भाजपा नेता सत्यपाल बेहरा बोले — हार निश्चित देखकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने खोया मानसिक संतुलन, पार्टी करेगी कानूनी कार्रवाई
रिपोर्ट: शैलेश सिंह।
घाटशिला उपचुनाव के बीच राजनीतिक बयानबाज़ी अब मर्यादा की सीमा पार करती नज़र आ रही है। सोशल मीडिया पर कांग्रेस समर्थक कार्यकर्ता द्वारा भाजपा नेताओं को “कुत्ता” कहे जाने के बाद माहौल गरम हो गया है।

भाजपा नेता बोले — कांग्रेस हार की हताशा में उतरी नीचता पर
भाजपा के जुझारू नेता सत्यपाल बेहरा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि महा गठबंधन की हार सुनिश्चित देखकर उसके कार्यकर्ता अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और झामुमो के कुछ कार्यकर्ता सोशल मीडिया पर अनाप-शनाप पोस्ट कर भाजपा की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
कविष राजा नामक व्यक्ति पर लगाया आरोप
भाजपा नेता बेहरा ने कहा कि “जैंतगढ़ का तथाकथित नेता कविष राजा इन दिनों कांग्रेस जिला अध्यक्षों और प्रदेश नेताओं के साथ तस्वीरें खिंचवाकर खुद को बड़ा कांग्रेसी साबित करने की कोशिश कर रहा है।
वह कांग्रेस भक्ति और चापलूसी में सारी सीमाएं लांघ चुका है।”
‘कुत्ते और शेर’ वाली पोस्ट से मचा बवाल
सत्यपाल बेहरा ने बताया कि कविष राजा ने अपने व्हाट्सऐप स्टेटस में लिखा —
“100–200 कुत्ते मिलकर शेर को धमका सकते हैं, पर डरा नहीं सकते।”
उन्होंने कहा, “नीचे उसने हेमंत सोरेन ज़िंदाबाद लिखा है, जिसका मतलब साफ है कि वह हेमंत सोरेन को ‘शेर’ और भाजपा नेताओं-कार्यकर्ताओं को ‘कुत्ता’ बता रहा है।”

भाजपा ने कहा — यह खुला आचार संहिता उल्लंघन
भाजपा नेता ने इस बयान को आचार संहिता का खुल्लम-खुल्ला उल्लंघन बताया और कहा कि यह साइबर अपराध की श्रेणी में आता है।
उन्होंने चेतावनी दी —
“समाज में विष घोलने वाले ऐसे असामाजिक तत्वों से निपटना भाजपा अच्छी तरह जानती है। कांग्रेस के ऐसे गप्पू कार्यकर्ता अगर अपनी हरकत से बाज नहीं आए तो उन्हें कानून के सहारे उनकी औक़ात दिखा दी जाएगी।”
पार्टी करेगी कानूनी कार्रवाई
भाजपा नेता ने कहा कि इस मामले की जानकारी जल्द ही झारखंड प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय अध्यक्ष को दी जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी इस पर औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की तैयारी में है ताकि चुनावी आचार संहिता का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सके।
घाटशिला उपचुनाव में बढ़ा सियासी तापमान
घाटशिला उपचुनाव में पहले से ही महा गठबंधन और भाजपा के बीच कड़ी टक्कर मानी जा रही है।
अब सोशल मीडिया पर इस तरह की बयानबाज़ी से राजनीतिक माहौल और अधिक गरमा गया है, जिससे प्रशासन की निगरानी भी बढ़ा दी गई है।















