प्रबंधन ने मांगों पर कार्रवाई का दिया आश्वासन, शहर में सामान्य हुई सफाई व्यवस्था
गुवा संवाददाता।
लंबे समय से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलन पर डटे सफाई कर्मियों ने शनिवार देर रात प्रबंधन और प्रशासन के साथ हुई अहम बैठक के बाद आखिरकार अपना आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी। देर रात तक चली इस बैठक में कई दौर की बातचीत हुई और अंततः दोनों पक्षों के बीच सहमति बन गई।

बैठक में बनी सहमति
सूत्रों के अनुसार बैठक में अस्पताल प्रबंधन, नगर प्रशासन के अधिकारी और सफाई कर्मियों के यूनियन प्रतिनिधि शामिल हुए। यूनियन ने वेतन विसंगतियों को दूर करने, समय पर वेतन भुगतान, स्थायी नियुक्ति की प्रक्रिया तेज करने और कामकाज के लिए आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने जैसी मांगें रखीं। प्रबंधन की ओर से इन मुद्दों पर सकारात्मक रुख अपनाया गया और आश्वासन दिया गया कि तय समयसीमा के भीतर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
यूनियन नेताओं ने स्पष्ट कहा कि प्रबंधन का लिखित आश्वासन ही आंदोलन समाप्त करने की दिशा में निर्णायक साबित हुआ। हालांकि उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समयसीमा के भीतर वादों पर अमल नहीं किया गया तो वे दोबारा आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
गंदगी से बेहाल था शहर
गौरतलब है कि पिछले कई दिनों से जारी इस आंदोलन के चलते अस्पताल परिसर, सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर गंदगी का अंबार लग गया था। खासकर अस्पतालों में स्थिति गंभीर हो गई थी। मरीजों और उनके परिजनों को खुले में फैली गंदगी और बदबू से दोहरी परेशानी झेलनी पड़ रही थी। कई जगहों पर कचरा उठाव बंद हो जाने से नालियां जाम हो गई थीं और संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया था।
एक स्थानीय नागरिक ने नाराजगी जताते हुए कहा, “हम सफाई कर्मियों की मांगों का समर्थन करते हैं, लेकिन आंदोलन के दौरान जो गंदगी फैली, उससे आम जनता को भारी परेशानी हुई।” वहीं दूसरी ओर एक मरीज के परिजन ने राहत की सांस लेते हुए कहा, “अब सफाई बहाल होगी तो मरीजों को थोड़ी सुविधा मिलेगी।”
राहत का माहौल
आंदोलन समाप्त होने की घोषणा होते ही रविवार सुबह से सफाई कर्मी अपने काम पर लौट आए। अस्पताल और शहर की सड़कों पर कचरा उठाना शुरू कर दिया गया। इससे नागरिकों ने राहत की सांस ली है। शहरवासियों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में धीरे-धीरे सफाई व्यवस्था पूरी तरह सामान्य हो जाएगी।
प्रबंधन की ओर से कहा गया है कि कर्मचारियों की जायज मांगों को प्राथमिकता दी जाएगी और किसी को भी असुविधा नहीं होने दी जाएगी। प्रशासनिक अधिकारियों ने भी भरोसा दिलाया कि आंदोलन से पैदा हुई समस्याओं की भरपाई जल्द की जाएगी।
यूनियन की चेतावनी
बैठक के बाद यूनियन नेताओं ने साफ शब्दों में कहा कि यह आंदोलन स्थगित किया गया है, समाप्त नहीं। यदि प्रबंधन और प्रशासन ने तय समयसीमा में कदम नहीं उठाए तो दोबारा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मियों की समस्याएं वर्षों से लंबित हैं और अब वे केवल आश्वासन पर विश्वास नहीं करेंगे।
भविष्य की चुनौती
फिलहाल आंदोलन खत्म होने से स्थिति सामान्य होने लगी है, लेकिन असली चुनौती प्रबंधन और प्रशासन के सामने अब है कि वे अपने वादों को कितनी जल्दी पूरा करते हैं। यदि समाधान समय पर नहीं हुआ तो शहर एक बार फिर गंदगी और अव्यवस्था की चपेट में आ सकता है।












