गुवा संवाददाता।
गुवा सेल में ठेका मजदूरों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। ओवरटाइम भुगतान रोकने के आरोप पर झारखंड मजदूर संघर्ष संघ ने सेल प्रबंधन को साफ चेतावनी दे दी है — 7 नवंबर तक बकाया ओवरटाइम नहीं मिला तो गुवा सेल में चक्का जाम होगा।

ठेका मजदूरों की महत्वपूर्ण बैठक
मंगलवार देर शाम संघ के कार्यालय में ठेका मजदूरों की बैठक आयोजित हुई।
बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय अध्यक्ष रामा पांडे ने की।
अक्टूबर से रोका गया ओवरटाइम भुगतान
रामा पांडे ने कहा कि
“सेल प्रबंधन ने अक्टूबर माह से ठेका कर्मियों का ओवरटाइम भुगतान रोक दिया है, जिससे मजदूरों में गहरा आक्रोश है।”
उन्होंने बताया कि तीन दिन पहले यूनियन ने आंदोलन किया था, जिसके बाद प्रबंधन ने 7 नवंबर तक भुगतान करने का आश्वासन दिया था। लेकिन सोमवार देर रात गुवा के ठेकेदारों के साथ हुई बैठक बिना नतीजे के समाप्त हो गई।
7 नवंबर डेडलाइन — नहीं मिले पैसे तो चक्का जाम
पांडे ने कड़े शब्दों में कहा,
“यदि 7 नवंबर तक ठेका कर्मियों को ओवरटाइम का भुगतान नहीं मिला, तो गुवा सेल में मजदूर सड़क पर उतरेंगे। चक्का जाम होगा।”
उन्होंने दावा किया कि इस आंदोलन में
- ठेका मजदूर,
- स्थानीय बेरोजगार युवा,
- महिलाएं और ग्रामीण समुदाय
भी शामिल होंगे।
स्थानीय युवाओं को रोजगार की मांग
रामा पांडे ने यह भी आरोप लगाया कि गुवा सेल में बाहरी लोगों की भर्ती हो रही है। उन्होंने कहा —
“यह क्षेत्र के युवाओं के साथ अन्याय है। प्रबंधन स्थानीय आईटीआई और डिप्लोमा धारकों को प्राथमिकता दे। बाहरी भर्ती पर रोक लगे।”
मजदूरों का सवाल — कब मिलेगा हक?
- मजदूरों के पास रोज़मर्रा के खर्च का संकट
- काम पूरा, लेकिन भुगतान बकाया
- प्रबंधन से कई दौर की बातचीत के बावजूद कोई फैसला नहीं
मजदूरों का कहना है कि अब उनका सब्र टूट रहा है।
अंतिम चेतावनी
यूनियन की ओर से संदेश साफ है—
“या तो मजदूरों का हक दो… या गुवा सेल ठप होने को तैयार रहे।”
अब सबकी नजर 7 नवंबर पर टिकी है। फैसला प्रबंधन के हाथ में है — भुगतान या आंदोलन।
















