100-100 टन क्षमता वाले दो कैटरपिलर डंफरों से उत्पादन बढ़ाने की तैयारी
रिपोर्ट: शैलेश सिंह
किरीबुरू। सेल (स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड) की किरीबुरू लौह अयस्क खदान के लिए शुक्रवार का दिन ऐतिहासिक रहा, जब खदान की उत्पादन क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से अत्याधुनिक तकनीक से लैस कैटरपिलर कंपनी के दो विशाल हॉलपैक (डंफर) वाहनों को विधिवत पूजा-अर्चना के साथ खदान को समर्पित किया गया। प्रत्येक डंफर की क्षमता 100-100 टन है और इनकी कुल लागत लगभग 20 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

सीजीएम (माइंस) ने किया विधिवत उद्घाटन
इन अत्याधुनिक डंफर वाहनों का उद्घाटन सेल किरीबुरू खदान के सीजीएम (माइंस) श्री पी. एम. शिरपुरकर ने अपने कर-कमलों से किया। उद्घाटन से पूर्व विधिवत पंडित द्वारा पूजा कराई गई, जिसमें खदान प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारी, अभियंता, कर्मचारी एवं तकनीकी स्टाफ बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। पूजा-अर्चना के बाद जैसे ही डंफरों को खदान परिसर में उतारा गया, कर्मचारियों में उत्साह और उम्मीद का माहौल देखने को मिला।
पुरानी मशीनें बन रही थीं उत्पादन में बाधा
खदान प्रबंधन के अनुसार, अब तक उपयोग में लाई जा रही पुरानी डंफर मशीनें तकनीकी रूप से काफी पुरानी हो चुकी थीं, जिससे उत्पादन कार्य में बार-बार बाधाएं उत्पन्न हो रही थीं। रखरखाव में अधिक समय लगने, बार-बार खराबी आने और क्षमता कम होने के कारण उत्पादन लक्ष्य प्रभावित हो रहा था। ऐसे में नई पीढ़ी के इन डंफर वाहनों के आने से न केवल कार्य क्षमता बढ़ेगी, बल्कि समयबद्ध और सुरक्षित खनन कार्य भी सुनिश्चित हो सकेगा।

उत्पादन लक्ष्य हासिल करने में मिलेगी मजबूती
प्रबंधन का मानना है कि 100 टन क्षमता वाले इन आधुनिक डंफरों के माध्यम से ओवरबर्डन हटाने और लौह अयस्क परिवहन की प्रक्रिया पहले से कहीं अधिक तेज और प्रभावी होगी। इससे खदान का समग्र उत्पादन बढ़ेगा और निर्धारित उत्पादन लक्ष्य को हासिल करना आसान होगा। साथ ही, ईंधन दक्षता और कम मेंटेनेंस लागत के कारण परिचालन खर्च में भी कमी आने की उम्मीद है।
20 करोड़ रुपये का बड़ा निवेश
बताया गया कि प्रत्येक डंफर की कीमत लगभग 10 करोड़ रुपये है। इस प्रकार दोनों डंफरों पर कुल 20 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। यह निवेश सेल प्रबंधन की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत खदानों को आधुनिक तकनीक से लैस कर उत्पादन बढ़ाने और प्रतिस्पर्धी बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है।

वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर खदान प्रबंधन के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इनमें श्री एस.एस. शाह, सीजीएम प्रभारी (खान-रखरखाव), श्री सुधीर शर्मा, सीजीएम (ऑपरेशन), बीएसएल, श्री धीरेंद्र मिश्रा, सीजीएम (एचआर), जेजीओएम, सीएमएलओ, श्री नवीन काला, सीजीएम (ई एंड एल), बीएसएल, श्री राम सिंह, महाप्रबंधक प्रभारी (खनन), श्री शुक्र एचओ, जीएम (मैक-सर्विसेज), श्री एस. आर. स्वैन, महाप्रबंधक (एफ एंड ए), श्री नवीन कुमार सोंकुसरे, महाप्रबंधक (निर्वाचित), श्री सुदीप दास, जीएम (मेक.), प्लांट, श्री वी.के. सुमन, महाप्रबंधक (सीसी), श्री दीपेन लोहार, महाप्रबंधक (खनन), श्री अन्नान बानुअरी, डीजीएम प्रभारी (एमएम) तथा श्री रथिन बिस्वास, डीजीएम (एचआर-एल एंड डी) प्रमुख रूप से शामिल रहे।
ऑपरेटर और मैकेनिकों की भूमिका अहम
नई मशीनों के संचालन और रखरखाव में ऑपरेटरों और मैकेनिकों की भूमिका को भी सराहा गया। इस दौरान श्री बादल कुमार राज एवं श्री मैथियास लुगुन सहित खनन एवं यांत्रिकी विभाग के कर्मियों की उपस्थिति रही। अधिकारियों ने भरोसा जताया कि प्रशिक्षित ऑपरेटरों और तकनीकी स्टाफ के सहयोग से इन डंफरों का अधिकतम और सुरक्षित उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा।
विकास की दिशा में एक और कदम
कुल मिलाकर, कैटरपिलर कंपनी के इन दो अत्याधुनिक हॉलपैक डंफर वाहनों का आगमन किरीबुरू खदान के लिए विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे न केवल उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी, बल्कि सेल के राष्ट्रीय स्तर पर लौह अयस्क उत्पादन के लक्ष्य को मजबूती मिलेगी। कर्मचारियों और अधिकारियों में इस नई शुरुआत को लेकर सकारात्मक उम्मीदें साफ तौर पर दिखाई दीं।













