9 से 21 मार्च तक एलएंडडी सेंटर में चल रहा प्रशिक्षण, खदान सुरक्षा और दुर्घटना रोकथाम पर दिया जा रहा जोर
रिपोर्ट : शैलेश सिंह
सेल (स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड) के झारखंड ग्रुप ऑफ माइंस (JGOM) के अंतर्गत किरीबुरू स्थित लर्निंग एंड डेवलपमेंट सेंटर (L&DC) में वर्कमेन इंस्पेक्टरों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 9 मार्च से 21 मार्च 2026 तक चलेगा, जिसमें सेल की विभिन्न खदानों से आए वर्कमेन इंस्पेक्टर भाग ले रहे हैं।
यह कार्यक्रम खदानों में सुरक्षा मानकों को मजबूत करने और वर्कमेन इंस्पेक्टरों की कार्यक्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। प्रशिक्षण का संचालन इंस्टीट्यूट फॉर माइनर्स एंड मेटलवर्कर्स एजुकेशन, कोलकाता द्वारा किया जा रहा है, जो खदानों में कार्यरत वर्कमेन इंस्पेक्टरों के लिए अनिवार्य वैधानिक प्रशिक्षण का हिस्सा है।

विभिन्न खदानों के इंस्पेक्टर ले रहे प्रशिक्षण
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में सेल की कई महत्वपूर्ण खदानों से आए वर्कमेन इंस्पेक्टर भाग ले रहे हैं। इनमें मुख्य रूप से:
* किरीबुरू आयरन ओर माइंस (KIOM)
* मेघाहातुबुरु आयरन ओर माइंस (MIOM)
* गुवा ओर माइंस (GOM)
* मनोहरपुर ओर माइंस (MOM)
* बोलानी ओर माइंस (BOM)
* काल्टा आयरन माइंस (KIM)
के प्रतिनिधि शामिल हैं।
इन सभी खदानों के वर्कमेन इंस्पेक्टरों को प्रशिक्षण के माध्यम से सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी जा रही है।

खदान सुरक्षा पर विशेष जोर
प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य वर्कमेन इंस्पेक्टरों को खदानों में लागू सुरक्षा नियमों और प्रक्रियाओं के प्रति और अधिक जागरूक बनाना है।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को निम्नलिखित विषयों पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया जा रहा है:
* खदान सुरक्षा से जुड़े नियम और प्रावधान
* संभावित खतरों की पहचान (Hazard Identification)
* दुर्घटना रोकथाम के उपाय
* सुरक्षा प्रबंधन में श्रमिकों की भागीदारी
* खदानों में सुरक्षित कार्य संस्कृति का विकास
इन विषयों पर चर्चा के माध्यम से प्रतिभागियों को खदानों में संभावित जोखिमों को पहचानने और समय रहते आवश्यक कदम उठाने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है।

अनुभवी विशेषज्ञ दे रहे प्रशिक्षण
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में खनन क्षेत्र के अनुभवी विशेषज्ञों को फैकल्टी के रूप में आमंत्रित किया गया है।
मुख्य रूप से बी. पी. सिंह, पूर्व मुख्य प्रबंधक (माइनिंग), टाटा स्टील तथा के. सी. मोडक, पूर्व मुख्य प्रबंधक, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड प्रशिक्षण दे रहे हैं।
इन विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभागियों को अपने लंबे अनुभव के आधार पर खदान सुरक्षा से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी जा रही है।

व्याख्यान और केस स्टडी के माध्यम से प्रशिक्षण
कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षण केवल सैद्धांतिक रूप से ही नहीं बल्कि व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से भी दिया जा रहा है।
इसके तहत प्रतिभागियों को व्याख्यान, समूह चर्चा, व्यावहारिक अभ्यास और केस स्टडी के माध्यम से खदान सुरक्षा की जटिलताओं को समझाया जा रहा है।
इससे वर्कमेन इंस्पेक्टरों को वास्तविक परिस्थितियों में बेहतर निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने में मदद मिलेगी।
खदानों में सुरक्षा संस्कृति को मिलेगा बढ़ावा
सेल प्रबंधन का मानना है कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से खदानों में सुरक्षा संस्कृति को और अधिक मजबूत बनाया जा सकेगा।
वर्कमेन इंस्पेक्टर खदानों में सुरक्षा व्यवस्था के महत्वपूर्ण स्तंभ होते हैं। ऐसे में उनके प्रशिक्षण से न केवल दुर्घटनाओं की रोकथाम में मदद मिलेगी बल्कि श्रमिकों के बीच सुरक्षा के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी।

कर्मचारियों के विकास के प्रति सेल की प्रतिबद्धता
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के आयोजन से यह स्पष्ट होता है कि सेल अपने कर्मचारियों की क्षमता निर्माण और सुरक्षा जागरूकता को लेकर गंभीर है।
खनन कार्य स्वभाव से जोखिमपूर्ण होता है, इसलिए सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन बेहद आवश्यक है।
सेल द्वारा समय-समय पर आयोजित ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल कर्मचारियों की दक्षता बढ़ाते हैं बल्कि खदानों में सुरक्षित और जिम्मेदार कार्य संस्कृति स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।














