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राजाबुरु खदान में स्थानीयों को रोजगार देने की मांग, नहीं तो होगा आंदोलन

On: February 1, 2026 2:44 PM
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सारंडा पीढ़ मानकी लागुड़ा देवगम की चेतावनी – बाहरी लोगों को तरजीह मिली तो खदान कराया जाएगा बंद

गुवा संवाददाता।
गुवा क्षेत्र में सेल प्रबंधन द्वारा राजाबुरु खदान को शीघ्र चालू किए जाने की तैयारी तेज हो गई है। खदान संचालन की सुगबुगाहट के साथ ही क्षेत्र के स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों में चिंता के साथ-साथ आक्रोश भी गहराने लगा है। स्थानीयों का साफ कहना है कि यदि खदान खुलने के बाद रोजगार में बाहरी लोगों को प्राथमिकता दी गई और क्षेत्र के ग्रामीणों की अनदेखी हुई, तो आंदोलन छेड़ा जाएगा।
इसी मुद्दे को लेकर रविवार को गुवा बाजार में एक अहम बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें सारंडा पीढ़ मानकी लागुड़ा देवगम के नेतृत्व में विभिन्न गांवों के पारंपरिक मुंडा, मुखिया एवं सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए।

बैठक में उठा स्थानीय अधिकार का सवाल

बैठक में गंगदा पंचायत के मुखिया राजु सांडिल, दुईया गांव के मुंडा जानुमसिंह चेरवा, रोवाम गांव के मुंडा बुधराम सिद्धू तथा जाम कुंडिया गांव के मुंडा कुशों देवगम प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि खदान क्षेत्र में रहने वाले स्थानीय युवक-युवतियों को रोजगार में प्राथमिकता देना उनका संवैधानिक और नैतिक अधिकार है।

पीढ़ मानकी की दो टूक चेतावनी

पीढ़ मानकी लागुड़ा देवगम ने बैठक को संबोधित करते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा—
“राजाबुरु खदान हमारे जंगल, हमारी जमीन और हमारे भविष्य से जुड़ा है। यदि खदान चालू होने के बाद बाहरी लोगों को नौकरी दी गई और स्थानीय युवाओं को दरकिनार किया गया, तो इसका कड़ा विरोध होगा। जरूरत पड़ी तो खदान बंद कराने के लिए आंदोलन किया जाएगा।”
उन्होंने कहा कि वर्षों से स्थानीय ग्रामीण खनन गतिविधियों के दुष्प्रभाव झेलते आए हैं—जमीन अधिग्रहण, पर्यावरणीय नुकसान और विस्थापन। अब जब रोजगार का अवसर सामने आया है, तो पहला अधिकार स्थानीयों का बनता है।

ग्रामीणों में बढ़ता असंतोष

बैठक में मौजूद ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अक्सर खदान खुलने के समय स्थानीय लोगों को आश्वासन दिया जाता है, लेकिन बाद में बाहरी ठेकेदारों और मजदूरों को काम पर रख लिया जाता है। इससे क्षेत्र के बेरोजगार युवक-युवतियों में निराशा और आक्रोश पैदा होता है।
ग्रामीणों ने कहा कि यदि सेल प्रबंधन ने पहले से ही स्पष्ट नीति नहीं बनाई, तो आंदोलन अवश्यंभावी होगा।

स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता की मांग

बैठक में यह प्रस्ताव पारित किया गया कि—
राजाबुरु खदान में 100 प्रतिशत स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता दी जाए
ठेका प्रथा में भी स्थानीय मजदूरों को ही काम दिया जाए
नियुक्ति प्रक्रिया पारदर्शी हो
ग्रामसभा की सहमति से ही कोई निर्णय लिया जाए

राजनीतिक व सामाजिक संगठनों की भागीदारी

बैठक में झामुमो के सक्रिय कार्यकर्ता वृंदावन गोप, मंगल कुम्हार, रामेश्वर चाम्पिया, दोलो बोदरा, जर्मन चाम्पिया, संदीप केराई, मोहम्मद तबारक सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
सभी ने एकजुट होकर कहा कि स्थानीय हितों की रक्षा के लिए वे हर स्तर पर संघर्ष करेंगे और जरूरत पड़ने पर सड़क से लेकर खदान तक आंदोलन किया जाएगा।

संघर्ष का संकल्प

बैठक के अंत में सभी ग्रामीणों ने यह संकल्प लिया कि—
“राजाबुरु खदान से निकले संसाधनों पर पहला हक स्थानीयों का होगा। यदि हमारी मांगों की अनदेखी की गई तो शांतिपूर्ण लेकिन निर्णायक आंदोलन किया जाएगा।”

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सिंहभूम हलचल न्यूज़ एक स्थानीय समाचार मंच है, जो पश्चिमी सिंहभूम, झारखंड से सटीक और समय पर समाचार प्रदान करने के लिए समर्पित है। यह राजनीति, अपराध, मौसम, संस्कृति और सामुदायिक मुद्दों को हिंदी में कवर करता है।

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