17 विभागों की योजनाओं से 927 गांव होंगे लाभान्वित, विजन–2030 के तहत बनेगा ग्राम विकास प्लान
रिपोर्ट शैलेश सिंह।
अनुसूचित जनजाति परिवारों को मुख्यधारा से जोड़ने और उनके सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से सरकार ने आदि कर्मयोगी अभियान की शुरुआत की है। यह अभियान 17 सितंबर से 02 अक्टूबर तक आदि सेवा पर्व के रूप में मनाया गया।

927 गांवों का चयन, बनेगा विकास का मॉडल
भारत सरकार की ओर से जिले के 927 गांवों का चयन इस अभियान के लिए किया गया है। इन सभी चिन्हित गांवों में आदि सेवा केंद्र स्थापित किए गए हैं और प्रत्येक केंद्र पर एक प्रभारी की नियुक्ति की गई है।

विजन–2030 और ग्राम विकास योजना
इस अभियान का खास पहलू यह है कि प्रत्येक गांव के लिए विजन–2030 तैयार किया जा रहा है।
- इसमें स्थानीय आवश्यकताओं और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखा गया है।
- ग्रामीणों की सहभागिता से विलेज प्लान तैयार किया गया।
- विशेष ग्राम सभा में इस प्लान को अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया गया।
अभियान के मुख्य उद्देश्य
आदि कर्मयोगी अभियान का लक्ष्य है कि जनजातीय समुदायों को सरकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता से उपलब्ध कराया जाए।
इनमें शामिल हैं –
- शिक्षा
- स्वास्थ्य
- रोजगार
- पेयजल व बिजली
- स्वच्छता व पोषण
- आवास और सामाजिक सुरक्षा
दीर्घकालिक असर और सतत विकास
यह अभियान केवल तात्कालिक लाभ पर ही नहीं, बल्कि दीर्घकालिक ग्राम विकास योजनाओं पर भी केंद्रित है।
- जनजातीय परिवारों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा।
- आने वाली पीढ़ियों के लिए यह अभियान मजबूत आधारशिला सिद्ध होगा।
- सतत विकास की दिशा में जनजातीय क्षेत्रों को नए अवसर मिलेंगे।
यह अभियान सरकार की जनजातीय समुदायों के प्रति प्रतिबद्धता और योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने की गंभीर पहल है।














