पर्यावरण संरक्षण की दिशा में SAIL का बड़ा कदम, रोजाना 10 हजार लीटर गंदे पानी का होगा शुद्धिकरण
रिपोर्ट: शैलेश सिंह
स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) के अंतर्गत किरीबुरू आयरन ओर माइंस (KIOM) के मैकेनिकल सेक्शन में 2 फरवरी को अत्याधुनिक एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ETP) का विधिवत उद्घाटन किया गया। इस प्लांट का उद्घाटन मुख्य अतिथि सीजीएम (माइंस) पी. एम. शिरपुरकर ने किया। यह प्लांट प्रतिदिन लगभग 10,000 लीटर गंदे पानी को शुद्ध करने की क्षमता रखता है।
इस ETP का मुख्य उद्देश्य मैकेनिकल सेक्शन में वाहनों की धुलाई से निकलने वाले दूषित पानी को वैज्ञानिक तरीके से ट्रीट करना है, ताकि उसे दोबारा उपयोग में लाया जा सके और पर्यावरण को प्रदूषण से बचाया जा सके।

हरियाणा की कंपनी ने किया प्लांट का निर्माण
इस एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण M/S Aqua Technicae, कुरुक्षेत्र (हरियाणा) द्वारा किया गया है। उद्घाटन समारोह में कंपनी के मालिक श्री अशोक कुमार भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने प्लांट की तकनीकी विशेषताओं की जानकारी देते हुए बताया कि यह प्रणाली आधुनिक फिल्ट्रेशन और केमिकल ट्रीटमेंट प्रक्रिया पर आधारित है, जिससे पानी को सुरक्षित स्तर तक शुद्ध किया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि यह प्लांट न केवल पानी को साफ करेगा, बल्कि लंबे समय तक कम खर्च में बेहतर परिणाम देगा।
कार्यक्रम में उपस्थित रहे कई वरिष्ठ अधिकारी
उद्घाटन अवसर पर कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल थे—
सीजीएम (माइंस) पी. एम. शिरपुरकर,
महाप्रबंधक नवीन कुमार सोनकुशरे,
महाप्रबंधक डी. बी. जयकर,
महाप्रबंधक दीपेन लोहार,
उप महाप्रबंधक प्रवीण कुमार,
सहायक महाप्रबंधक पी. के. पंडा,
परेश कुमार झा,
रत्नेश तिवारी सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी।
सभी अधिकारियों ने इस पहल को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

पानी संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा
इस ETP प्लांट से सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि मैकेनिकल सेक्शन में गाड़ियों की धुलाई से निकलने वाला गंदा पानी अब सीधे नालियों या खुले क्षेत्र में नहीं जाएगा। पहले यह पानी मिट्टी और आसपास के जल स्रोतों को प्रदूषित कर रहा था, जिससे पर्यावरण को नुकसान हो रहा था। अब इस प्लांट के माध्यम से पानी को शुद्ध कर पुनः उपयोग में लाया जा सकेगा।
इससे प्रतिदिन हजारों लीटर पानी की बचत होगी, जो आने वाले समय में जल संकट से निपटने में सहायक साबित होगा।
पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों को फायदा
ETP प्लांट के चालू होने से न केवल जल प्रदूषण में कमी आएगी, बल्कि आसपास के क्षेत्रों की मिट्टी और भूजल को भी सुरक्षित रखा जा सकेगा। दूषित पानी में मौजूद तेल, ग्रीस और केमिकल तत्व अब फिल्टर होकर अलग कर दिए जाएंगे। इससे कर्मचारियों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव में भी कमी आएगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रकार की तकनीक खनन क्षेत्र में लंबे समय तक पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में सहायक होती है।
स्वच्छ और हरित खनन की दिशा में कदम
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए सीजीएम (माइंस) पी. एम. शिरपुरकर ने कहा कि SAIL पर्यावरण संरक्षण को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि खनन कार्य के साथ-साथ पर्यावरण का संरक्षण भी हमारी जिम्मेदारी है। यह ETP प्लांट उसी दिशा में एक ठोस पहल है।
उन्होंने आगे कहा कि आने वाले समय में इस तरह की और भी परियोजनाएं लाई जाएंगी, जिससे किरीबुरू खदान को एक मॉडल ग्रीन माइंस के रूप में विकसित किया जा सके।

स्थानीय क्षेत्र को भी होगा लाभ
इस प्लांट के चालू होने से आसपास के गांवों और प्राकृतिक जल स्रोतों पर पड़ने वाला प्रदूषण का दबाव कम होगा। इससे स्थानीय लोगों को स्वच्छ पर्यावरण मिलेगा और क्षेत्र में सकारात्मक संदेश जाएगा कि उद्योग और पर्यावरण साथ-साथ चल सकते हैं।













