“बायोमेट्रिक अटेंडेंस या उत्पादन” – श्रमिक संगठनों ने दी आंदोलन की चेतावनी
गुवा संवाददाता।
गुवा क्षेत्र के सभी प्रमुख श्रमिक संगठनों ने बायोमेट्रिक अटेंडेंस प्रणाली का विरोध करते हुए चेतावनी दी है कि यदि सेल प्रबंधन ने इसे जबरन लागू करने की कोशिश की, तो एकजुट होकर बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा।

वर्कर्समैन क्लब में हुई निर्णायक बैठक
गुवा वर्कर्समैन क्लब में आयोजित बैठक में विभिन्न यूनियनों के शीर्ष पदाधिकारी और श्रमिक नेता शामिल हुए। इनमें झारखंड मजदूर संघर्ष संघ से महामंत्री अंतर्यामी महाकुड, कार्यकारिणी अध्यक्ष प्रदीप सुरीन, सिकंदर पान, संजय सांडिल, झारखंड मजदूर यूनियन से महामंत्री हेमराज सोनार, उपाध्यक्ष प्रकाश राउत, हिन्द मजदूर सभा (क्रांतिकारी इस्पात मजदूर संघ) से सचिव राकेश सुंडी, अध्यक्ष लक्ष्मी पात्रों, सीटू गुवा से महासचिव रमेश गोप और मलय पाणिग्रही, सप्लाई मजदूर संघ से बिद्याकान्त झा व गंगाराम ठठेरा, सारंडा मजदूर यूनियन से निर्मलजीत सिंह तथा गुवा-चिरिया खान श्रमिक संघ (बीएमएस) से गणेश दास और समीर पाठक मौजूद रहे।
“मजदूरों को गुमराह कर रहा है प्रबंधन”
बैठक में श्रमिक नेताओं ने आरोप लगाया कि गुवा सेल प्रबंधन मजदूरों को बायोमेट्रिक अटेंडेंस के नाम पर गुमराह कर रहा है। वरिष्ठ श्रमिक नेता अंतर्यामी महाकुड ने स्पष्ट किया कि यह मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है।
उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा –
“बायोमेट्रिक अटेंडेंस या उत्पादन, दोनों साथ नहीं चल सकते। प्रबंधन मजदूरों को उकसा रहा है और इसका पूरा जिम्मा उसी का होगा।”
सभी यूनियनों का साझा रुख
बैठक में सभी संगठनों ने एकमत होकर कहा कि मजदूरों की बुनियादी सुविधाएं आज भी अधूरी हैं। फिर भी प्रबंधन मजदूरों पर अतिरिक्त दबाव डालने की कोशिश कर रहा है।
- हेमराज सोनार ने कहा कि गुवा के सभी यूनियन इस मुद्दे पर एकजुट और एकमत हैं, और किसी भी तरह की “दलाली” स्वीकार्य नहीं होगी।
- गणेश दास ने कहा कि मजदूर अब भी पानी, स्वास्थ्य और सुरक्षा जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन प्रबंधन मजदूर विरोधी रवैया अपना रहा है।
- रमेश गोप ने आरोप लगाया कि प्रबंधन बार-बार भ्रम फैलाने वाले सर्कुलर जारी कर मजदूरों में अशांति पैदा करना चाहता है।
“आर-पार की लड़ाई को तैयार मजदूर”
सभी यूनियनों ने सामूहिक निर्णय लिया कि यदि सेल प्रबंधन ने गुवा खदान में जबरन बायोमेट्रिक अटेंडेंस लागू करने की कोशिश की, तो मजदूर आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं।
बैठक के अंत में मजदूर नेताओं ने जोरदार नारा लगाया –
“मजदूर एकता ज़िन्दाबाद… बायोमेट्रिक मुर्दाबाद!”













