⭐ मोबाइल की मौत और मोहब्बत की शुरुआत
रिपोर्ट – शैलेश सिंह
ऋषि सिंह बनारस पहुँचा…
और उसका मोबाइल वहीँ दम तोड़ गया—
ऐसे जैसे किसी फिल्म में हीरो की बाइक रास्ते में बंद हो जाए।
मोहब्बत की दुनिया में
मोबाइल बंद होना
वैसा ही था जैसे
दिल बंद होना।
इसलिए उसने कहा—
“ओए शुभम! ज़रा तेरे फोन से एक कॉल कर दूँ?”
शुभम बोला—
“ले ले भाई… बस मेरी क्रश को कॉल मत कर देना।”
दोनों हँसते हैं।
फिर ऋषि अपनी गर्लफ्रेंड का नंबर मिलाता है…
बातें होती हैं…
और जाते-जाते
वह नंबर डिलीट करना भूल जाता है।
यहीं लिखी जा चुकी थी
एक फिल्म की स्क्रिप्ट।

⭐ गलतफहमी का फूल खिल गया
शुभम फोन उठाता है—
देखता है एक नंबर बार-बार कॉल लिस्ट में झलक रहा है।
दिल में शरारत जाग उठती है—
“कौन है ये? चल एक कॉल किया जाए!”
शुभम ने जैसे ही कॉल किया—
उधर से एक मीठी, नर्म, दिल पिघला देने वाली आवाज़ आई।
शुभम का दिल बोला—
“ओ तेरी! ये तो कमाल चीज़ है!”
दो कॉल,
तीन कॉल…
पांच कॉल…
और फिर
दिल अपनी हदें लांघ गया।
उसने उसी नंबर पर
पूरी फिल्मी स्टाइल में प्रपोज कर दिया—
“क्या आप मेरी लाइफ की वो कहानी बनोगी
जिसमें हीरो मैं रहूँ और हीरोइन सिर्फ तुम?”
उधर लड़की सन्न…
इधर शुभम फन्न।
⭐ दिल टूटेगा या रिश्ता?—कहानी का मोड़
लड़की ने ऋषि को फोन किया—
आवाज़ कांप रही थी—
“तुम्हारे भाई ने… मुझे प्रपोज किया।”
ऋषि के अंदर 440 वोल्ट का झटका लगा।
गंगा किनारे की हवा भी थम गई।
दिल टूटा नहीं…
टुकड़े-टुकड़े में बिखर गया।
शुभम बेफिक्र घूम रहा था,
क्योंकि उसे नहीं पता था
कि दिल किसका है
और दिलरुबा किसकी।

⭐ भाई बनाम भाई – भावनाओं का ब्लास्ट
घर पर आमने-सामने—
दोनों की आँखें लाल,
तो दिल काला नहीं… बस उलझा हुआ।
ऋषि चिल्लाया नहीं,
बस धीमी आवाज़ में बोला—
“गलती तेरी नहीं है शुभम…
पर जिस दिल पर तूने दस्तक दी,
वह पहले से ही मेरा था।”
शुभम समझ गया—
दिल में पश्चाताप का दर्द,
आँखों में शर्म,
और होंठों पर सिर्फ एक जुमला—
“मैंने प्यार किया भाई…
पर चोरी का नहीं,
सच्चाई का रिश्ता चाहता हूँ।”
⭐ बलिदान, दर्द और भाईचारा
लड़की इधर रो रही थी,
ऋषि उधर टूट रहा था,
और शुभम बीच में खड़ा
भावनाओं का पंचर हो चुका था।
शुभम ने हाथ जोड़ कर कहा—
“मैं पीछे हट जाता हूँ भाई…
मोहब्बत हार जाऊँगा,
पर तुझे कभी नहीं हारने दूँगा।”
ऋषि ने उसे गले लगा लिया—
दोनों की आँखें भर आईं।
उधर लड़की ने सिर्फ इतना कहा—
“मुझे बस वही चाहिए
जो दिल से मुझे चाहता है…
और वो तुम हो, ऋषि।”
⭐शायरी, सुलह और हैप्पी एंडिंग
मोहब्बत वहीं रही…
गलती वहीं रही…
पर रिश्ता बड़े दिल ने बचा लिया।
और कहानी एक शेर पर आकर थम गई—
“प्यार में किस्मत का खेल बड़ा अजीब होता है,
एक नंबर बच जाए तो सब ख़राब हो जाता है।
पर सगे भाई वो होते हैं
जो मोहब्बत में हारकर भी
रिश्ते में जीत दिखा जाते हैं।”









