स्थानीय युवाओं की अनदेखी पर उबाल, चेतावनी — “मजबूर हुए तो रोक देंगे उत्पादन”
गुवा संवाददाता।
झारखंड मज़दूर संघर्ष संघ यूनियन कार्यालय में रविवार देर शाम गुवा सेल अयस्क खान के स्थायी मज़दूरों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय अध्यक्ष रामा पांडेय ने की। इस दौरान मज़दूरों से जुड़ी समस्याओं और सेल प्रबंधन की नीतियों पर तीखी चर्चा हुई।

स्थानीय युवाओं को नौकरी में ‘उपेक्षा’ का आरोप
बैठक में सबसे बड़ा मुद्दा स्थानीय शिक्षित बेरोजगार युवाओं की अनदेखी रहा।
मज़दूर नेताओं ने आरोप लगाया कि—
- माइनिंग
- मैकेनिकल
- इलेक्ट्रिकल
- सिविल
जैसे तकनीकी विभागों में आईटीआई व डिप्लोमा धारक स्थानीय युवाओं को नज़रअंदाज़ किया जा रहा है।
यूनियन का आरोप है कि सेल प्रबंधन बाहरी लोगों को तैनाती दे रहा है, जबकि गुवा व आसपास के गांवों में बड़ी संख्या में योग्य उम्मीदवार मौजूद हैं। इससे स्थानीय मज़दूरों व युवाओं में गहरा रोष है।
स्वास्थ्य-शिक्षा सेवाओं में गिरावट पर चिंता
बैठक में यह भी कहा गया कि गुवा क्षेत्र में—
- अस्पतालों की सेवाएं कमजोर हो रही हैं
- स्वास्थ्य सुविधाएं अपर्याप्त हैं
- बच्चों की शिक्षा गुणवत्ता दिन-प्रतिदिन गिर रही है
मज़दूरों ने कहा कि यह स्थिति न केवल आम जनता बल्कि कर्मचारियों के परिवारों के लिए भी हानिकारक है।
सेल प्रबंधन पर ‘मज़दूर विरोधी नीति’ अपनाने का आरोप
यूनियन नेताओं ने कहा कि सेल प्रबंधन लगातार मज़दूर विरोधी रुख अपनाए हुए है।
उन्होंने स्पष्ट कहा—
“स्थानीय अधिकारों व रोजगार संरक्षण के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।”
जल्द होगी औपचारिक वार्ता – नहीं माना प्रबंधन तो उत्पादन होगा बंद
बैठक के अंत में निर्णय लिया गया कि यूनियन जल्द ही सेल प्रबंधन गुवा से औपचारिक वार्ता करेगी।
यूनियन ने चेतावनी दी—
“यदि मांगों की अनदेखी हुई तो मज़दूर उत्पादन बंद करने पर विवश होंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी सेल प्रबंधन की होगी।”
मुख्य मांगें
- स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता के साथ नियुक्ति
- स्वास्थ्य व शिक्षा सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण
- स्थायी मज़दूरों की समस्याओं का समाधान
- मज़दूर हितों पर स्पष्ट नीति
स्थानीय हितों की लड़ाई तेज होने के संकेत
बैठक से साफ संकेत मिलते हैं कि गुवा खदान क्षेत्र में स्थानीय रोजगार और मज़दूर अधिकारों की लड़ाई तेज होने जा रही है।
अब देखना होगा कि सेल प्रबंधन इन मुद्दों पर क्या रुख अपनाता है।















