गुवा संवाददाता।
गुवा सेल खदान क्षेत्र के जीरो प्वॉइंट स्थित माइनिंग एवं मैकेनिकल विभाग में मंगलवार सुबह ऑपरेटरों ने चार घंटे तक काम पूरी तरह बंद कर दिया। झारखंड मजदूर संघर्ष संघ यूनियन के नेतृत्व में हुए इस आंदोलन में ऑपरेटर सुबह 5 बजे से 9 बजे तक कार्यस्थल पर डटे रहे।

लंबे समय से कार्यस्थल पर फैले कीचड़, अव्यवस्था और विभिन्न लंबित मांगों के समाधान न होने से तनाव बढ़ गया, जिसके बाद सभी ऑपरेटरों ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया। आंदोलन के कारण लगभग चार घंटे तक खदान की उत्पादन गतिविधि ठप रही।
मुख्य महाप्रबंधक मौके पर पहुंचे
आंदोलन की सूचना मिलते ही गुवा सेल के मुख्य महाप्रबंधक चंद्रभूषण कुमार मौके पर पहुंचे और यूनियन प्रतिनिधियों के साथ वार्ता की।
ऑपरेटरों ने बताया कि लगातार मांग रखने के बावजूद उन पर ध्यान नहीं दिया जा रहा था। बरसात से पहले कार्यस्थल और रेस्ट रूम की बदहाल स्थिति ने मजदूरों को आंदोलन के लिए मजबूर कर दिया।

मुख्य महाप्रबंधक ने जल्द ही नया रेस्ट रूम निर्माण करने का आश्वासन दिया तथा अन्य मांगों पर भी गंभीरता से पहल करने की बात कही।
आश्वासन के बाद ऑपरेटरों ने आंदोलन समाप्त कर कार्य शुरू कर दिया।
ऑपरेटरों की प्रमुख मांगें
1. समान कार्य का समान वेतन
सभी ऑपरेटरों को एक समान वेतन संरचना लागू करने की मांग।
2. मिट्टी एवं डिस्पैच का 1000 रुपए भुगतान
लंबित राशि तुरंत देने की मांग रखी गई।
3. रिचेंटमेंट का लंबित भुगतान जल्द किया जाए
काफी समय से बकाया भुगतान को लेकर नाराजगी।
4. रेस्ट रूम और शौचालय की व्यवस्था
बरसात से पहले सुरक्षित और साफ-सुथरी सुविधा की मांग।
5. डोजर वर्करों को हाई स्किल्ड वेतन
सेमी स्किल्ड की जगह हाई स्किल्ड श्रेणी में वेतन देने की मांग।
6. कार्यस्थल पर उचित सेफ्टी व्यवस्था
अपर्याप्त सुरक्षा को लेकर ऑपरेटरों ने गंभीर चिंता जताई।
यूनियन के नेतृत्व में व्यापक विरोध
आंदोलन का नेतृत्व झारखंड मजदूर संघर्ष संघ यूनियन ने किया। मौके पर केंद्रीय अध्यक्ष रामा पांडे, महामंत्री अंतर्यामी महाकुड़, सिकंदर पान, रोहित पांडे, चंद्रिका खण्डाईत, किशोर सिंह, संजय बहादुर, संजय सांडिल सहित बड़ी संख्या में डोजर ऑपरेटर और मजदूर मौजूद रहे।

यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई नहीं हुई, तो आगे और भी कड़ा आंदोलन किया जाएगा।















