रिपोर्ट – शैलेश सिंह
किरीबुरू स्थित गुरुद्वारा सिंह सभा एवं कलगीधर गुरुद्वारा की कमिटियों के बीच लंबे समय से चल रहा विवाद पिछले दिनों प्रशासन तक पहुंच गया था। इस मामले को लेकर सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी, जमशेदपुर ने किरीबुरू थाना प्रभारी को पत्र भेजकर स्थिति से अवगत कराया है।

विवाद की जड़
पत्र के अनुसार, दोनों गुरुद्वारों की अपनी-अपनी संचालन समितियां हैं।
- गुरुद्वारा सिंह सभा कमिटी के सहयोगी प्रमुख जगजीत सिंह गिल हैं।
- वहीं, कलगीधर गुरुद्वारा कमिटी के प्रमुख अवतार सिंह हैं।
लेकिन गुरुद्वारा सिंह सभा कमिटी द्वारा कलगीधर गुरुद्वारा में अनावश्यक हस्तक्षेप किया जाने लगा था। इससे जुड़ी शिकायत जगजीत सिंह गिल द्वारा सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी से पूर्व में की गई थी। जिसके बाद मध्यस्थता के प्रयास किए गए।
जमशेदपुर कार्यालय में बैठक
दिनांक 3 अगस्त को जगजीत सिंह गिल के आवेदन पर दोनों पक्षों की बैठक सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी के जमशेदपुर कार्यालय में हुई थी। इसमें दो मुद्दों पर विशेष चर्चा हुई थी—
- कलगीधर गुरुद्वारा का गोलक खोलना – इस पर विवाद बढ़ने पर जगजीत सिंह गिल ने अवतार सिंह से माफी मांगी।
- भाड़ेदार गीता कौर द्वारा किराया भुगतान का मुद्दा – गीता कौर ने किराया जगजीत सिंह को दिया था, जिसे कमिटी ने पूरी तरह गलत ठहराया। इस पर जगजीत सिंह गिल ने भरोसा दिलाया कि वह प्राप्त भाड़ा अवतार सिंह को सौंप देंगे।
संयम बरतने की अपील
कमिटी ने दोनों पक्षों को संयम बरतने की सलाह दी। दोनों कमिटी ने सेंट्रल कमिटी को किरीबुरू आने का शिष्टाचार निमंत्रण भी दिया था। सेंट्रल कमिटी भी इनका निमंत्रण स्वीकार किया था। इसके बाद भी विवाद जारी रहा और मामला किरीबुरू थाना पहुंचा था। इसके बाद ही सेंट्रल कमिटी ने किरीबुरू थाना प्रभारी को पत्र लिखा है।
स्वतंत्र निर्णय का अधिकार
सेंटर कमिटी के पत्र में साफ लिखा गया है कि दोनों पक्ष अपने-अपने गुरुद्वारा से संबंधित उचित निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र हैं।












