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शैक्षिक बदहाली के खिलाफ सड़कों पर छात्र, एआईडीएसओ ने कुलपति व उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन

On: March 24, 2026 8:59 AM
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कोल्हान विश्वविद्यालय में शिक्षक, संसाधन और बुनियादी सुविधाओं की कमी पर फूटा गुस्सा

रिपोर्ट शैलेश सिंह

ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन के बैनर तले छात्रों ने कोल्हान विश्वविद्यालय और जिले के स्कूल-कॉलेजों में व्याप्त शैक्षिक समस्याओं को लेकर जोरदार आवाज उठाई। छात्रों ने कुलपति महोदया और जिला उपायुक्त के नाम ज्ञापन सौंपते हुए व्यवस्था सुधार की मांग की।

स्थापना के बाद से ही समस्याओं का अंबार

छात्र प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि कोल्हान विश्वविद्यालय अपनी स्थापना के शुरुआती दौर से ही बुनियादी समस्याओं से जूझ रहा है। वर्षों बीत जाने के बावजूद इन समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है, जिससे छात्रों की पढ़ाई लगातार प्रभावित हो रही है।

शिक्षकों की भारी कमी, पढ़ाई पर असर

एआईडीएसओ ने अपनी प्रमुख मांगों में कहा कि विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध महाविद्यालयों में पर्याप्त संख्या में स्थायी शिक्षकों और कर्मचारियों की नियुक्ति की जाए। जब तक स्थायी नियुक्ति नहीं होती, तब तक अतिथि शिक्षकों की संख्या बढ़ाकर शिक्षण कार्य को सुचारू किया जाए।

पेयजल, शौचालय और बुनियादी सुविधाओं पर सवाल

छात्रों ने कॉलेजों में स्वच्छ पेयजल और साफ-सुथरे शौचालयों की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग उठाई। उनका कहना है कि बुनियादी सुविधाओं के अभाव में छात्र-छात्राओं को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

पुस्तकालय और लैब के आधुनिकीकरण की मांग

छात्रों ने पुस्तकालयों में सिलेबस के अनुसार अद्यतन पुस्तकों की उपलब्धता और हाई-स्पीड इंटरनेट की सुविधा देने पर जोर दिया। साथ ही, प्रयोगशालाओं में नियमित प्रायोगिक कक्षाओं के लिए पर्याप्त बिजली, आधुनिक उपकरण और लैब बॉय/डेमोंस्ट्रेटर की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।

ऑनलाइन एडमिशन सिस्टम पर उठाए सवाल

छात्र संगठन ने चांसलर पोर्टल के माध्यम से संचालित ऑनलाइन एडमिशन प्रणाली को बंद कर पुनः प्रत्यक्ष (डायरेक्ट) एडमिशन लागू करने की मांग रखी। उनका कहना है कि इससे विभागों में छात्र संख्या बढ़ेगी और प्रवेश प्रक्रिया अधिक सहज होगी।
निःशुल्क बस सेवा की भी मांग
छात्रों ने जिले के सभी छात्रों के लिए बसों में निःशुल्क यातायात सुविधा लागू करने की मांग की, ताकि दूर-दराज के छात्रों को शिक्षा प्राप्त करने में सहूलियत मिल सके।

चेतावनी – मांगें नहीं मानी गईं तो होगा बड़ा आंदोलन

एआईडीएसओ ने साफ चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो छात्र व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
राज्यपाल, मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को भी भेजी गई प्रति
ज्ञापन की प्रतिलिपि राज्यपाल, मुख्यमंत्री और झारखंड के शिक्षा मंत्री को भी भेजी गई है, ताकि इस गंभीर मुद्दे पर उच्च स्तर से हस्तक्षेप हो सके।

दर्जनों छात्रों की रही भागीदारी

इस दौरान प्रतिनिधिमंडल में राज्य उपाध्यक्ष रिंकी बंस्रिआर, जिला अध्यक्ष सगुन हांसदा, चाईबासा लोकल कमेटी के सचिव डेविड तमसोई, शुभाशीष प्रधान, अजय प्रजापति, सुचित्रा बानरा, जतिन दास, पांडु सिंह खूंटीआ, रघुनाथ, खुशी गोप सहित सैकड़ों छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर जिले की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन और विश्वविद्यालय प्रबंधन छात्रों की मांगों पर कितना संवेदनशील रुख अपनाते हैं या फिर आंदोलन की राह और तेज होती है।

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सिंहभूम हलचल न्यूज़ एक स्थानीय समाचार मंच है, जो पश्चिमी सिंहभूम, झारखंड से सटीक और समय पर समाचार प्रदान करने के लिए समर्पित है। यह राजनीति, अपराध, मौसम, संस्कृति और सामुदायिक मुद्दों को हिंदी में कवर करता है।

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