रिपोर्ट शैलेश सिंह।
समाजसेवा और मानवीय दायित्व की दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए सारंडा वन प्रमंडल, चाईबासा के तत्वावधान में वनपाल प्रशिक्षण विद्यालय, चाईबासा परिसर में रक्तदान शिविर का सफल आयोजन किया गया। शिविर का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करना तथा रक्तदान के प्रति जनजागरूकता को मजबूत करना था।

प्रशिक्षु वनरक्षियों ने दिखाई सेवा भावना
रक्तदान शिविर में वनपाल प्रशिक्षण विद्यालय में प्रशिक्षणरत प्रशिक्षु वनरक्षियों सहित वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्वेच्छा से भाग लिया। उत्साह और जिम्मेदारी की भावना के साथ सभी रक्तदाताओं ने इस पुनीत कार्य में सहभागिता निभाई।
स्वास्थ्य परीक्षण के बाद सुरक्षित रक्त संग्रह
शिविर के दौरान ब्लड बैंक की प्रशिक्षित मेडिकल टीम द्वारा सभी रक्तदाताओं का पहले स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जांच के उपरांत पूरी तरह सुरक्षित और व्यवस्थित प्रक्रिया के तहत रक्त संग्रह किया गया। शिविर में कुल 47 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया, जो आपातकालीन स्थिति में जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवनरक्षक सिद्ध होगा।
“रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं” — अविरूप सिन्हा
इस अवसर पर वनपाल प्रशिक्षण विद्यालय, चाईबासा के निदेशक सह सारंडा वन प्रमंडल पदाधिकारी श्री अविरूप सिन्हा ने कहा—
“रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं है। एक यूनिट रक्त किसी व्यक्ति को नया जीवन दे सकता है। समाज के प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को इस पुनीत कार्य में आगे आना चाहिए।”
उनके इस संदेश ने उपस्थित लोगों को मानवीय सेवा के प्रति और अधिक प्रेरित किया।
सामूहिक प्रयास से मिला सफल परिणाम
कार्यक्रम को सफल बनाने में सारंडा वन प्रमंडल के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ-साथ ब्लड बैंक की मेडिकल टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। सभी ने अनुशासन, समर्पण और सेवा भावना के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया।
मानवीय संवेदना का प्रेरणादायक उदाहरण
यह रक्तदान शिविर सामाजिक जिम्मेदारी, मानवीय संवेदना और सेवा भाव का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया है। ऐसे आयोजन न केवल जीवन बचाते हैं, बल्कि समाज में सहयोग, करुणा और जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत करते हैं।













