शोषण से परेशान होकर छोड़ा माओवादी संगठन, राउरकेला पुलिस के सामने किया सरेंडर
✍️ रिपोर्ट: शैलेश सिंह
राउरकेला में आत्मसमर्पण, सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता
उड़ीसा के राउरकेला में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले की 19 वर्षीय महिला नक्सली मोगड़ी होनहागा ने सोमवार को राउरकेला पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। वह सीपीआई (माओवादी) संगठन से जुड़ी हुई थी और लंबे समय से सक्रिय भूमिका निभा रही थी।

पश्चिम सिंहभूम की रहने वाली है मोगड़ी
मोगड़ी होनहागा पश्चिम सिंहभूम जिले के छोटानागरा थाना क्षेत्र अंतर्गत मारंगपोंगा गांव की निवासी है। वह कुख्यात माओवादी नेता अनमोल उर्फ सुशांत के संपर्क में आकर संगठन से जुड़ी थी।
इसके बाद वह सारंडा क्षेत्र में सक्रिय हो गई और होलुंगहुली गांव में नक्सली भर्ती अभियान में सहयोग करने के साथ-साथ नए सदस्यों को प्रशिक्षण देने का काम कर रही थी।
कई घटनाओं में रही शामिल
जानकारी के अनुसार, मोगड़ी इसी वर्ष 21 जनवरी को कुमडीह जंगल में हुए मुठभेड़ में भी शामिल थी। हालांकि, उस दौरान वह अन्य नक्सलियों के साथ फरार हो गई थी और तब से जंगल में छिपकर रह रही थी।
इसके अलावा सुंदरगढ़ जिले के बांको पत्थर खदान में हुए विस्फोटक लूट कांड में भी उसकी संलिप्तता सामने आई है, जहां वह अनमोल के साथ सक्रिय थी।
शोषण से परेशान होकर लिया फैसला
आत्मसमर्पण के बाद मोगड़ी ने संगठन के अंदर की हकीकत उजागर की। उसने बताया कि माओवादी संगठन में उसे मानसिक और शारीरिक शोषण का सामना करना पड़ रहा था, जिससे वह बेहद परेशान और निराश हो गई थी।
सरेंडर पॉलिसी से मिली प्रेरणा
मोगड़ी को उड़ीसा सरकार की सरेंडर पॉलिसी की जानकारी मिली, जिससे प्रभावित होकर उसने संगठन छोड़ने का निर्णय लिया। इसके बाद उसने गुप्त माध्यमों से राउरकेला पुलिस से संपर्क साधा और आत्मसमर्पण कर दिया।
पुलिस का बयान
इस मामले पर डीआईजी बृजेश कुमार राय ने कहा कि राज्य सरकार की सरेंडर नीति के तहत मोगड़ी को सभी सुविधाएं और अनुकंपा सहायता प्रदान की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि जो भी नक्सली मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उनके लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

बढ़ते दबाव का संकेत
यह आत्मसमर्पण ऐसे समय में हुआ है, जब सारंडा और आसपास के क्षेत्रों में नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षा बलों का अभियान तेज हो चुका है।














