गुवा संवाददाता।
गुवा के योगनगर स्थित शिव मंदिर प्रांगण में रविवार शाम गुवा सेल के दर्जनों ठेकेदार एक मंच पर जुटे और मैनपावर कर्मचारियों की एक्स्ट्रा ड्यूटी भुगतान को लेकर बड़ा फैसला लिया। ठेकेदारों ने सर्वसम्मति से साफ कर दिया कि अक्टूबर 2025 माह के लिए किसी भी मैनपावर कर्मी को एक्स्ट्रा ड्यूटी (अतिरिक्त कार्य) का भुगतान नहीं किया जाएगा।

वर्क ऑर्डर और एनआईटी का हवाला
बैठक में ठेकेदारों ने कहा कि
“एक्स्ट्रा ड्यूटी का प्रावधान न वर्क ऑर्डर में है और न ही एनआईटी की शर्तों में। इसलिए जो नियम निर्धारित हैं, उसी का पालन होगा।”
ठेकेदारों ने यह दावा भी किया कि वे सिर्फ निर्धारित शर्तों और नियमों के आधार पर ही भुगतान करने के बाध्य हैं।
सेल प्रबंधन को पहले ही दिया जा चुका है पत्र
ठेकेदारों ने बताया कि इस निर्णय की लिखित सूचना गुवा सेल प्रबंधन को पहले ही दे दी गई है। यह पत्र मुख्य महाप्रबंधक (GM), जीएम–एचआर, जीएम–फाइनेंस एवं सभी यूनियनों को भेजा जा चुका है।
आज होगी निर्णायक बैठक
सोमवार को सेल प्रबंधन एवं ठेकेदारों के बीच बैठक प्रस्तावित है।
ठेकेदारों ने स्पष्ट किया कि
“बैठक के परिणाम के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी।”
यह बैठक ठेकेदार—कर्मचारी संबंधों को लेकर महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि हाल के दिनों में अतिरिक्त कार्य भुगतान को लेकर कर्मचारियों में नाराजगी देखी जा रही है।
कौन—कौन रहे उपस्थित
बैठक में गुवा क्षेत्र के प्रमुख ठेकेदार और फर्में मौजूद रहीं, जिनमें शामिल हैं—
- बाबा तिलक वेलफेयर सोसाइटी
- एसआर लॉजिस्टिक्स
- आर्शीवाद एंटरप्राइजेज
- एसके नासिर एंड सन्स
- मनमोहन चौबे एंड सन्स
- शहदाब इंटरप्राइजेज
- एमडी फरीद एंड सन्स
- दत्ता एंड कंपनी
- जनता बिल्डर
- वर्मा एंटरप्राइजेज
- उपेंद्र प्रसाद
- एलपी ठक्कर एंड सन्स
- बीएन सिंह एंड सन्स
- करो कोयल महिला समिति
इन ठेकेदारों ने संयुक्त रूप से निर्णय ली जाने वाली आगे की नीति का भी समर्थन किया।
कर्मचारियों में बढ़ी चिंता
इस फैसले ने गुवा सेल में काम कर रहे मैनपावर कर्मचारियों की बेचैनी बढ़ा दी है।
कर्मचारियों का कहना है कि त्योहारी सीजन में अतिरिक्त काम किया गया था, ऐसे में भुगतान न होना आर्थिक तनाव पैदा कर सकता है।
अब सबकी नजर बैठक पर
अब देखने वाली बात यह होगी कि सोमवार की बैठक में क्या निष्कर्ष निकलता है—
क्या प्रबंधन एक्स्ट्रा ड्यूटी भुगतान के लिए कोई समाधान निकालेगा, या ठेकेदारों का रुख यथावत रहेगा?
इस मुद्दे पर यूनियनों की प्रतिक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि कर्मचारी पक्ष अगले कदम की तैयारी में दिख रहा है।















