पीड़ित-केंद्रित पुलिसिंग की दिशा में कदम, महिला, साइबर और SC/ST थाना एक ही परिसर में होंगे संचालित
रिपोर्ट: शैलेश सिंह
रांची। राज्य में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा पुलिस की त्वरित कार्रवाई क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से झारखंड सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। हेमन्त सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार ने राज्य के सभी थानों के लिए कुल 1255 चार पहिया वाहन और 1697 दो पहिया वाहन स्वीकृत किए हैं।
सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार पहले चरण में 636 चार पहिया वाहन और 849 दो पहिया वाहन की खरीद पूरी कर ली गई है। इन वाहनों को 13 मार्च 2026 को राज्य के विभिन्न थानों को सौंपा जा रहा है, जिससे पुलिस की गश्त, आपातकालीन प्रतिक्रिया और अपराध नियंत्रण की क्षमता को और मजबूत किया जा सकेगा।

पुलिस व्यवस्था को मिलेगी नई गति
नए वाहनों के मिलने से दूरदराज क्षेत्रों में पुलिस की पहुंच तेज होगी। खासकर ग्रामीण और नक्सल प्रभावित इलाकों में पुलिस को घटनास्थल तक जल्दी पहुंचने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में काफी मदद मिलेगी। इससे अपराध नियंत्रण और आम नागरिकों की सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
12 जिलों में बनेंगे अत्याधुनिक संयुक्त थाने
इसके साथ ही राज्य के 12 जिलों में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त 12 संयुक्त थाना परिसर के निर्माण की भी शुरुआत की जा रही है। इन संयुक्त थानों में एक ही परिसर के भीतर
* महिला थाना
* साइबर थाना
* एएचटीयू (Anti Human Trafficking Unit) थाना
* एससी/एसटी थाना
संचालित होंगे।
सरकार के अनुसार यह व्यवस्था पीड़ित-केंद्रित पुलिसिंग को मजबूत करने के उद्देश्य से की जा रही है, ताकि अलग-अलग मामलों से जुड़े पीड़ितों को एक ही परिसर में आवश्यक सहायता और न्याय प्रक्रिया की सुविधा मिल सके।
“आपकी सुरक्षा, हमारी जिम्मेदारी”
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने इस पहल को राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम बताया है। सरकार का कहना है कि आधुनिक संसाधनों और बेहतर बुनियादी ढांचे के जरिए झारखंड में पुलिस व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जाएगा, ताकि नागरिकों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।
सरकार का संदेश स्पष्ट है— “आपकी सुरक्षा, हमारी जिम्मेदारी।”













