंग
० ऑडियो आधारित सत्र
तीसरा स्तंभ: शब्दावली से आत्मविश्वासी लेखन
* कहानियों से स्वाभाविक शब्द सीखना
* शिक्षक के मार्गदर्शन से वाक्य निर्माण
* अंत में स्वतंत्र रूप से पैराग्राफ लिखना
चौथा स्तंभ: रणनीतिक सोच और भविष्य की तैयारी
* बाल वाटिका 5 में तार्किक सोच विकसित करना
* “पहले–अब–आगे” (Before–Now–Next) मॉडल से कहानी निर्माण
* नैतिक और विश्लेषणात्मक सोच को बढ़ावा

बाल वाटिका 3 से 5 तक क्रमिक विकास का मॉडल

हर कक्षा के लिए अलग लक्ष्य और रणनीति

* बाल वाटिका 3: सरल वाक्य और बुनियादी पढ़ाई
* बाल वाटिका 4: संरचित लेखन और अभिव्यक्तिपूर्ण पढ़ाई
* बाल वाटिका 5: विश्लेषणात्मक लेखन और समस्या समाधान

तीन महीनों में बदलेगा सीखने का तरीका

हर महीने अलग लक्ष्य और परिणाम

पहला महीना: समझ और निर्माण
* चित्र आधारित कहानी
* पात्रों की पहचान
दूसरा महीना: पढ़ाई और लेखन में सुधार
* टाइम्ड रीडिंग
* गाइडेड लेखन
तीसरा महीना: आत्मविश्वास और प्रस्तुति
* पैराग्राफ लेखन
* मंच पर प्रस्तुति

पाठ्यक्रम से जुड़ी कहानियां और भारतीय परंपरा का समावेश

NCERT, पंचतंत्र और जातक कथाओं का उपयोग

इस परियोजना में—
* NCERT की कहानियां
* पंचतंत्र और जातक कथाएं
* कला और नाट्य गतिविधियों के साथ सीखना

मूल्यांकन भी होगा आधुनिक और समग्र

TARA-ORF से पढ़ाई की सटीक जांच

* पढ़ने की गति और शुद्धता का मापन
* साप्ताहिक मूल्यांकन
* अंतिम लेखन परीक्षा (L1 से L4 स्तर)

हर बच्चे का बनेगा ‘स्टोरी पोर्टफोलियो’

ड्राइंग, लेखन और वीडियो तक का रिकॉर्ड

* प्रत्येक छात्र के लिए अलग फोल्डर
* डिजिटल रिकॉर्ड (फोटो और वीडियो)
* शिक्षक द्वारा साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट

हर बच्चे को मिलेगी अपनी कहानी लिखने की ताकत

“कहानी से कलम तक” सिर्फ एक परियोजना नहीं, बल्कि एक शैक्षणिक क्रांति की शुरुआत है। यह पहल बच्चों को न सिर्फ अच्छा पाठक और लेखक बनाएगी, बल्कि उन्हें आत्मविश्वासी वक्ता और बेहतर सोच वाला नागरिक भी बनाएगी।
इस पहल का मूल संदेश साफ है—
“हर बच्चे के पास एक कहानी है, जरूरत है उसे लिखने का आत्मविश्वास देने की।”

SINGHBHUMHALCHAL NEWS

सिंहभूम हलचल न्यूज़ एक स्थानीय समाचार मंच है, जो पश्चिमी सिंहभूम, झारखंड से सटीक और समय पर समाचार प्रदान करने के लिए समर्पित है। यह राजनीति, अपराध, मौसम, संस्कृति और सामुदायिक मुद्दों को हिंदी में कवर करता है।

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